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आरजीएम राजकीय महाविद्यालय, जोगिंदरनगर में नशा मुक्ति के लिए एकजुटता: एनसीसी और एनएसएस स्वयंसेवकों ने संभाली प्रेरक जागरूकता अभियान की कमान जोगिंदरनगर/पंकज पालिया। आरजीएम राजकीय महाविद्यालय, जोगिंदरनगर में आज 26 जून, 2026 को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के वैश्विक अवसर पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 'नशा मुक्त भारत अभियान - विकसित भारत की पहचान' के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम ने युवाओं को नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सफलतापूर्वक प्रेरित किया । माननीय प्राचार्य श्री प्रकाश चंद जी के नेतृत्व में इस अभियान ने महाविद्यालय की राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों को एक मंच पर लाया। मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ एकजुटता की आवाज बुलंद करने के लिए एसोसिएट एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट (डॉ.) स्मृति ठाकुर और एनएसएस प्रभारी डॉ. श्रवण सिंह की देखरेख और मार्गदर्शन में कुल 42 समर्पित विद्यार्थियों (जिसमें 31 एनसीसी कैडेट और 11 एनएसएस स्वयंसेवक शामिल थे) ने इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य, शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से ली गई नशा मुक्ति की एक गंभीर शपथ के साथ हुई। प्रतिभागियों ने अवैध पदार्थों के प्रलोभन से बचने, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क का सक्रिय रूप से मुकाबला करने और राष्ट्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास करने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों की रचनात्मक ऊर्जा को प्रभावशाली सामाजिक संदेशों में बदलने के लिए, 'नशा मुक्त भारत अभियान - विकसित भारत की पहचान' विषय पर पोस्टर मेकिंग और स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें नशे के गंभीर परिणामों और एक स्वस्थ जीवन शैली की सुंदरता को प्रदर्शित किया गया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में राजनीति विज्ञान मुख्य विषय (पॉलीटिकल साइंस मेजर) की बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा सिमरन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं इतिहास मुख्य विषय की बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा लारा ठाकुर और शारीरिक शिक्षा मुख्य विषय की बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा दीया ठाकुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। नारा लेखन प्रतियोगिता में हिंदी मुख्य विषय की बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा वनिता देवी ने पहला स्थान हासिल किया, जिसके बाद हिंदी मुख्य विषय के ही बी.ए. द्वितीय वर्ष के छात्र सूर्या दूसरे स्थान पर और इतिहास मुख्य विषय के बी.ए. द्वितीय वर्ष के छात्र हिमांशु यादव तीसरे स्थान पर रहे। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए आरजीएम राजकीय महाविद्यालय के माननीय प्राचार्य श्री प्रकाश चंद जी ने एनसीसी और एनएसएस इकाइयों द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। एक प्रेरक भाषण में उन्होंने विद्यार्थियों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में शिक्षित किया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एक समृद्ध समाज के लिए स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर पहली आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब देश का युवा स्वस्थ होगा, तभी एक मजबूत और विकसित राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। प्राचार्य ने एनसीसी और एनएसएस स्वयंसेवकों के कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उनसे महाविद्यालय परिसर और व्यापक समाज के भीतर सतर्क 'बदलाव के दूत' (चेंज-एजेंट) के रूप में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने रेखांकित किया कि उनकी भूमिका केवल जागरूकता फैलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें रचनात्मक रूप से उन व्यक्तियों की पहचान करनी चाहिए जो नशे की लत से जूझ रहे हैं और उन्हें सहानुभूति पूर्वक सुधार एवं पुनर्वास केंद्रों की ओर मार्गदर्शन करना चाहिए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसने उपस्थित लोगों पर एक अमिट छाप छोड़ी और एक सुरक्षित, स्वस्थ तथा नशा मुक्त शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देने के लिए संस्थान की अटूट प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।

Jogindarnagar, Mandi | Jun 26, 2026

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आज ग्राम पंचायत ऐहजु में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के उपलक्ष पर ग्राम सभा का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता नवनिर्वाचित प्रधान बीरबल वर्मा जी और सभी प्रतिनिधियों ने की* 💐इस दौरान नशे चिट्टे के दुष्प्रभावों, इसकी रोकथाम और जनता की किस प्रकार की भूमिका नशे की रोकथाम में हो सकती है सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी के प्रयास से ही प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाया जा सकता है, जहां गलत हो रहा है वहां एकजुट होकर आवाज उठानी पड़ेगी,वरना चर्चा तो सभी करते हैं लेकिन वह चर्चाएं सिर्फ वहां तक की सीमित रह जाती है। #journalistshivwalia #jogindernagar_mandi_himachal #ahju #ANTIDRUGCampaignAdvocacy

