देहरादून –: मालदेवता कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव को लेकर हंगामा, बाहरी लोगों की एंट्री और शिक्षकों से कथित अभद्रता पर ABVP का विरोध।
देहरादून। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता, रायपुर में छात्रसंघ चुनाव को लेकर बुधवार को माहौल गरमा गया। कक्षाओं के अंदर छात्र-छात्राओं की गैदरिंग और बाहरी लोगों के महाविद्यालय परिसर में प्रवेश को लेकर ABVP कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।
ABVP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक के निर्देश के बावजूद NSUI के जिला अध्यक्ष प्रकाश सिंह नेगी सहित कुछ बाहरी लोगों को परिसर में बुलाया गया। आरोप है कि छात्र-छात्राओं को कक्षा के अंदर एकत्रित कर चुनावी गैदरिंग की जा रही थी।
मामले की सूचना मिलने पर प्रॉक्टर बोर्ड ने हस्तक्षेप करते हुए बाहरी व्यक्तियों को परिसर से बाहर जाने के लिए कहा। इसके बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। ABVP कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस दौरान NSUI जिला अध्यक्ष प्रकाश सिंह नेगी द्वारा कॉलेज के शिक्षकों और प्रशासन के साथ कथित रूप से अभद्र एवं असंयमित व्यवहार किया गया।
मामले को लेकर ABVP कार्यकर्ताओं शशांक सिंह और नन्दन सिंह सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य का घेराव कर आपत्ति दर्ज कराई और कॉलेज परिसर में अनुशासन बनाए रखने की मांग की।
NCC कैडेट्स को लेकर भी आरोप
ABVP ने आरोप लगाया कि NSUI से जुड़ी एक Senior NCC Cadet द्वारा नए NCC कैडेट्स को कथित रूप से NSUI की गैदरिंग में शामिल होने के लिए संदेश भेजे गए। एक कैडेट द्वारा गैदरिंग में शामिल होने से मना करने के बाद उसे अपनी Senior से मिलने के लिए बुलाए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
वहीं, एक NCC कैडेट ने कथित रूप से आरोप लगाया कि NSUI का समर्थन नहीं करने के कारण उसके साथ NCC में भेदभाव किया जा रहा है और उसे अतिरिक्त समय तक खड़ा किया जाता है। ABVP ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ABVP कार्यकर्ताओं का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, लेकिन चुनावी गतिविधियों के नाम पर कक्षाओं में व्यवधान, बाहरी लोगों की एंट्री या शिक्षकों के साथ कथित अभद्र व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सामने आए वीडियो की जांच तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
ABVP का कहना है कि महाविद्यालय शिक्षा और अनुशासन का केंद्र है और छात्रसंघ चुनाव के दौरान भी कॉलेज की गरिमा, शिक्षकों का सम्मान और विद्यार्थियों के अधिकारों से समझौता नहीं होना चाहिए।