बछवाड़ा प्रखंड अंतर्गत कादराबाद पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय मजोसडीह में छात्र-छात्राएं खतरनाक परिस्थितियों में पढ़ने को विवश हैं और उन्हें जहरीले सांपों का खतरा बना रहता है।
साथ ही, सैकड़ो छात्र-छात्राएं अपने गांव में विद्यालय का निर्माण कार्य संपन्न नहीं होने के कारण प्रतिदिन एक से डेढ़ किलोमीटर का सफर तय कर स्कूल जाने को मजबूर हैं और इन छात्रों को रास्ते में आने-जाने में दिक्कतें और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग का इस और कोई ध्यान नहीं है।
विद्यालय में कुल चार कमरे हैं। इनमें से एक कमरे का उपयोग कार्यालय के लिए, जबकि एक का उपयोग मध्याह्न भोजन के लिए होता है। शेष दो कमरों में ही पढ़ाई संचालित होती है।
प्राथमिक विद्यालय में 221 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि इसके अतिरिक्त, अरवा पंचायत स्थित मध्य विद्यालय अरवा नवीन के 181 छात्र-छात्राएं भी पिछले डेढ़ वर्षों से इसी विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। जगह की कमी के कारण बच्चों को फर्श पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
प्राथमिक विद्यालय में 6 शिक्षिका और एक शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि मध्य विद्यालय में दो शिक्षिका, एक शारीरिक शिक्षक और प्रधानाध्यापक संजय कुमार सुमन कार्यरत हैं।
मध्य विद्यालय अरवा नवीन के बच्चों को एक पंचायत से दूसरे पंचायत में एक से डेढ़ किलोमीटर सुनसान और जर्जर सड़क के रास्ते विद्यालय पहुंचना पड़ता है। इस दौरान छात्र-छात्राओं को काफी दिक्कते होती है।
ज्ञात हो कि, बिहार शिक्षा परियोजना के तहत मध्य विद्यालय अरवा नवीन में भवन निर्माण कार्य पिछले डेढ़ वर्षो से चल रहा है, जो निर्माण कार्य संवेदक द्वारा धीमी गति से किया जा रहा है। साथ ही, परियोजना स्थल पर कोई योजना बोर्ड नहीं लगाया गया है और कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं है।
स्थानीय मुकेश पासवान, रमेश पासवान, इंद्रजीत कुमार, अमित कुमार, प्रीतम कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्षों से संवेदक द्वारा कार्य में अनावश्यक देरी की जा रही है। कई दफा संवेदक से कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया है, लेकिन निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। जिसके कारण बच्चों को एक पंचायत से दूसरे पंचायत में पढ़ने के लिए मजबूरन जाना पड़ता है और इस दरमियान अनहोनी का डर बना रहता है।
छात्र-छात्राएं चंचल कुमारी, आयुष कुमार, अभिषेक कुमार, गौतम कुमार और छोटू कुमार सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने बताया कि स्कूल परिसर और उसके आसपास विषैले सांप घूमते रहते हैं, जिससे उनमें डर बना रहता है। छात्रों का कहना है कि यदि उनके गांव में विद्यालय का निर्माण कार्य समय पर पूरा हो जाता, तो उन्हें इतनी दूर नहीं आना पड़ता।
छात्रों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें हर दिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उनकी पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित होती हैं। वे चाहते हैं कि उनके गांव के विद्यालय का निर्माण जल्द से जल्द पूरा हो, ताकि वे अपने ही गांव में शिक्षा प्राप्त कर सकें।
इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) संजीव कुमार यादव से मोबाइल पर संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही विद्यालय का निरीक्षण करेंगे एवं इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजेंगे और इस मामले पर अभिलंब संज्ञान लिया जाएगा।
Bachhwara, Begusarai | Jul 17, 2026