आज ग्राम पंचायत ऐहजु में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के उपलक्ष पर ग्राम सभा का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता नवनिर्वाचित प्रधान बीरबल वर्मा जी और सभी प्रतिनिधियों ने की* 💐इस दौरान नशे चिट्टे के दुष्प्रभावों, इसकी रोकथाम और जनता की किस प्रकार की भूमिका नशे की रोकथाम में हो सकती है सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी के प्रयास से ही प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाया जा सकता है, जहां गलत हो रहा है वहां एकजुट होकर आवाज उठानी पड़ेगी,वरना चर्चा तो सभी करते हैं लेकिन वह चर्चाएं सिर्फ वहां तक की सीमित रह जाती है। #journalistshivwalia #jogindernagar_mandi_himachal #ahju #ANTIDRUGCampaignAdvocacy

Jogindarnagar, Mandi | Jun 26, 2026

*ढेलू में एंटी चिट्टा विशेष ग्राम सभा आयोजित, नशा मुक्त समाज के निर्माण का लिया सामूहिक संकल्प* 

 *जोगिंदरनगर, शिव कुमार।* 
विकास खंड चौंतड़ा की ग्राम पंचायत ढेलू में एंटी चिट्टा विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम जोगिंदरनगर मनीश चौधरी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत डोहग की प्रधान पूनम, ग्राम पंचायत योरा के प्रधान राकेश, ग्राम पंचायत ढेलू के प्रधान हरनाम, बीडीसी सदस्य भगवान दास, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डोहग के प्रधानाचार्य दुर्गा सिंह ठाकुर, एसीआई संदीप कुमार तथा हेड कांस्टेबल प्रताप कुमार सहित तीनों पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
ग्राम सभा को संबोधित करते हुए एसडीएम मनीश चौधरी ने कहा कि चिट्टा सहित अन्य मादक पदार्थ युवाओं के भविष्य और समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि नशे के बढ़ते प्रचलन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन, पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों तथा आम नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा।
उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने आसपास नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन एवं पुलिस को देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस जन-जागरूकता अभियान का सक्रिय भागीदार बने।
कार्यक्रम के दौरान तीनों पंचायतों के लोगों ने नशे के विरुद्ध एकजुट होकर जन-जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प भी लिया।

*ढेलू में एंटी चिट्टा विशेष ग्राम सभा आयोजित, नशा मुक्त समाज के निर्माण का लिया सामूहिक संकल्प* *जोगिंदरनगर, शिव कुमार।* विकास खंड चौंतड़ा की ग्राम पंचायत ढेलू में एंटी चिट्टा विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम जोगिंदरनगर मनीश चौधरी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत डोहग की प्रधान पूनम, ग्राम पंचायत योरा के प्रधान राकेश, ग्राम पंचायत ढेलू के प्रधान हरनाम, बीडीसी सदस्य भगवान दास, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डोहग के प्रधानाचार्य दुर्गा सिंह ठाकुर, एसीआई संदीप कुमार तथा हेड कांस्टेबल प्रताप कुमार सहित तीनों पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। ग्राम सभा को संबोधित करते हुए एसडीएम मनीश चौधरी ने कहा कि चिट्टा सहित अन्य मादक पदार्थ युवाओं के भविष्य और समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि नशे के बढ़ते प्रचलन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन, पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों तथा आम नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने आसपास नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन एवं पुलिस को देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस जन-जागरूकता अभियान का सक्रिय भागीदार बने। कार्यक्रम के दौरान तीनों पंचायतों के लोगों ने नशे के विरुद्ध एकजुट होकर जन-जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प भी लिया।

Jogindarnagar, Mandi | Jun 26, 2026

NH154 ऐहजु में विशालकाय खोखला पेड़ दे रहा था बड़े हादसे को न्योता कभी भी हो सकता था बड़ा हादसा** किसी भी प्रकार का हादसा होने से पहले पेड़ को काटा गया** पेड़ के साथ विद्युत विभाग की HT औऱ LT लाइन और 250 kv के ट्रांसफार्मर को था भारी खतरा*** साथ में राष्ट्रीय राजमार्ग** जोगिंदर नगर प्रशासन NHAI वन विभाग,विद्युत विभाग, रेलवे औऱ पुलिस प्रशाशन के सहयोग से हुआ कार्य * लोगों ने ली राहत की सांस #journalistshivwalia #jogindernagar_mandi_himachal #Ahju

