कंडम घोषित 6 एकड़ पशु अस्पताल की जमीन पर बना 12वीं का कन्या स्कूल, पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने समाधान शिविर में उठाई मांग
चौधरी देवीलाल चौक ऑटो मार्केट के पास खंडहर हो चुकी इमारतों को हटाकर बालिकाओं के लिए बनाया जाए शिक्षा का केंद्र : ईश्वर मान
भिवानी, 20 जुलाई : स्थानीय चौधरी देवीलाल चौक ऑटो मार्केट, दादरी रोड और लोहारू रोड के बीच स्थित लगभग 6 एकड़ सरकारी जमीन पर बने पुराने पशु अस्पताल की सुध लेने और वहां बालिकाओं के लिए 12वीं कक्षा तक का स्कूल बनाने की मांग मुखर हो गई है। पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने इस संबंध में भिवानी के उपायुक्त को समाधान शिविर के माध्यम से एक मांग पत्र सौंपकर प्रशासन और हरियाणा सरकार से जनहित में तुरंत कदम उठाने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार इस 6 एकड़ भूमि को वर्ष 1975 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल द्वारा पशु अस्पताल, झोटा फार्म और हैचरी फार्म के रूप में विकसित किया गया था। यह परिसर क्षेत्र के विकास और पशुपालन के लिए एक बड़ा केंद्र था। परंतु पिछले 10 वर्षों से यह पूरी इमारत जर्जर स्थिति में थी और आखिरकार वर्ष 2016 में लोक निर्माण विभाग ने इसे आधिकारिक रूप से कंडम घोषित कर दिया था। इसके बाद इस अस्पताल को हांसी रोड पुलिस लाइन भिवानी के सामने पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज और जिला जेल के बीच रेलवे ओवरब्रिज के पास शिफ्ट कर दिया गया था। अस्पताल शिफ्ट होने के बाद से देवीलाल चौक स्थित यह कीमती 6 एकड़ जमीन प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है और वर्तमान में यहाँ लगभग एक दर्जन खंडहर इमारतें खड़ी हैं, जो अनुपयोगी होने के साथ-साथ शहर की सुंदरता पर भी दाग लगा रही हैं।
समाधान शिविर में शिकायत सौंपते हुए पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने कहा कि लाइन पार क्षेत्र की दर्जनों कॉलोनियों और आसपास के गांवों जैसे बापोड़ा, दिनोद, देवसर, हालवास आदि की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है। इस 6 एकड़ जमीन पर बने खंडहरों को हटाकर अगर यह जमीन सरकार द्वारा शिक्षा विभाग को ट्रांसफर कर दी जाए, तो यहां एक शानदार बालिका विद्यालय बनाया जा सकता है। इससे स्थानीय क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी और सरकार का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा भी सही मायनों में सार्थक हो सकेगा।
ईश्वर सिंह मान ने यह भी सुझाव दिया है कि वर्तमान में पशु अस्पताल का जो भी थोड़ा बहुत कार्य वहाँ चल रहा है, उसके लिए रोड पर बची हुई महज आधा एकड़ जमीन ही पर्याप्त है, जहाँ उसे आसानी से शिफ्ट या व्यवस्थित किया जा सकता है। बाकी बची हुई पूरी साढ़े पांच या छह एकड़ जमीन को तुरंत शिक्षा विभाग के नाम स्थानांतरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर के बीचों-बीच स्थित इस खंडहर परिसर की जगह यदि एक भव्य स्कूल बनता है, तो इससे न केवल भिवानी शहर की ऑटो मार्केट में सुंदरता के चार चांद लग जाएंगे, बल्कि सैकड़ों छात्राओं को अपने घर के पास ही सुरक्षित माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।