काम कोई एहसान नहीं, यह मजदूर का संवैधानिक और कानूनी अधिकार है।" कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं द्वारा मनरेगा (MGNREGA) और अन्य क्षेत्र के मजदूरों के हक की आवाज बुलंद करते हुए लगातार यह बात दोहराई जा रही है। हाल ही में, उत्तर प्रदेश के आगरा में महानगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) कार्यालय का घेराव कर मनरेगा मजदूरों के लंबित बकाए का भुगतान तुरंत करने की मांग की थी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार द्वारा मजदूरों को समय पर मजदूरी न देना उनके अधिकारों का हनन है। पार्टी इस अभियान को देशव्यापी स्तर पर लेकर चल रही है, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
समय पर भुगतान: मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों को कई महीनों से रुकी हुई मजदूरी का तत्काल भुगतान किया जाए।
कानूनी अधिकार की सुरक्षा: रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत काम पाना मजदूरों का हक है, न कि सरकार का कोई एहसान।
मजदूरी दरों में सुधार: बढ़ती मह