कदवाया में पर्यटन मित्र प्रशिक्षण, युवाओं को मिले प्रमाणपत्र
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क्षेत्र की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आयोजित 12 दिवसीय पर्यटन मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। समापन समारोह में कलेक्टर साकेत मालवीय ने प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाणपत्र वितरित किए और उन्हें कदवाया की विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के तत्वावधान में आयोजित यह प्रशिक्षण 8 जून से 19 जून तक चला। कार्यक्रम में 24 युवाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान छह दिन सैद्धांतिक और छह दिन प्रायोगिक सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को क्षेत्र के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण कराकर व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।
इस अवसर पर कलेक्टर साकेत मालवीय ने कहा कि कदवाया की ऐतिहासिक धरोहरें प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक संपदाओं में शामिल हैं। यदि इनका व्यवस्थित प्रचार-प्रसार किया जाए और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। उन्होंने पर्यटन मित्रों से पर्यटकों के प्रति सकारात्मक व्यवहार, स्वच्छता और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की।
समापन अवसर पर एसडीएम श्री त्रिलोचन गौंड ने कहा कि कदवाया में इस प्रकार का प्रशिक्षण पहली बार आयोजित किया गया है। इससे स्थानीय युवाओं को पर्यटन और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में नई समझ मिली है, जिसका लाभ भविष्य में पूरे क्षेत्र को मिलेगा।
जनपद पंचायत सीईओ ए.पी. प्रजापति ने कहा कि ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत पर्यटन विकास से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगी। वहीं नायब तहसीलदार ऋतु परमार ने कदवाया के मंदिर समूह, गढ़ी परिसर और अन्य पुरातात्विक स्थलों को क्षेत्र की बड़ी धरोहर बताते हुए इनके संरक्षण और प्रचार पर बल दिया।
प्रशिक्षण की एक विशेष उपलब्धि चंदेरी के प्रशिक्षुओं और विशेषज्ञों का कदवाया आगमन रहा। चंदेरी से आए दल ने यहां के स्मारकों का अवलोकन किया, जबकि स्थानीय प्रतिभागियों ने चंदेरी के पर्यटन विकास मॉडल की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान दोनों क्षेत्रों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ। कार्यक्रम में पर्यटन मित्र मुकुल दुबे, निलेश साहू और करण कुशवाह ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण से उन्हें स्थानीय इतिहास, पुरातत्व, पर्यटक मार्गदर्शन और पर्यटन प्रबंधन की उपयोगी जानकारी मिली, जिससे वे क्षेत्र के पर्यटन विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
प्रशिक्षण का संचालन और मार्गदर्शन मास्टर ट्रेनर हेमंत दुबे ने किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी इस बात का संकेत है कि कदवाया में पर्यटन आधारित रोजगार की संभावनाएं तेजी से विकसित हो सकती हैं। होम-स्टे, स्थानीय गाइड, परिवहन और आतिथ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर सामने आएंगे।
समारोह के दौरान कलेक्टर ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक से बचने की अपील की। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों और शासकीय कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीणजन और बड़ी संख्या में पर्यटन मित्र उपस्थित रहे। अंत में ग्राम पंचायत की ओर से उपसरपंच अशोक शर्मा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन कदवाया को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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