सय्यद बाबा के कुल शरीफ में जायरीनों का जान सैलाब उमड़ पड़ा।
शाहदाना वली के सात रोजा उर्स का हुआ समापन, अमनो-अमान और भाईचारे के लिए हुई विशेष दुआ
बरेली। कुतुब ए बरेली हजरत शाहदाना वली रहमतुल्लाह अलैह के सात रोजा उर्स की तकरीबात के अंतिम दिन बाद नमाज-ए-फज्र कुरआन-ए-पाक की तिलावत से कार्यक्रम का आगाज हुआ। सलीम रजा ने नातो-मनकबत का नजराना पेश करते हुए सरकार सैय्यद बाबा की रूहानी जिंदगी और उनकी शिक्षाओं पर रोशनी डाली।
इसी कड़ी में शाहदाना वली वेलफेयर सोसाइटी की जानिब से यूसुफ इब्राहिम, मिर्जा शाहाब बेग, शीरोज सैफ कुरैशी, वसी वारसी, सलमान शम्शी और गफूर पहलवान ने दरगाह शरीफ पर चादरपोशी व गुलपोशी की तथा इत्र की बरसात की।
मस्जिद के इमाम मौलाना मुशाहिद रजा ने सुबह 10:30 बजे हजरत सैय्यद बाबा के कुल शरीफ की फातिहा पढ़ी। इस मौके पर बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद रहे और अकीदतमंदों ने मजार-ए-मुबारक पर अपनी मन्नतों और मुरादों के लिए दुआएं मांगीं।
मौलाना अलाउद्दीन साहब ने हिंदुस्तान में अमनो-अमान,भाईचारे, बेरोजगारों को रोजगार और सभी की सलामती के लिए खुसूसी दुआ की। उन्होंने कहा कि मुसलमान इल्म हासिल करें और नमाजों की पाबंदी करें,कामयाबी जरूर मिलेगी।इसके बाद बारगाह-ए-इलाही में सलातो-सलाम की सदाएं बुलंद हुईं।
मजार-ए-मुबारक पर फनकार मोबीन नियाजी ने रूहानी कलाम पेश किया।रंग शरीफ के बाद दूर-दराज से आए जायरीनों के बीच कुल शरीफ का तबर्रुक तकसीम किया गया
दरगह के मुतावल्ली अब्दुल वाज़िद खा नूरी ने दरगाह पर खिदमत करने वालो का शील्ड देकर दस्तारबन्दी कर हौसला अफजाई की।
मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने उर्स के दौरान सहयोग करने वाले शासन-प्रशासन और दरगाह की खिदमत में लगे लोगों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उर्स के दौरान नगर निगम की ओर से पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं और केवल आश्वासन मिलता है। इसके साथ ही सात रोजा उर्स के समाप
उर्स में शिरकत करने वालो में यूसुफ इब्राहिम, गुल्लन खा,सलीम रज़ा मिर्ज़ा शाहाब बेग ,मिर्ज़ा मुकर्रम बेग,जावेद खा, अब्दुल सलाम नूरी,शहज़ाद अन्सारी, अन्नू साबरी,महबूब साबरी परवेज़ खा,आदि सहित बड़ी तादात में लोग मौजूद रहे
Bareilly news Live