चंबा में यूरिया की कमी से रूक रही मक्की की ग्रोथ
चंबा में उपायुक्त कार्यालय के बाहर गरजे नेता जय सिंह
आकांक्षी जिला चंबा में किसानों को यूरिया खाद न मिलने से मक्की की फसल बर्बाद होने का खतरा किसानों को सता रहा है। लेकिन इस बारे में प्रदेश की निकम्मी सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। जिला के चुराह, तीसा और चंबा में किसान मक्की की फसल ही उगाते हैं लेकिन उसमें भी अगर यूरिया खाद न मिले तो किसानों को जीवन यापन करना कठिन हो जाएगा। यह बात भाजप नेता जय सिंह ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर किसानों की अगुवाई में कही। किसानों ने बताया कि इस समय खेतों में यूरिया बहुत जरूरी है। बरसात पूरी तरह से शुरू होने से पहले यूरिया खाद डालने का कार्य पूरा करना पड़ता है। अन्यथा मक्की की फसल पीली होकर बर्बाद हो जाती है। चंबा में यूरिया की कमी के कारण मक्की की फसल ग्रोथ नहीं कर पा रही है। जिसे आने वाले समय में किसानों को काफी नुकसान होगा। हालांकि कुछ क्षेत्र में यूरिया का कोटा पहुंचाया गया है लेकिन वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। चंबा में 400 से 500 ट्रक युरिया क जरूरत होती है। इस साल वैसे ही मक्की की फसल बारिश अधिक होने के कारण देरी से बिजी गई है ऐसे में अगर समय रहते युरिया नहीं मिला तो फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। चंबा के ऐतिहासिक मिंजर मेला भी मकी के साथ जोड़ा जाता है क्योंकि जब मकी में मिंजर शुरू हो जाती है तो उस उपलक्ष पर मेले का आयोजन किया गया था। लेकिन अब तक यूरिया की कमी के कारण मिंजर तो दूर की बात है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि जिला के लिए यूरिया की सप्लाई में तेजी लाई जाए। #Chamba #Jila #prashasan #hilight #followers
Chamba, Chamba | Jul 20, 2026