जैनपुरी में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ: व्यास श्री कृष्ण गोपाल ब्रजवासी जी के मुखारविंद से बह रही भक्ति की धारा
रेवाड़ी समाचार पंकज कुमार।
जैनपुरी, रेवाड़ी में भाद्रपद के पावन महीने के अवसर पर आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। दिनांक 12 सितंबर 2026 से शुरू हुई। यह कथा 19 सितंबर 2026 तक चलेगी, जिसमें परम पूज्य व्यास श्री कृष्ण गोपाल ब्रजवासी जी महाराज अपने मुखारविंद से श्रद्धालुओं को कथा का अमृतपान करा रहे हैं।
इस पावन कथा का आयोजन जैनपुरी, रेवाड़ी के समस्त भक्तगणों द्वारा मिलकर किया जा रहा है। कार्यक्रम की प्रथम एवं मुख्य यजमान नगर परिषद रेवाड़ी की पूर्व अध्यक्ष सरोज भारद्वाज पत्नी सतीश भारद्वाज रहीं। कथा के दौरान पूरा क्षेत्र 'राधे-राधे' और 'जय श्री कृष्णा' के जयकारों से गुंजायमान है।
कथा में पूज्य व्यास जी के मुख्य संदेश:
* गुरुजनों का सम्मान: जीवन में सफलता और संस्कारों के लिए हमें सदैव अपने गुरुजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करना चाहिए।
* वाणी का संयम: हमें कम बोलना, सत्य बोलना और सोच-समझकर बोलना चाहिए। वाणी ही मनुष्य को महान बनाती है और असंयमित बोल ही आपस में कलह का कारण बनते हैं।
* निरंतर भगवद्-स्मरण: जीवन में सुख हो या दुख, हर परिस्थिति में भगवान का नाम स्मरण करते रहना चाहिए।
कथा के दौरान व्यास जी ने कबीरदास जी के दोहे “दुःख में सुमिरन सब करें, सुख में करे न कोय। जो सुख में सुमिरन करे, तो दुःख काहे को होय॥” का उल्लेख करते हुए बताया कि अंतिम समय में केवल ईश्वर का नाम ही मनुष्य के काम आता है।
अमृतमयी प्रसंगों का वर्णन:
कथा के शुरुआती दिनों में पूज्य व्यास जी ने श्री वेदव्यास जी की कथा, भगवान के 24 अवतारों का प्रसंग, 18 पुराणों का महत्त्व, धर्म की महिमा, महाभारत की कथा तथा राजा परीक्षित जी के जन्म की पावन कथा का विस्तार से वर्णन किया।
इस श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से क्षेत्र के सभी भक्तगण भगवत भक्ति, धर्म, संस्कार और जीवन के सही मार्ग का ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। कथा में प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ उठा रहे हैं।
Rewari, Rewari | Sep 14, 2026