मुरैना में मेडिकल स्टोरों पर बिना पर्चे बिक रही Pregacap 300, नशे के लिए इस्तेमाल का आरोप
मुरैना। शहर में मेडिकल स्टोरों पर डॉक्टर की सलाह और पर्चे के बिना दवाओं की बिक्री का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ मेडिकल स्टोर संचालक ऐसी दवाएं भी ग्राहकों को आसानी से उपलब्ध करा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार ही किया जाना चाहिए। इनमें Pregacap 300 कैप्सूल भी शामिल है। बताया जा रहा है कि कुछ युवा इस दवा का इस्तेमाल नशे के लिए कर रहे हैं। मामले में सोनू मेडिकल स्टोर एवं एजेंसी पर खुले में दवा देने का आरोप सामने आया है। इससे स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नसों के दर्द की दवा का नशे के लिए इस्तेमाल
Pregacap 300 कैप्सूल का उपयोग नसों से जुड़े दर्द जैसी समस्याओं के उपचार में किया जाता है। इसके सेवन से नींद, सुस्ती और चक्कर आने जैसे दुष्प्रभाव हो सकते हैं। दवा का गलत इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
आरोप है कि कुछ मेडिकल स्टोर संचालक डॉक्टर का पर्चा देखे बिना ही ग्राहकों को यह दवा उपलब्ध करा रहे हैं। युवाओं द्वारा इसका इस्तेमाल नशे के तौर पर किए जाने की बात भी सामने आ रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह दवाओं की बिक्री और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
4.50 लाख रुपये के नशीले इंजेक्शन पहले ही पकड़ चुकी है पुलिस
मुरैना में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस पहले ही बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। हाल ही में कोतवाली पुलिस ने नशीले इंजेक्शनों की बड़ी खेप पकड़ी थी। जब्त इंजेक्शनों की कीमत करीब 4 लाख 50 हजार रुपये बताई गई थी।
इस कार्रवाई के बाद अब मेडिकल स्टोरों पर बिना पर्चे दवाओं की बिक्री का मामला सामने आने से नशे के नेटवर्क को लेकर चिंता बढ़ गई है। सवाल यह है कि प्रतिबंधित या नियंत्रित दवाओं की बिक्री पर निगरानी के बावजूद ऐसी दवाएं युवाओं तक कैसे पहुंच रही हैं।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी का कहना है कि मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा डॉक्टर की सलाह और आवश्यक पर्चे के बिना ऐसी दवाएं बेचना गलत है। Pregacap 300 का उपयोग नसों के दर्द के उपचार में किया जाता है। इसके सेवन से नींद आने और नशे जैसा महसूस होने की शिकायत हो सकती है।
अधिकारी ने वीडियो में दिखाई दे रहे मेडिकल स्टोर की जांच कराने और अनियमितता मिलने पर संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।
मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच पर उठे सवाल
मुरैना में सामने आए इस मामले ने दवाओं की बिक्री पर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है। यदि मेडिकल स्टोरों पर बिना पर्चे ऐसी दवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, तो युवाओं को इनके दुरुपयोग से रोकना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग की जांच में क्या सामने आता है और क्या मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की बिक्री की नियमित निगरानी के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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