उजियारपुर में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ किसान महासभा का प्रतिरोध मार्च, प्रखंड कृषि पदाधिकारी का पुतला फूंका.
समस्तीपुर/उजियारपुर, 18 अगस्त 2026। अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले मंगलवार को रासायनिक उर्वरकों की कथित कालाबाजारी, ऊंचे दरों पर बिक्री, किसानों को पक्का बिल एवं सही रसीद नहीं देने तथा मिलावटी खाद की बिक्री के खिलाफ प्रतिरोध मार्च निकाला गया। वैद्यनाथ सहनी एवं शंकर प्रसाद यादव के नेतृत्व में निकला मार्च लोहागीर के हनुमान चौक पहुंचा, जहां आक्रोशित किसानों ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी का पुतला फूंका।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकारी दर पर खाद की बिक्री क्यों नहीं, विधायक-सांसद जवाब दो, खाद की कालाबाजारी क्यों, सम्राट चौधरी जवाब दो तथा मिलावटी खाद की बिक्री क्यों, जिला कृषि पदाधिकारी जवाब दो जैसे नारे लगाए।
सरकारी दर और बाजार में बिक्री को लेकर उठाए सवाल
पंचायत अध्यक्ष सुशील सहनी की अध्यक्षता में आयोजित प्रतिरोध सभा को संबोधित करते हुए किसान महासभा के जिलाध्यक्ष महावीर पोद्दार ने आरोप लगाया कि किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर रासायनिक खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यूरिया का सरकारी मूल्य 266 रुपये प्रति बैग है, जबकि किसानों से कथित तौर पर 400 से 410 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि डीएपी का सरकारी मूल्य 1,650 रुपये प्रति बैग होने के बावजूद कथित रूप से 2,200 से 2,400 रुपये प्रति बैग तक बिक्री की जा रही है। महावीर पोद्दार ने कहा कि इससे किसानों पर प्रति बैग सैकड़ों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने प्रखंड एवं जिला कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए उर्वरक बिक्री की जांच, बिल की अनिवार्यता और निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की।
‘किसानों का आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं’
जिला सचिव ललन कुमार ने कहा कि किसानों को खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है और बढ़ती नौकरशाही के कारण भ्रष्टाचार की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद उपलब्ध कराए जाने तथा मिलावटी खाद एवं खाद्य पदार्थों की बिक्री की शिकायतों की गंभीरता से जांच नहीं की जा रही है।
ललन कुमार ने कहा कि किसानों का आर्थिक शोषण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से उर्वरक दुकानों की नियमित जांच, स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच तथा किसानों को पक्का बिल देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
इन मांगों को लेकर आंदोलन
किसान महासभा ने मांग की कि—
रासायनिक उर्वरक की बिक्री सरकारी निर्धारित दर पर कराई जाए।
प्रत्येक किसान को खाद खरीदने पर पक्का बिल एवं सही रसीद दी जाए।
खाद की कथित कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाई जाए।
मिलावटी खाद की शिकायतों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।
निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने वाले विक्रेताओं पर कार्रवाई हो।
उर्वरक दुकानों के स्टॉक, बिक्री एवं मूल्य की नियमित जांच की जाए।
सभा को किसान नेता राम भरोस राय, वैद्यनाथ सहनी, रणजीत सहनी, रामाकांत सहनी, रामानंद सहनी और राम विलास सहनी सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
नोट: खाद के सरकारी मूल्य, अधिक कीमत पर बिक्री और विभागीय मिलीभगत से जुड़े आरोप प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित कृषि विभाग एवं उर्वरक विक्रेताओं का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना उचित होगा।
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