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⚡ विद्युत संरचनाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर, निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन सतर्क बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि किसानों, विद्यार्थियों, उद्योगों, अस्पतालों और प्रत्येक नागरिक के दैनिक जीवन की मूलभूत आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से आज मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विद्युत संरचनाओं की सुरक्षा, चोरी की रोकथाम तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में औरंगाबाद जिले का प्रतिनिधित्व जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) एवं पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने किया। उनके साथ उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री गौरव सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी दाउदनगर श्री अमित राजन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री श्वेतांक लाल, सिविल सर्जन एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान बताया गया कि कृषि फीडर, 33 केवी एवं 11 केवी विद्युत लाइन, वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर), एल.टी. ए.बी. केबल, कंडक्टर एवं अन्य विद्युत संरचनाओं की चोरी अथवा क्षति से विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, सरकारी राजस्व की हानि होती है, मरम्मत कार्य में अतिरिक्त समय एवं संसाधन खर्च होते हैं तथा किसानों एवं आम उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राज्य स्तर पर अब तक 1,228 स्थलों पर विद्युत संरचनाओं की क्षति दर्ज की गई है तथा 798 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। इस दौरान लगभग 42 किलोमीटर 33 केवी लाइन, 2,748 किलोमीटर 11 केवी लाइन तथा 1,177 किलोमीटर एल.टी. ए.बी. केबल क्षतिग्रस्त अथवा चोरी से प्रभावित हुई है। वहीं 1,680 वितरण ट्रांसफार्मर कॉयल अथवा तेल चोरी के कारण प्रभावित हुए हैं। 📍 औरंगाबाद जिले की स्थिति ✔️ विद्युत संरचना क्षति के केवल 02 स्थल चिन्हित। ✔️ 02 प्राथमिकी दर्ज। ✔️ लगभग 3.70 किलोमीटर 11 केवी विद्युत लाइन एवं 02 किलोमीटर एल.टी. ए.बी. केबल प्रभावित। ✔️ ट्रांसफार्मर की कॉयल अथवा तेल चोरी की एक भी घटना दर्ज नहीं, जो जिले में सतत निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई का सकारात्मक संकेत है। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्युत विभाग एवं पुलिस प्रशासन के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करते हुए चोरी प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्ती, सतत निगरानी तथा विशेष चौकसी सुनिश्चित की जाए। साथ ही दर्ज प्राथमिकी का त्वरित अनुसंधान, प्रभावी अभियोजन एवं संगठित गिरोहों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में विद्युत अवसंरचनाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। विद्युत संरचनाओं की चोरी अथवा क्षति की किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा विद्युत विभाग एवं पुलिस प्रशासन के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले के प्रत्येक उपभोक्ता को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होती रहे। ⚡ सुरक्षित विद्युत संरचना — निर्बाध बिजली आपूर्ति की गारंटी। जनसहयोग और प्रशासन की सतर्कता से ही सुरक्षित रहेगा हमारा विद्युत तंत्र। #Aurangabad #Bihar #DistrictAdministration #Electricity #PowerInfrastructure #PowerSecurity #PublicService #GoodGovernance #AbhilashaSharma #जनहित #विद्युतसुरक्षा #बिहार Information & Public Relations Department, Government of Bihar CMO Bihar

88 views | Aurangabad, Bihar | Jul 27, 2026

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लोकसभा में गूंजा NEET पेपर लीक का मुद्दा, सांसद अभय कुशवाहा ने छात्रों की FIR रद्द करने और मृतक छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ मुआवजे की उठाई मांग

लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान औरंगाबाद के सांसद अभय कुशवाहा ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की विफलता को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल सजा और जुर्माने का प्रावधान बढ़ा देने से सरकार अपनी नाकामियों को नहीं छिपा सकती। संसद में उन्होंने करोड़ों युवाओं की आवाज़ उठाते हुए NEET पेपर लीक प्रकरण के कारण जान गंवाने वाले 21 मेधावी छात्रों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

सांसद अभय कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है। बार-बार पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। ऐसे में सरकार को केवल कठोर दंड का कानून बनाने के बजाय परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।

उन्होंने सदन के माध्यम से मांग की कि अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे औरंगाबाद सहित देशभर के छात्रों पर दर्ज सभी FIR तत्काल वापस ली जाए। उनका कहना था कि छात्रों ने अपने भविष्य और न्याय की मांग को लेकर आवाज़ उठाई थी, इसलिए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को समाप्त किया जाना चाहिए।

