कुरारा कस्बा के बड़ी देवी मंदिर के पास सुधेद्र गुप्ता के आवास मे चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया जिसे सुनकर श्रोता गण भाव विभोर हो उठे.
कस्बा के बड़ी देवी मंदिर के पास सुधेद्र गुप्ता के आवास मे चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक पंडित यज्ञदत्त पाठक शास्त्री ने भगवान श्री कृष्णा की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए उन्होंने पूतना वध की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि कंश ने भगवान श्री कृष्ण को मारने के लिए पूतना को गोकुल भेजा, पूतना गोकूल पहुंच गई. वही पूतना भेष बदलने में माहिर थी. उसने सुंदर स्त्री का भेष धारण किया और भगवान कृष्ण को दुग्धपान कराने लगी, भगवान ने उसे पहचान लिया और उसका वध कर दिया. इस प्रकार से भगवान के हाथों पूतना को वध हुआ और जन्म मरण के बंधन से मुक्त कर दिया. वहीं पूतना की दुग्ध और विष पिलाने की इच्छा को भी पूर्ण किया. कथा सुनकर भक्त भाव विभोर हो उठे. कथा में परीक्षित विमला देवी व बनवारी लाल रहे.