रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय में फैले शैक्षणिक अराजकता, व्याप्त भ्रष्टाचार व तथा बिहार सरकार, राजभवन के आदेश के बावजूद छात्रों से अवैध शुल्क वसूली के ख़िलाफ़ एबीवीपी का महाविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया प्राचार्य का घेराव विरोध प्रदर्शन व छात्र हित को देखते हुए झुका झुका महाविद्यालय प्रशासन इंटर्नशिप के रजिस्ट्रेशन पर रोक का फैसला, व लिए लिए जा रहे शुल्क को वापस करेगी महाविद्यालय।
मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद औरंगाबाद द्वारा मंगलवार को महाविद्यालय में फैले शैक्षणिक अराजकता, व्याप्त भ्रष्टाचार, छात्रों से इंटर्नशिप, नामांकन के नाम पर, मार्कशीट, माइग्रेशन, सीएलसी के नाम पर लगातार अवैध वसूली के खिलाफ महाविद्यालय में सैकड़ों छात्र छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का घेराव किया गया आंदोलन का नेतृत्व परिषद के कार्यकर्ता सुश्री अदिति सिंह ने किया. विरोध प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ नारेबाजी करते हुए प्रचार कक्ष तक पहुंच कर अपनी मांगों को रखा एबीवीपी के जिला संयोजक प्रभात कुमार ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से महाविद्यालय में शैक्षणिक अराजकता चरम पर है। समय पर क्लास नहीं लगना, सिलेबस अधूरा रहना, परीक्षा परिणामों में देरी और छात्रों की समस्याओं को अनसुना करना आम बात हो गई है। इसके साथ ही इंटर्नशिप और एडमिशन के नाम पर छात्रों से अवैध वसूली का गोरखधंधा भी चल रहा है। इन सारी समस्याओं को लेकर आज अखिल भारती विद्यार्थी परिषद के द्वारा इस आंदोलन के मध्यम से महाविद्यालय प्रशासन को अवगत करवाया गया है कि महाविद्यालय में प्रवेश परीक्षा परिणाम में लगातार आ रही अराजकता और छात्रों से वसूली की समस्या को महाविद्यालय प्राचार्य के समक्ष प्रदर्शन के मध्यम से रखा गया जिसे छात्र हित को ध्यान में रखते हुए महा विद्यालय प्रशासन छात्रों के आगे झुका और तत्काल इंटर्नशिप को स्थगित करने का निर्णय लिया गया और नामांकन के नाम पर हो रही अवैध सूली को रोक करने के लिए पत्र निर्गत किया गया वही परिषद के पूर्व जिला संयोजक अभय कुमार ने बताया की यह आंदोलन उन सभी महा विद्यालय को चेतावनी है कि
विभिन्न महाविद्यालय से मिल रही शिकायत को संज्ञान लेते हुए पूर्व में दिए गए ज्ञान पर त्वरित करवाई की जाए अन्यथा चरणबद्ध तरीक़े से जिले के सभी महाविद्यालय में विद्यार्थी परिषद छात्र हित को ध्यान में रखते हुए उग्र प्रदर्शन करेगी जिसकी सारी ज़िम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी
एबीवीपी की प्रमुख माँग
शैक्षणिक अराजकता: नियमित कक्षाओं का न लगना, योग्य शिक्षकों की कमी और लैब-लाइब्रेरी की बदहाल स्थिति।
भ्रष्टाचार: विभिन्न प्रमाण पत्रों, TC, मार्कशीट में देरी के नाम पर कर्मचारियों द्वारा पैसे की मांग।
अवैध वसूली: इंटर्नशिप दिलाने के नाम पर 500 से 1000 रुपये तक की मांग। एडमिशन के समय कैपिटेशन फीस वसूली।
पारदर्शिता का अभाव: इंटर्नशिप कंपनियों की कोई आधिकारिक सूची नहीं। मेरिट की जगह पैसे के आधार पर सीटों का आवंटन।
नगर सह मंत्री अतुल कुमार ने बताया कि "शिक्षा को व्यापार बनाने का यह खेल अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्र अपना भविष्य बनाने कॉलेज आते हैं, दलालों की जेब भरने नहीं।
एबीवीपी की प्रमुख मांगें:
इंटर्नशिप को 100% निःशुल्क किया जाए और सभी कंपनियों की सूची सार्वजनिक हो।
एडमिशन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए और अवैध वसूली में शामिल लोगों पर कार्रवाई हो।
शैक्षणिक कैलेंडर का सख्ती से पालन हो और खाली पदों पर तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति हो।
छात्रों की शिकायतों के निवारण के लिए हेल्पडेस्क और कमेटी का गठन हो।
ABVP ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने सकारात्मक पहल नहीं की तो आगामी दिनों में महाविद्यालय और उग्र प्रदर्शन को बाध्य होगा जिसका ज़िमेदार स्वयं महा विद्यालय होगा
प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों छात्र के साथ विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता गोल्डी सिंह, प्रीति कुमारी , रुद्र प्रताप सिंह, निशांत तिवारी, विकास, कौशल, खड़क, रोहित सिंह, आलोक कुमार अंकुश कुमार, सान्याल राजपूत, व अन्य कार्यकर्ता उपस्तिथ रहे।
Deo, Aurangabad | Jul 28, 2026