सांसद ने यह भी मांग की कि NEET पेपर लीक मामले से जुड़े उन 21 छात्रों के परिजनों को, जिन्होंने इस घटना के कारण अपनी जान गंवाई, सरकार 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दे।उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि छात्रों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की नैतिक जिम्मेदारी भी है।

अभय कुशवाहा ने शिक्षा क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में शिक्षा का बजट लगातार कम किया जा रहा है, जबकि विभिन्न शिक्षण संस्थानों में 10 लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो देश के युवाओं का भविष्य गंभीर संकट में पड़ जाएगा।

उन्होंने सरकार से मांग की कि 'लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026' को जल्दबाजी में पारित करने के बजाय संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा जाए, ताकि विधेयक की कमियों की गहन समीक्षा हो सके और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किए जा सकें।

अपने संबोधन के अंत में सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि युवाओं के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षित भविष्य के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

लोकसभा में गूंजा NEET पेपर लीक का मुद्दा, सांसद अभय कुशवाहा ने छात्रों की FIR रद्द करने और मृतक छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ मुआवजे की उठाई मांग लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान औरंगाबाद के सांसद अभय कुशवाहा ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की विफलता को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल सजा और जुर्माने का प्रावधान बढ़ा देने से सरकार अपनी नाकामियों को नहीं छिपा सकती। संसद में उन्होंने करोड़ों युवाओं की आवाज़ उठाते हुए NEET पेपर लीक प्रकरण के कारण जान गंवाने वाले 21 मेधावी छात्रों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। सांसद अभय कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है। बार-बार पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। ऐसे में सरकार को केवल कठोर दंड का कानून बनाने के बजाय परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने सदन के माध्यम से मांग की कि अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे औरंगाबाद सहित देशभर के छात्रों पर दर्ज सभी FIR तत्काल वापस ली जाए। उनका कहना था कि छात्रों ने अपने भविष्य और न्याय की मांग को लेकर आवाज़ उठाई थी, इसलिए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को समाप्त किया जाना चाहिए। सांसद ने यह भी मांग की कि NEET पेपर लीक मामले से जुड़े उन 21 छात्रों के परिजनों को, जिन्होंने इस घटना के कारण अपनी जान गंवाई, सरकार 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दे।उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि छात्रों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की नैतिक जिम्मेदारी भी है। अभय कुशवाहा ने शिक्षा क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में शिक्षा का बजट लगातार कम किया जा रहा है, जबकि विभिन्न शिक्षण संस्थानों में 10 लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो देश के युवाओं का भविष्य गंभीर संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि 'लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026' को जल्दबाजी में पारित करने के बजाय संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा जाए, ताकि विधेयक की कमियों की गहन समीक्षा हो सके और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किए जा सकें। अपने संबोधन के अंत में सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि युवाओं के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षित भविष्य के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Deo, Aurangabad | Jul 28, 2026

जन सुराज ने इस वीडियो को जारी किया है

जन सुराज ने इस वीडियो को जारी किया है

Deo, Aurangabad | Jul 28, 2026

सुबह-सुबह चैन स्नैचिंग से औरंगाबाद दहशत, घर के बाहर खड़े व्यक्ति के गले से सोने की चेन छीनकर फरार हुए बदमाश

औरंगाबाद जिले के नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक बार फिर अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए दिनदहाड़े चैन स्नैचिंग की घटना को अंजाम दिया है। यह घटना कथरुआ गांव के सामने की है, जहां दो बाइक सवार बदमाशों ने एक व्यक्ति के गले से सोने की चेन झपट ली और फरार हो गए। पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद होने की बात सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित रंजीत सिंह मंगलवार की सुबह करीब 6 बजे रोज की तरह अपने घर से पशुओं को बाहर निकालकर उन्हें चारा खिलाने के बाद दरवाजे पर खड़े थे। इसी दौरान दो संदिग्ध युवक एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर उनके घर के पास पहले से ही खड़े थे और मौके की तलाश में नजर रखे हुए थे। कुछ देर बाद जैसे ही रंजीत सिंह सड़क की ओर बढ़े, तभी पीछे से आए एक बदमाश ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन खींच ली। घटना के बाद रंजीत सिंह ने शोर मचाते हुए बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन दूसरा युवक पहले से ही मोटरसाइकिल स्टार्ट कर तैयार खड़ा था। दोनों अपराधी तेजी से मोटरसाइकिल पर सवार होकर जशोईया की ओर फरार हो गए। पीड़ित और स्थानीय लोगों ने काफी दूर तक पीछा किया, लेकिन अपराधी हाथ नहीं आए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह के समय हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि संदिग्ध बदमाश घटना से पहले ही इलाके में घूमते हुए सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिए हैं। अब पुलिस इन फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाए, ताकि क्षेत्र में लोगों के बीच सुरक्षा का विश्वास कायम रह सके।

