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ललन सिंह BUIDCO अधिकारी पर भड़के हमको मत सिखाइए | पाइप बिछा, पानी अब तक नहीं #LalanSingh #BUIDCO #WaterSupply #RoadWork ...

Bhabua, Kaimur | Feb 1, 2026

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समाहरणालय, कैमूर*
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जिला जनसम्पर्क कार्यालय*
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प्रेस विज्ञप्ति*

दिनांक 04.08.2026*
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माँ मुंडेश्वरी मंदिर के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार एवं इको-टूरिज्म विकास हेतु उच्चस्तरीय टीम का व्यापक निरीक्षण
कैमूर जिले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन माँ मुंडेश्वरी मंदिर के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार तथा आसपास के क्षेत्र में इको-टूरिज्म के समग्र विकास के उद्देश्य से गठित उच्चस्तरीय समिति ने आज दिनांक 04 अगस्त, 2026 को मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के दिशा-निर्देशों एवं वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप मंदिर के संरक्षण एवं समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उच्चस्तरीय टीम में विकास आयुक्त, बिहार श्री मिहिर कुमार सिंह (भा.प्र.से.), कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार के सचिव श्री प्रणव कुमार, जिला पदाधिकारी, कैमूर, उप विकास आयुक्त, कैमूर, वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ), कैमूर तथा मंदिर न्यास समिति के प्रतिनिधि शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान पुरातत्व एवं विरासत संरक्षण के क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. मोहम्मद के.के. (पूर्व क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण), कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रजत सन्याल तथा बिहार विरासत विकास समिति के प्रो. अनिल कुमार भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के क्रम में मंदिर की वर्तमान संरचनात्मक स्थिति, संरक्षण संबंधी आवश्यकताओं तथा वैज्ञानिक जीर्णोद्धार की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं का भी आकलन किया गया।
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि छठी शताब्दी का यह प्राचीन मंदिर न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि अपनी अद्वितीय स्थापत्य कला, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्ता के कारण राष्ट्रीय धरोहर के रूप में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। भविष्य में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की संभावनाओं पर भी गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि यह क्षेत्र कोलकाता-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित होने के कारण पर्यटन विकास की दृष्टि से अत्यंत अनुकूल स्थिति में है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को पूर्णतः सुरक्षित रखते हुए आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाए, जिससे स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
इस अवसर पर कैमूर जिले के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों—अधौरा, तेलहार कुंड एवं वन क्षेत्रों—के समेकित विकास की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। घने वन क्षेत्रों एवं प्राकृतिक सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने, पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु व्यापक कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति व्यक्त की गई।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि माँ मुंडेश्वरी मंदिर के संरक्षण, विरासत संवर्धन तथा सतत पर्यटन विकास के बीच समुचित संतुलन स्थापित करते हुए सभी विकास कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मानकों एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संपादित किए जाएंगे।
यह निरीक्षण माँ मुंडेश्वरी मंदिर के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ कैमूर जिले को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल है।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय, कैमूर* ================= जिला जनसम्पर्क कार्यालय* ================== प्रेस विज्ञप्ति* दिनांक 04.08.2026* ================= माँ मुंडेश्वरी मंदिर के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार एवं इको-टूरिज्म विकास हेतु उच्चस्तरीय टीम का व्यापक निरीक्षण कैमूर जिले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन माँ मुंडेश्वरी मंदिर के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार तथा आसपास के क्षेत्र में इको-टूरिज्म के समग्र विकास के उद्देश्य से गठित उच्चस्तरीय समिति ने आज दिनांक 04 अगस्त, 2026 को मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के दिशा-निर्देशों एवं वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप मंदिर के संरक्षण एवं समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उच्चस्तरीय टीम में विकास आयुक्त, बिहार श्री मिहिर कुमार सिंह (भा.प्र.से.), कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार के सचिव श्री प्रणव कुमार, जिला पदाधिकारी, कैमूर, उप विकास आयुक्त, कैमूर, वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ), कैमूर तथा मंदिर न्यास समिति के प्रतिनिधि शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान पुरातत्व एवं विरासत संरक्षण के क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. मोहम्मद के.के. (पूर्व क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण), कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रजत सन्याल तथा बिहार विरासत विकास समिति के प्रो. अनिल कुमार भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के क्रम में मंदिर की वर्तमान संरचनात्मक स्थिति, संरक्षण संबंधी आवश्यकताओं तथा वैज्ञानिक जीर्णोद्धार की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं का भी आकलन किया गया। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि छठी शताब्दी का यह प्राचीन मंदिर न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि अपनी अद्वितीय स्थापत्य कला, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्ता के कारण राष्ट्रीय धरोहर के रूप में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। भविष्य में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की संभावनाओं पर भी गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में यह भी बताया गया कि यह क्षेत्र कोलकाता-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित होने के कारण पर्यटन विकास की दृष्टि से अत्यंत अनुकूल स्थिति में है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को पूर्णतः सुरक्षित रखते हुए आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाए, जिससे स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। इस अवसर पर कैमूर जिले के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों—अधौरा, तेलहार कुंड एवं वन क्षेत्रों—के समेकित विकास की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। घने वन क्षेत्रों एवं प्राकृतिक सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने, पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु व्यापक कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति व्यक्त की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि माँ मुंडेश्वरी मंदिर के संरक्षण, विरासत संवर्धन तथा सतत पर्यटन विकास के बीच समुचित संतुलन स्थापित करते हुए सभी विकास कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मानकों एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संपादित किए जाएंगे। यह निरीक्षण माँ मुंडेश्वरी मंदिर के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ कैमूर जिले को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल है। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Kaimur, Bihar | Aug 4, 2026

Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Kaimur, Bihar | Aug 2, 2026

Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Kaimur, Bihar | Aug 2, 2026

Kaimur, Bihar | Jul 30, 2026

समाहरणालय, कैमूर*
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जिला जनसम्पर्क कार्यालय*
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प्रेस विज्ञप्ति*

दिनांक 25.07.2026*
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"सेवा संकल्प एवं समर्पण के 100 दिन" कार्यक्रम का हुआ लाइव प्रसारण, जिला पदाधिकारी ने लाभुकों को सौंपा बंदोबस्त पर्चा

राज्य सरकार के "सेवा संकल्प एवं समर्पण के 100 दिन" पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर आज कैमूर जिले में जिला स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का लाईव प्रसारण जिले के लिच्छवि भवन, कैमूर(भभुआ) में किया गया । 

​कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी, कैमूर द्वारा की गई, जिसमें जिले के वरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लाभुक उपस्थित रहे।

उपस्थित अधिकारियों एवं लाभुकों ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम का लाईव प्रसारण देखा और सरकार द्वारा पिछले 100 दिनों में जनहित में किए गए कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

लाईव प्रसारण के उपरांत, जिला पदाधिकारी द्वारा जिले के चिन्हित भूमिहीन एवं पात्र लाभुकों को 'बंदोबस्त पर्चा' (भूमि अधिकार पत्र) का वितरण किया गया।

पर्चा वितरण के दौरान जिला पदाधिकारी ने लाभुकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि "सेवा संकल्प एवं समर्पण" अभियान के तहत प्रशासन अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। भूमिहीनों को बंदोबस्त पर्चा उपलब्ध कराना इसी संकल्प का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे उन्हें समाज में एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त होगा।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, राजस्व शाखा के सभी संबंधित अधिकारी/कर्मी और बंदोबस्त पर्चा प्राप्त करने वाले लाभुक मौजूद थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय, कैमूर* ================= जिला जनसम्पर्क कार्यालय* ================== प्रेस विज्ञप्ति* दिनांक 25.07.2026* ================== "सेवा संकल्प एवं समर्पण के 100 दिन" कार्यक्रम का हुआ लाइव प्रसारण, जिला पदाधिकारी ने लाभुकों को सौंपा बंदोबस्त पर्चा राज्य सरकार के "सेवा संकल्प एवं समर्पण के 100 दिन" पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर आज कैमूर जिले में जिला स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का लाईव प्रसारण जिले के लिच्छवि भवन, कैमूर(भभुआ) में किया गया । ​कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी, कैमूर द्वारा की गई, जिसमें जिले के वरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लाभुक उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों एवं लाभुकों ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम का लाईव प्रसारण देखा और सरकार द्वारा पिछले 100 दिनों में जनहित में किए गए कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। लाईव प्रसारण के उपरांत, जिला पदाधिकारी द्वारा जिले के चिन्हित भूमिहीन एवं पात्र लाभुकों को 'बंदोबस्त पर्चा' (भूमि अधिकार पत्र) का वितरण किया गया। पर्चा वितरण के दौरान जिला पदाधिकारी ने लाभुकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि "सेवा संकल्प एवं समर्पण" अभियान के तहत प्रशासन अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। भूमिहीनों को बंदोबस्त पर्चा उपलब्ध कराना इसी संकल्प का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे उन्हें समाज में एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त होगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, राजस्व शाखा के सभी संबंधित अधिकारी/कर्मी और बंदोबस्त पर्चा प्राप्त करने वाले लाभुक मौजूद थे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Kaimur, Bihar | Jul 25, 2026