NH154 ऐहजु में विशालकाय खोखला पेड़ दे रहा था बड़े हादसे को न्योता कभी भी हो सकता था बड़ा हादसा** किसी भी प्रकार का हादसा होने से पहले पेड़ को काटा गया** पेड़ के साथ विद्युत विभाग की HT औऱ LT लाइन और 250 kv के ट्रांसफार्मर को था भारी खतरा*** साथ में राष्ट्रीय राजमार्ग** जोगिंदर नगर प्रशासन NHAI वन विभाग,विद्युत विभाग, रेलवे औऱ पुलिस प्रशाशन के सहयोग से हुआ कार्य * लोगों ने ली राहत की सांस #journalistshivwalia #jogindernagar_mandi_himachal #Ahju

Jogindarnagar, Mandi | Jun 26, 2026

*उहल चरण-तीन जल विद्युत परियोजना बनी हिमाचल की ऊर्जा शक्ति*

*‘सुक्खू सरकार’ के प्रभावी प्रयासों से सालाना लगभग 200 करोड़ रुपये की आय हो रही सुनिश्चित*
जोगिंद्रनगर/उमेश कुमार।
मंडी जिला के जोगिंदर नगर क्षेत्र में स्थित उहल चरण-तीन जलविद्युत परियोजना आज हिमाचल प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में से एक बनकर उभरी है। वर्षों तक विभिन्न तकनीकी और वित्तीय चुनौतियों का सामना करने के बाद यह परियोजना अब पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रही है। इसके सफल संचालन से प्रदेश को न केवल स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त हो रही है, बल्कि सालाना लगभग 200 करोड़ रुपये की आय भी सुनिश्चित हो रही है। यह परियोजना मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रभावी नेतृत्व, बेहतरीन वित्तीय प्रबंधन और दृढ़ संकल्प की एक उल्लेखनीय सफलता की कहानी बन गई है।

उहल चरण-तीन जलविद्युत परियोजना ने अब तक लगभग 465 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो माह संचालन के दौरान लगभग 25 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की गई। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना ने 345 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 95 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हो चुका है। परियोजना का वार्षिक लक्ष्य 390 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का है और प्रबंधन को विश्वास है कि इस वर्ष यह लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में इस परियोजना को नई गति मिली। मुख्यमंत्री ने मार्च, 2023 में परियोजना की समीक्षा करते हुए इसके दीर्घ अवधि से लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उनके हस्तक्षेप और विशेष रुचि के कारण परियोजना के समक्ष मौजूद वित्तीय एवं प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने में सफलता मिली।

परियोजना की वित्तीय चुनौतियों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों से केसीसी बैंक के माध्यम से लगभग 185 करोड़ रुपये का ऋण कम ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया गया। इस राशि से परियोजना के शेष बहाली एवं मरम्मत कार्य पूरे किए गए और इसे सुचारू रूप से संचालित करने में सहायता मिली। इसके साथ ही राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों के प्रयासों से पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन के ऋण पर ब्याज दर में भी कमी लाई गई, जिससे परियोजना को प्रतिवर्ष लगभग 30 करोड़ रुपये की बचत होगी।

परियोजना के सफल संचालन और नियमित राजस्व प्राप्त होने से अब इसके ऋण का मूलधन तथा ब्याज चुकाने की प्रक्रिया भी प्रारम्भ कर दी गई है। इससे परियोजना की वित्तीय स्थिति लगातार मजबूत हो रही है और आने वाले वर्षों में इसके और अधिक लाभकारी बनने की संभावना है।

आज उहल चरण-तीन परियोजना पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही है और सालाना लगभग 390 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। वर्तमान औसत दर लगभग 5 रुपये प्रति यूनिट के आधार पर यह परियोजना प्रतिवर्ष करीब 200 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर रही है। भविष्य में बिजली की दरों में वृद्धि के साथ इसकी आय में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

इस परियोजना की एक विशेष उपलब्धि यह भी है कि इसकी आय का 13 प्रतिशत हिस्सा सीधे हिमाचल प्रदेश सरकार को प्राप्त होगा। इससे राज्य सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 25 से 30 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी, जिसका उपयोग जनकल्याण और विकासात्मक गतिविधियों में किया जा सकेगा।

प्रबंध निदेशक देवेंद्र कुमार के अनुसार पिछले वर्ष लक्ष्य से कम उत्पादन का मुख्य कारण शानन जल विद्युत परियोजना का लगभग एक माह तक बंद रहना था। इसके कारण शानन परियोजना से मिलने वाला 23 क्यूसेक पानी उपलब्ध नहीं हो सका, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ। इसके बावजूद परियोजना ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और अब उत्पादन लगातार बढ़ रहा है।

जोगिंदर नगर स्थित उहल चरण-तीन जलविद्युत परियोजना आज इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि सरकार की इच्छाशक्ति मजबूत हो और प्रशासनिक तंत्र समन्वित रूप से कार्य करे तो वर्षों से लंबित परियोजनाओं को भी सफल बनाया जा सकता है। यह परियोजना न केवल प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है, बल्कि रोजगार, राजस्व और विकास के नए अवसर भी सृजित कर रही है। हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में उहल चरण-तीन परियोजना की यह सफलता आने वाले समय में अन्य परियोजनाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