सुबह-सुबह चैन स्नैचिंग से औरंगाबाद दहशत, घर के बाहर खड़े व्यक्ति के गले से सोने की चेन छीनकर फरार हुए बदमाश औरंगाबाद जिले के नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक बार फिर अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए दिनदहाड़े चैन स्नैचिंग की घटना को अंजाम दिया है। यह घटना कथरुआ गांव के सामने की है, जहां दो बाइक सवार बदमाशों ने एक व्यक्ति के गले से सोने की चेन झपट ली और फरार हो गए। पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद होने की बात सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित रंजीत सिंह मंगलवार की सुबह करीब 6 बजे रोज की तरह अपने घर से पशुओं को बाहर निकालकर उन्हें चारा खिलाने के बाद दरवाजे पर खड़े थे। इसी दौरान दो संदिग्ध युवक एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर उनके घर के पास पहले से ही खड़े थे और मौके की तलाश में नजर रखे हुए थे। कुछ देर बाद जैसे ही रंजीत सिंह सड़क की ओर बढ़े, तभी पीछे से आए एक बदमाश ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन खींच ली। घटना के बाद रंजीत सिंह ने शोर मचाते हुए बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन दूसरा युवक पहले से ही मोटरसाइकिल स्टार्ट कर तैयार खड़ा था। दोनों अपराधी तेजी से मोटरसाइकिल पर सवार होकर जशोईया की ओर फरार हो गए। पीड़ित और स्थानीय लोगों ने काफी दूर तक पीछा किया, लेकिन अपराधी हाथ नहीं आए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह के समय हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि संदिग्ध बदमाश घटना से पहले ही इलाके में घूमते हुए सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिए हैं। अब पुलिस इन फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाए, ताकि क्षेत्र में लोगों के बीच सुरक्षा का विश्वास कायम रह सके।

Deo, Aurangabad | Jul 28, 2026

पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने भाजपा प्रत्याशी के लिए बांकीपुर उप चुनाव में मांगा वोट

पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने भाजपा प्रत्याशी के लिए बांकीपुर उप चुनाव में मांगा वोट

Deo, Aurangabad | Jul 28, 2026

रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय में फैले शैक्षणिक अराजकता, व्याप्त भ्रष्टाचार व तथा बिहार सरकार, राजभवन के आदेश के बावजूद छात्रों से अवैध शुल्क वसूली के ख़िलाफ़ एबीवीपी का महाविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया प्राचार्य का घेराव विरोध प्रदर्शन व छात्र हित को देखते हुए झुका झुका महाविद्यालय प्रशासन इंटर्नशिप के रजिस्ट्रेशन पर रोक का फैसला, व लिए लिए जा रहे शुल्क को वापस करेगी महाविद्यालय।

मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद औरंगाबाद द्वारा मंगलवार को महाविद्यालय में फैले शैक्षणिक अराजकता, व्याप्त भ्रष्टाचार, छात्रों से इंटर्नशिप, नामांकन के नाम पर, मार्कशीट, माइग्रेशन, सीएलसी के नाम पर लगातार अवैध वसूली के खिलाफ महाविद्यालय में सैकड़ों छात्र छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का घेराव किया गया आंदोलन का नेतृत्व परिषद के कार्यकर्ता सुश्री अदिति सिंह ने किया. विरोध प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ नारेबाजी करते हुए प्रचार कक्ष तक पहुंच कर अपनी मांगों को रखा एबीवीपी के जिला संयोजक प्रभात कुमार ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से महाविद्यालय में शैक्षणिक अराजकता चरम पर है। समय पर क्लास नहीं लगना, सिलेबस अधूरा रहना, परीक्षा परिणामों में देरी और छात्रों की समस्याओं को अनसुना करना आम बात हो गई है। इसके साथ ही इंटर्नशिप और एडमिशन के नाम पर छात्रों से अवैध वसूली का गोरखधंधा भी चल रहा है। इन सारी समस्याओं को लेकर आज अखिल भारती विद्यार्थी परिषद के द्वारा इस आंदोलन के मध्यम से महाविद्यालय प्रशासन को अवगत करवाया गया है कि महाविद्यालय में प्रवेश परीक्षा परिणाम में लगातार आ रही अराजकता और छात्रों से वसूली की समस्या को महाविद्यालय प्राचार्य के समक्ष प्रदर्शन के मध्यम से रखा गया जिसे छात्र हित को ध्यान में रखते हुए महा विद्यालय प्रशासन छात्रों के आगे झुका और तत्काल इंटर्नशिप को स्थगित करने का निर्णय लिया गया और नामांकन के नाम पर हो रही अवैध सूली को रोक करने के लिए पत्र निर्गत किया गया वही परिषद के पूर्व जिला संयोजक अभय कुमार ने बताया की यह आंदोलन उन सभी महा विद्यालय को चेतावनी है कि 
विभिन्न महाविद्यालय से मिल रही शिकायत को संज्ञान लेते हुए पूर्व में दिए गए ज्ञान पर त्वरित करवाई की जाए अन्यथा चरणबद्ध तरीक़े से जिले के सभी महाविद्यालय में विद्यार्थी परिषद छात्र हित को ध्यान में रखते हुए उग्र प्रदर्शन करेगी जिसकी सारी ज़िम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी 
एबीवीपी की प्रमुख माँग 

शैक्षणिक अराजकता: नियमित कक्षाओं का न लगना, योग्य शिक्षकों की कमी और लैब-लाइब्रेरी की बदहाल स्थिति।
भ्रष्टाचार: विभिन्न प्रमाण पत्रों, TC, मार्कशीट में देरी के नाम पर कर्मचारियों द्वारा पैसे की मांग।
अवैध वसूली: इंटर्नशिप दिलाने के नाम पर 500 से 1000 रुपये तक की मांग। एडमिशन के समय कैपिटेशन फीस वसूली।
पारदर्शिता का अभाव: इंटर्नशिप कंपनियों की कोई आधिकारिक सूची नहीं। मेरिट की जगह पैसे के आधार पर सीटों का आवंटन।
नगर सह मंत्री अतुल कुमार ने बताया कि "शिक्षा को व्यापार बनाने का यह खेल अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्र अपना भविष्य बनाने कॉलेज आते हैं, दलालों की जेब भरने नहीं। 
एबीवीपी की प्रमुख मांगें:
इंटर्नशिप को 100% निःशुल्क किया जाए और सभी कंपनियों की सूची सार्वजनिक हो।
एडमिशन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए और अवैध वसूली में शामिल लोगों पर कार्रवाई हो।
शैक्षणिक कैलेंडर का सख्ती से पालन हो और खाली पदों पर तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति हो।
छात्रों की शिकायतों के निवारण के लिए हेल्पडेस्क और कमेटी का गठन हो।
ABVP ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने सकारात्मक पहल नहीं की तो आगामी दिनों में महाविद्यालय और उग्र प्रदर्शन को बाध्य होगा जिसका ज़िमेदार स्वयं महा विद्यालय होगा 
प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों छात्र के साथ विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता गोल्डी सिंह, प्रीति कुमारी , रुद्र प्रताप सिंह, निशांत तिवारी, विकास, कौशल, खड़क, रोहित सिंह, आलोक कुमार अंकुश कुमार, सान्याल राजपूत, व अन्य कार्यकर्ता उपस्तिथ रहे।

रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय में फैले शैक्षणिक अराजकता, व्याप्त भ्रष्टाचार व तथा बिहार सरकार, राजभवन के आदेश के बावजूद छात्रों से अवैध शुल्क वसूली के ख़िलाफ़ एबीवीपी का महाविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया प्राचार्य का घेराव विरोध प्रदर्शन व छात्र हित को देखते हुए झुका झुका महाविद्यालय प्रशासन इंटर्नशिप के रजिस्ट्रेशन पर रोक का फैसला, व लिए लिए जा रहे शुल्क को वापस करेगी महाविद्यालय। मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद औरंगाबाद द्वारा मंगलवार को महाविद्यालय में फैले शैक्षणिक अराजकता, व्याप्त भ्रष्टाचार, छात्रों से इंटर्नशिप, नामांकन के नाम पर, मार्कशीट, माइग्रेशन, सीएलसी के नाम पर लगातार अवैध वसूली के खिलाफ महाविद्यालय में सैकड़ों छात्र छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का घेराव किया गया आंदोलन का नेतृत्व परिषद के कार्यकर्ता सुश्री अदिति सिंह ने किया. विरोध प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ नारेबाजी करते हुए प्रचार कक्ष तक पहुंच कर अपनी मांगों को रखा एबीवीपी के जिला संयोजक प्रभात कुमार ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से महाविद्यालय में शैक्षणिक अराजकता चरम पर है। समय पर क्लास नहीं लगना, सिलेबस अधूरा रहना, परीक्षा परिणामों में देरी और छात्रों की समस्याओं को अनसुना करना आम बात हो गई है। इसके साथ ही इंटर्नशिप और एडमिशन के नाम पर छात्रों से अवैध वसूली का गोरखधंधा भी चल रहा है। इन सारी समस्याओं को लेकर आज अखिल भारती विद्यार्थी परिषद के द्वारा इस आंदोलन के मध्यम से महाविद्यालय प्रशासन को अवगत करवाया गया है कि महाविद्यालय में प्रवेश परीक्षा परिणाम में लगातार आ रही अराजकता और छात्रों से वसूली की समस्या को महाविद्यालय प्राचार्य के समक्ष प्रदर्शन के मध्यम से रखा गया जिसे छात्र हित को ध्यान में रखते हुए महा विद्यालय प्रशासन छात्रों के आगे झुका और तत्काल इंटर्नशिप को स्थगित करने का निर्णय लिया गया और नामांकन के नाम पर हो रही अवैध सूली को रोक करने के लिए पत्र निर्गत किया गया वही परिषद के पूर्व जिला संयोजक अभय कुमार ने बताया की यह आंदोलन उन सभी महा विद्यालय को चेतावनी है कि विभिन्न महाविद्यालय से मिल रही शिकायत को संज्ञान लेते हुए पूर्व में दिए गए ज्ञान पर त्वरित करवाई की जाए अन्यथा चरणबद्ध तरीक़े से जिले के सभी महाविद्यालय में विद्यार्थी परिषद छात्र हित को ध्यान में रखते हुए उग्र प्रदर्शन करेगी जिसकी सारी ज़िम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी एबीवीपी की प्रमुख माँग शैक्षणिक अराजकता: नियमित कक्षाओं का न लगना, योग्य शिक्षकों की कमी और लैब-लाइब्रेरी की बदहाल स्थिति। भ्रष्टाचार: विभिन्न प्रमाण पत्रों, TC, मार्कशीट में देरी के नाम पर कर्मचारियों द्वारा पैसे की मांग। अवैध वसूली: इंटर्नशिप दिलाने के नाम पर 500 से 1000 रुपये तक की मांग। एडमिशन के समय कैपिटेशन फीस वसूली। पारदर्शिता का अभाव: इंटर्नशिप कंपनियों की कोई आधिकारिक सूची नहीं। मेरिट की जगह पैसे के आधार पर सीटों का आवंटन। नगर सह मंत्री अतुल कुमार ने बताया कि "शिक्षा को व्यापार बनाने का यह खेल अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्र अपना भविष्य बनाने कॉलेज आते हैं, दलालों की जेब भरने नहीं। एबीवीपी की प्रमुख मांगें: इंटर्नशिप को 100% निःशुल्क किया जाए और सभी कंपनियों की सूची सार्वजनिक हो। एडमिशन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए और अवैध वसूली में शामिल लोगों पर कार्रवाई हो। शैक्षणिक कैलेंडर का सख्ती से पालन हो और खाली पदों पर तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति हो। छात्रों की शिकायतों के निवारण के लिए हेल्पडेस्क और कमेटी का गठन हो। ABVP ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने सकारात्मक पहल नहीं की तो आगामी दिनों में महाविद्यालय और उग्र प्रदर्शन को बाध्य होगा जिसका ज़िमेदार स्वयं महा विद्यालय होगा प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों छात्र के साथ विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता गोल्डी सिंह, प्रीति कुमारी , रुद्र प्रताप सिंह, निशांत तिवारी, विकास, कौशल, खड़क, रोहित सिंह, आलोक कुमार अंकुश कुमार, सान्याल राजपूत, व अन्य कार्यकर्ता उपस्तिथ रहे।

Deo, Aurangabad | Jul 28, 2026