आजीविका-जीविका मर्जर के 2 साल बीतने के बाद: 6 महीने से वेतन गायब, आर्थिक तंगी से कर्मचारी परेशान! बिहार में 'आजीविका' (Aajeevika) को 'जीविका' (Jeevika) में मर्ज हुए दो साल बीत चुके हैं। शुरुआत में उम्मीद जगी थी, कुछ दिन तक वेतन भी मिला, लेकिन पिछले 6 महीनों से जो तस्वीर सामने आई है वो बेहद दर्दनाक है। जीविका में शामिल किए गए आजीविका कर्मचारियों को बीते आधा साल से ₹1 की पेमेंट भी नहीं मिली है!मर्जर के नाम पर कर्मचारियों को न केवल अधर में छोड़ दिया गया, बल्कि आज वे और उनके परिवार भयंकर आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घर के राशन तक के लाले पड़े हैं।📢 न्याय की गुहार लेकर पहुंचे नेताओं के द्वार!इस गंभीर समस्या को लेकर पीड़ित कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदेश के नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा और अरवल (214 विधानसभा) के माननीय विधायक मनोज कुमार शर्मा को आवेदन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।अब देखना यह है कि सुशासन सरकार और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि इन लाचार कर्मचारियों की सुध कब लेते हैं? क्या इन्हें इनका हक मिलेगा या फाइलों के चक्कर में ये यूं ही पिसते रहेंगे?👉 कर्मचारियों के हक में इस आवाज को बुलंद करें और शेयर करें।#BiharNews #Jeevika #AajeevikaEmployees #NitishMishra #ManojKumarSharma #ArwalNews #BiharGovernment #EmployeeRights #SocialJustice
Arwal, Arwal | Jun 20, 2026