आरजीएम राजकीय महाविद्यालय, जोगिंदरनगर में नशा मुक्ति के लिए एकजुटता:
एनसीसी और एनएसएस स्वयंसेवकों ने संभाली प्रेरक जागरूकता अभियान की कमान
जोगिंदरनगर/पंकज पालिया।
आरजीएम राजकीय महाविद्यालय, जोगिंदरनगर में आज 26 जून, 2026 को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के वैश्विक अवसर पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 'नशा मुक्त भारत अभियान - विकसित भारत की पहचान' के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम ने युवाओं को नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सफलतापूर्वक प्रेरित किया ।
माननीय प्राचार्य श्री प्रकाश चंद जी के नेतृत्व में इस अभियान ने महाविद्यालय की राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों को एक मंच पर लाया। मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ एकजुटता की आवाज बुलंद करने के लिए एसोसिएट एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट (डॉ.) स्मृति ठाकुर और एनएसएस प्रभारी डॉ. श्रवण सिंह की देखरेख और मार्गदर्शन में कुल 42 समर्पित विद्यार्थियों (जिसमें 31 एनसीसी कैडेट और 11 एनएसएस स्वयंसेवक शामिल थे) ने इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य, शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से ली गई नशा मुक्ति की एक गंभीर शपथ के साथ हुई। प्रतिभागियों ने अवैध पदार्थों के प्रलोभन से बचने, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क का सक्रिय रूप से मुकाबला करने और राष्ट्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास करने का संकल्प लिया।
विद्यार्थियों की रचनात्मक ऊर्जा को प्रभावशाली सामाजिक संदेशों में बदलने के लिए, 'नशा मुक्त भारत अभियान - विकसित भारत की पहचान' विषय पर पोस्टर मेकिंग और स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें नशे के गंभीर परिणामों और एक स्वस्थ जीवन शैली की सुंदरता को प्रदर्शित किया गया।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में राजनीति विज्ञान मुख्य विषय (पॉलीटिकल साइंस मेजर) की बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा सिमरन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं इतिहास मुख्य विषय की बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा लारा ठाकुर और शारीरिक शिक्षा मुख्य विषय की बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा दीया ठाकुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। नारा लेखन प्रतियोगिता में हिंदी मुख्य विषय की बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा वनिता देवी ने पहला स्थान हासिल किया, जिसके बाद हिंदी मुख्य विषय के ही बी.ए. द्वितीय वर्ष के छात्र सूर्या दूसरे स्थान पर और इतिहास मुख्य विषय के बी.ए. द्वितीय वर्ष के छात्र हिमांशु यादव तीसरे स्थान पर रहे।
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए आरजीएम राजकीय महाविद्यालय के माननीय प्राचार्य श्री प्रकाश चंद जी ने एनसीसी और एनएसएस इकाइयों द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। एक प्रेरक भाषण में उन्होंने विद्यार्थियों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में शिक्षित किया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एक समृद्ध समाज के लिए स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर पहली आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब देश का युवा स्वस्थ होगा, तभी एक मजबूत और विकसित राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।
प्राचार्य ने एनसीसी और एनएसएस स्वयंसेवकों के कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उनसे महाविद्यालय परिसर और व्यापक समाज के भीतर सतर्क 'बदलाव के दूत' (चेंज-एजेंट) के रूप में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने रेखांकित किया कि उनकी भूमिका केवल जागरूकता फैलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें रचनात्मक रूप से उन व्यक्तियों की पहचान करनी चाहिए जो नशे की लत से जूझ रहे हैं और उन्हें सहानुभूति पूर्वक सुधार एवं पुनर्वास केंद्रों की ओर मार्गदर्शन करना चाहिए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसने उपस्थित लोगों पर एक अमिट छाप छोड़ी और एक सुरक्षित, स्वस्थ तथा नशा मुक्त शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देने के लिए संस्थान की अटूट प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।