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गया टाउन सीडी ब्लॉक: जिला विधिक सेवा प्राधिकार कि तरफ से PLV के द्वारा आजाद पार्क और कई जगह पे कोरोना वायरस के बारे में जानकारी देते हुए

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Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 8, 2026

इंजरी रिपोर्ट के नाम पर रिश्वतखोरी का आरोप! वायरल वीडियो से मचा बवाल, स्वास्थ्य विभाग पर उठे बड़े सवाल

गया/इमामगंज। गया जिले के इमामगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इंजरी रिपोर्ट (चोट प्रतिवेदन) बनाने के एवज में रिश्वत लेने के गंभीर आरोप सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पीड़िता महिला रेखा देवी ने केंद्र के एक चिकित्सक गुलजार अहमद पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, कथित लेन-देन से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि इंजरी रिपोर्ट देने के एवज में पैसे लिया जा रहा है। 

मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, हाल ही में क्षेत्र में हुई एक मारपीट की घटना में कुछ लोग घायल हो गए थे। पीड़िता महिला रेखा देवी को पुलिस केस और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए इंजरी रिपोर्ट की आवश्यकता थी। आरोप है कि जब वे रिपोर्ट बनवाने के लिए इमामगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो उनसे रिपोर्ट जारी करने के बदले गुलजार अहमद ने पैसे की मांग की। पीड़िता महिला रेखा देवी का कहना है कि उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, जिसके बाद उन्हें लगातार दो दिनों तक रिपोर्ट के लिए इंतजार कराया गया। बार-बार चक्कर लगाने और रिपोर्ट नहीं मिलने से परेशान होकर उन्होंने इस मामले की जानकारी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के स्थानीय नेताओं को दी। बताया जाता है कि पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष रामप्रीत भारती ने मामले को गंभीरता से लिया और पीड़ितों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां संबंधित चिकित्सक से बातचीत की गई और रिपोर्ट जारी करने में हो रही देरी पर सवाल उठाए गए।

आरोप है कि बातचीत के बाद भी रिपोर्ट जारी नहीं की गई और अंततः 1500 रुपये दिए जाने के बाद इंजरी रिपोर्ट तैयार की गई। पीड़िता महिला रेखा देवी का दावा है कि पूरे घटनाक्रम का वीडियो उनके पास मौजूद है, जिसमें गुलजार अहमद को पैसे लेन-देन और संबंधित बातचीत के दृश्य रिकॉर्ड हैं। इसी वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा से मामला और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आम लोगों को मुफ्त और पारदर्शी सेवाएं मिलनी चाहिए। यदि इंजरी रिपोर्ट जैसी कानूनी रूप से महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए भी लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि गरीब और जरूरतमंद लोगों के अधिकारों पर भी सीधा प्रहार है।

क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी अपनी कार्यप्रणाली की समीक्षा करनी चाहिए और ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे मरीजों और पीड़ितों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

वहीं, इस पूरे मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रजनीश कुमार का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में आरोपों पर उनका पक्ष सामने नहीं आ पाया है। फिलहाल, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वे इस मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाते हैं या नहीं।
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इंजरी रिपोर्ट के नाम पर रिश्वतखोरी का आरोप! वायरल वीडियो से मचा बवाल, स्वास्थ्य विभाग पर उठे बड़े सवाल गया/इमामगंज। गया जिले के इमामगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इंजरी रिपोर्ट (चोट प्रतिवेदन) बनाने के एवज में रिश्वत लेने के गंभीर आरोप सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पीड़िता महिला रेखा देवी ने केंद्र के एक चिकित्सक गुलजार अहमद पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, कथित लेन-देन से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि इंजरी रिपोर्ट देने के एवज में पैसे लिया जा रहा है। मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, हाल ही में क्षेत्र में हुई एक मारपीट की घटना में कुछ लोग घायल हो गए थे। पीड़िता महिला रेखा देवी को पुलिस केस और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए इंजरी रिपोर्ट की आवश्यकता थी। आरोप है कि जब वे रिपोर्ट बनवाने के लिए इमामगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो उनसे रिपोर्ट जारी करने के बदले गुलजार अहमद ने पैसे की मांग की। पीड़िता महिला रेखा देवी का कहना है कि उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, जिसके बाद उन्हें लगातार दो दिनों तक रिपोर्ट के लिए इंतजार कराया गया। बार-बार चक्कर लगाने और रिपोर्ट नहीं मिलने से परेशान होकर उन्होंने इस मामले की जानकारी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के स्थानीय नेताओं को दी। बताया जाता है कि पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष रामप्रीत भारती ने मामले को गंभीरता से लिया और पीड़ितों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां संबंधित चिकित्सक से बातचीत की गई और रिपोर्ट जारी करने में हो रही देरी पर सवाल उठाए गए। आरोप है कि बातचीत के बाद भी रिपोर्ट जारी नहीं की गई और अंततः 1500 रुपये दिए जाने के बाद इंजरी रिपोर्ट तैयार की गई। पीड़िता महिला रेखा देवी का दावा है कि पूरे घटनाक्रम का वीडियो उनके पास मौजूद है, जिसमें गुलजार अहमद को पैसे लेन-देन और संबंधित बातचीत के दृश्य रिकॉर्ड हैं। इसी वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा से मामला और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आम लोगों को मुफ्त और पारदर्शी सेवाएं मिलनी चाहिए। यदि इंजरी रिपोर्ट जैसी कानूनी रूप से महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए भी लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि गरीब और जरूरतमंद लोगों के अधिकारों पर भी सीधा प्रहार है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी अपनी कार्यप्रणाली की समीक्षा करनी चाहिए और ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे मरीजों और पीड़ितों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, इस पूरे मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रजनीश कुमार का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में आरोपों पर उनका पक्ष सामने नहीं आ पाया है। फिलहाल, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वे इस मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाते हैं या नहीं। #GayaPolice #gayakepublic #viralreels #GayaNews #viralreelsシ #CHC #hospital

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