*उहल चरण-तीन जल विद्युत परियोजना बनी हिमाचल की ऊर्जा शक्ति* *‘सुक्खू सरकार’ के प्रभावी प्रयासों से सालाना लगभग 200 करोड़ रुपये की आय हो रही सुनिश्चित* जोगिंद्रनगर/उमेश कुमार। मंडी जिला के जोगिंदर नगर क्षेत्र में स्थित उहल चरण-तीन जलविद्युत परियोजना आज हिमाचल प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में से एक बनकर उभरी है। वर्षों तक विभिन्न तकनीकी और वित्तीय चुनौतियों का सामना करने के बाद यह परियोजना अब पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रही है। इसके सफल संचालन से प्रदेश को न केवल स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त हो रही है, बल्कि सालाना लगभग 200 करोड़ रुपये की आय भी सुनिश्चित हो रही है। यह परियोजना मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रभावी नेतृत्व, बेहतरीन वित्तीय प्रबंधन और दृढ़ संकल्प की एक उल्लेखनीय सफलता की कहानी बन गई है। उहल चरण-तीन जलविद्युत परियोजना ने अब तक लगभग 465 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो माह संचालन के दौरान लगभग 25 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की गई। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना ने 345 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 95 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हो चुका है। परियोजना का वार्षिक लक्ष्य 390 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का है और प्रबंधन को विश्वास है कि इस वर्ष यह लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में इस परियोजना को नई गति मिली। मुख्यमंत्री ने मार्च, 2023 में परियोजना की समीक्षा करते हुए इसके दीर्घ अवधि से लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उनके हस्तक्षेप और विशेष रुचि के कारण परियोजना के समक्ष मौजूद वित्तीय एवं प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने में सफलता मिली। परियोजना की वित्तीय चुनौतियों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों से केसीसी बैंक के माध्यम से लगभग 185 करोड़ रुपये का ऋण कम ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया गया। इस राशि से परियोजना के शेष बहाली एवं मरम्मत कार्य पूरे किए गए और इसे सुचारू रूप से संचालित करने में सहायता मिली। इसके साथ ही राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों के प्रयासों से पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन के ऋण पर ब्याज दर में भी कमी लाई गई, जिससे परियोजना को प्रतिवर्ष लगभग 30 करोड़ रुपये की बचत होगी। परियोजना के सफल संचालन और नियमित राजस्व प्राप्त होने से अब इसके ऋण का मूलधन तथा ब्याज चुकाने की प्रक्रिया भी प्रारम्भ कर दी गई है। इससे परियोजना की वित्तीय स्थिति लगातार मजबूत हो रही है और आने वाले वर्षों में इसके और अधिक लाभकारी बनने की संभावना है। आज उहल चरण-तीन परियोजना पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही है और सालाना लगभग 390 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। वर्तमान औसत दर लगभग 5 रुपये प्रति यूनिट के आधार पर यह परियोजना प्रतिवर्ष करीब 200 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर रही है। भविष्य में बिजली की दरों में वृद्धि के साथ इसकी आय में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस परियोजना की एक विशेष उपलब्धि यह भी है कि इसकी आय का 13 प्रतिशत हिस्सा सीधे हिमाचल प्रदेश सरकार को प्राप्त होगा। इससे राज्य सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 25 से 30 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी, जिसका उपयोग जनकल्याण और विकासात्मक गतिविधियों में किया जा सकेगा। प्रबंध निदेशक देवेंद्र कुमार के अनुसार पिछले वर्ष लक्ष्य से कम उत्पादन का मुख्य कारण शानन जल विद्युत परियोजना का लगभग एक माह तक बंद रहना था। इसके कारण शानन परियोजना से मिलने वाला 23 क्यूसेक पानी उपलब्ध नहीं हो सका, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ। इसके बावजूद परियोजना ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और अब उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। जोगिंदर नगर स्थित उहल चरण-तीन जलविद्युत परियोजना आज इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि सरकार की इच्छाशक्ति मजबूत हो और प्रशासनिक तंत्र समन्वित रूप से कार्य करे तो वर्षों से लंबित परियोजनाओं को भी सफल बनाया जा सकता है। यह परियोजना न केवल प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है, बल्कि रोजगार, राजस्व और विकास के नए अवसर भी सृजित कर रही है। हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में उहल चरण-तीन परियोजना की यह सफलता आने वाले समय में अन्य परियोजनाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

Jogindarnagar, Mandi | Jun 26, 2026