नायब तहसीलदार ने निरीक्षण कर विद्यालय में परखी विद्यार्थियों की सुरक्षा
50 से अधिक सवाल लेकर झांवरी स्थित सरकारी स्कूल में पहुंचे नायब तहसीलदार अशोक कुमार
मिड-डे मील से पेयजल तक हर व्यवस्था की पड़ताल
कंप्यूटर और लाइब्रेरी में उपलब्ध पुस्तकों के उपयोग में छात्रों की रूचि पर भी नजर
विद्यालय प्रांगण में लगाए गए पेड़ों की संख्या और प्रजातियों पर भी दिया ध्यान
तोशाम, 18 सितंबर।
नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने गांव झांवरी में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण कर विद्यार्थियों की सुरक्षा से लेकर पेयजल व अन्य सुविधाओं को परखा। जिला प्रशासन द्वारा आवंटित किए गए स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे नायब तहसीलदार ने स्कूल स्टाफ से 50 से अधिक सवालों के उत्तर जाने। नायब तहसीलदार ने निरीक्षण के दौरान मिड-डे मील से पेयजल तक हर व्यवस्था की पड़ताल की। उन्होंने कंप्यूटर प्रयोग और लाइब्रेरी में उपलब्ध पुस्तकों के उपयोग के प्रति छात्रों की रूचि को जाना तो विद्यालय प्रांगण में लगाए गए पेड़ों की संख्या और किस्मों की भी जानकारी ली। नायब तहसीलदार ने बच्चों से भी संवाद कर कड़ी मेहनत कर लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा दी।
मालूम हो कि हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों की निगरानी व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए इसकी कमान जिला प्रशासन को सौंप दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद अतिरिक्त उपायुक्त को प्रत्येक जिले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नई व्यवस्था के तहत प्रशासन अब केवल समन्वयक की भूमिका में नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की सीधे निगरानी कर रहा है। औचक निरीक्षण से लेकर कमियों की रिपोर्ट भी सीधे मुख्यालय भेजी जाएगी। व्यवस्था के तहत अधिकारियों को स्कूल आवंटित किए गए है। नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने आवंटित
झांवरी स्थित वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 50 से अधिक सवालों की पड़ताल की जिनमें मिड-डे मील की गुणवत्ता, कच्चे राशन का रखरखाव, पेयजल व्यवस्था, पानी की टंकियों की सफाई, शौचालयों की स्थिति और परिसर की स्वच्छता, स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर और टैबलेट के उपयोग, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति, कक्षा संचालन, अनुशासन, भवन की समग्र स्थिति, कमरों की संख्या व उपयोग में कमरों की संख्या, चारदीवारी की स्थिति, बिजली कनेक्शन व पंखे/लाइट, भवन की मरम्मत/नवीनीकरण की आवश्यकता, दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप की उपलब्धता, अग्निशमन/सुरक्षा उपकरण की उपलब्धता, स्वच्छता, कक्षों की सफाई व्यवस्था, परिसर/प्रांगण की सफाई, स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई कर्मी की उपलब्धता, कूड़ेदान की उपलब्धता व निस्तारण व्यवस्था, रसोई की स्वतंत्रता,
बालक शौचालयों की कुल संख्या व चालू हालत में संख्या, बालिका शौचालयों की कुल संख्या व चालू हालत में संख्या, शौचालयों में पानी की उपलब्धता, शौचालयों की सफाई की स्थिति, दिव्यांग-अनुकूल शौचालय की उपलब्धता, पेयजल सुविधा, पेयजल स्रोत का प्रकार (आरओ/हैंडपंप/नल), पेयजल की गुणवत्ता व नियमित जाँच का रिकॉर्ड, पार्नी की उपलब्धता निरंतर है या नहीं, फर्नीचर एवं छात्र-अध्यापक संख्या , स्वीकृत पद बनाम कार्यरत अध्यापकों की संख्या, डेस्क/बेंच की पर्याप्तता, छात्र-अध्यापक अनुपात, पिछले परीक्षा परिणाम, लाइब्रेरी व पुस्तकों की उपलब्धता व उपयोग, विज्ञान/कम्यूटर प्रयोगशाला की स्थिति व उपयोग, शिक्षण सहायक सामग्री का उपयोग, अध्यापक डायरी, सह-शैक्षणिक गतिविधियां, खेल मैदान की उपलब्धता व स्थिति, स्पोर्ट्स सामग्री की उपलब्धता, सांस्कृतिक/खेल गतिविधियों के आयोजन का विवरण, स्काउट-गाइड/एनसीसी जैसी गतिविधियां, रसोईघर व बर्तनों की स्वच्छता, छात्रवृत्ति/यूनिफार्म/पुस्तकों का वितरण स्टेटस, पीटीएम की नियमितता, विद्यालय के विशिष्ट पूर्व छात्र, विद्यालय में पेड़ों की स्थिति, विद्यालय परिसर में कुल पेड़ों की संख्या, पेड़ों के प्रकार आदि सवालों के जवाब ढूंढे।
नायब तहसीलदार ने बताया कि उच्च अधिकारियों द्वारा आवंटित विद्यालयों में सुविधाओं को परखने का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के स्तर को सुधारना और बच्चों को एक सुरक्षित और बेहतर माहौल देना है।
स्कूल प्रांगण में पौधों की स्थिति बेहतर---
नायब तहसीलदार ने स्कूल में पौधों की संख्या सराहनीय है। स्कूल स्टाफ द्वारा पर्यावरण का बहुत खयाल रखा हुआ है। स्कूल प्रांगण में 240 से अधिक 25 प्रजातियों के पौधे हैं।
इस दौरान बलजीत सिंह, उर्मिला, मनेश, सुषमा, लक्ष्मी, विद्या,, मंजीत सिंह, सरोज, राकेश, संपत आदि स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।