जमुई: +2 उच्च वि0 गरही में छात्राओं ने प्रधानाध्यापिका पर हिजाब हटाने के लिए कहने का लगाया आरोप, जमकर किया हंगामा, अधिकारी ने आरोप को किया खारिज
जमुई जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत +2 उच्च विद्यालय गरही की छात्राओं ने प्रधानाध्यापिका पर चेहरे से हिजाब हटाने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर छात्राओं के साथ अभिभावकों द्वारा विद्यालय में हंगामा करने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो शुक्रवार की शाम 5 बजे सामने आई है। हालांकि इस संबंध में देर रात जिला प्रशासन ने प्रेस रिलीज जारी कर हिजाब हटाने के लिए कहने के आरोप को खारिज करते हुए बताया कि अब डिजिटल अटेंडेंस के लिए 'फेस रिकग्निशन सिस्टम' (FRS) लागू किया गया है, और इसी प्रक्रिया के तहत सिस्टम में चेहरे की स्पष्ट पहचान के लिए तस्वीर ली जा रही थी। इस सामान्य और अनिवार्य तकनीकी प्रक्रिया को गलत संदर्भ में प्रस्तुत कर अफवाह का रूप दे दिया गया, जबकि इसका उद्देश्य किसी की भी धार्मिक भावनाओं को आहत करना बिल्कुल नहीं था
वहीं छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका नंदनी उन्हें चेहरे से हिजाब हटाकर विद्यालय आने के लिए कहती हैं। छात्राओं का कहना है कि यदि वे हिजाब पहनकर स्कूल आती हैं तो उन्हें पढ़ाई करने से मना किया जाता है। इस मामले को लेकर विद्यालय पहुंचे अभिभावकों ने भी नाराजगी जताते हुए विरोध दर्ज कराया।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापिका का व्यवहार छात्राओं के साथ गलत रहता है और विरोध करने पर हाथ भी उठाती हैं। एक छात्रा ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने अपने पैसे से स्कूल ड्रेस खरीदी है, लेकिन यदि किसी दिन ड्रेस पहनकर नहीं पहुंचती हैं तो उन्हें डांटने के साथ मारपीट भी की जाती है।
विद्यालय की 11वीं और 12वीं कक्षा की छात्राओं ने फीस वसूली को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नामांकन एवं अन्य मदों में 1,200 रुपये लिए जाते हैं, जबकि रसीद केवल 800 रुपये की दी जाती है। छात्राओं के अनुसार विद्यालय में 11वीं और 12वीं कक्षा में लगभग 30 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि 20 रुपये का बनने वाला पहचान पत्र (आईडी कार्ड) 80 रुपये लेकर दिया जाता है। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि हिजाब पहनकर आने पर उन्हें डांटा गया और मारपीट की गई।
इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी धनंजय कुमार पासवान ने बताया कि फेस रिकॉग्निशन सिस्टम यानि FRS के तहत छात्रों की टैबलेट से फोटो ली जाती है। इसी प्रक्रिया के दौरान शिक्षकों द्वारा छात्रों से मास्क या हिजाब कुछ समय के लिए हटाने को कहा जाता है, ताकि फोटो स्पष्ट रूप से ली जा सके। उन्होंने कहा कि फीस में अधिक राशि लेने और अन्य आरोपों की शिकायत भी मिली है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। #jamuitopnews #jamuinews #education #students #studentlife #deojamui #zilaprashasan #viralpost #viralvideochallenge
Jamui, Jamui | Aug 1, 2026