भरमौर के खनी पंचायत में मंत्री जगत सिंह नेगी ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
हाई डेंसिटी सेब बगीचे का किया निरीक्षण, आधुनिक बागवानी तकनीक अपनाने पर दिया जोर
भरमौर, 27 सितंबर।
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने रविवार को भरमौर विधानसभा क्षेत्र की खनी पंचायत का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खनी निवासी दौलत राम के हाई डेंसिटी सेब बगीचे का निरीक्षण किया तथा उच्च घनत्व पौधरोपण के माध्यम से की जा रही बागवानी की तकनीक, उत्पादन और प्रबंधन संबंधी जानकारी ली।
मंत्री ने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपनाना चाहिए, ताकि कम भूमि में अधिक उत्पादन प्राप्त कर आमदनी बढ़ाई जा सके। उन्होंने बागवानी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई तकनीकों को लेकर गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाए जाएं तथा शिविर आयोजित कर किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया जाए।
उन्होंने किसान को आधुनिक बागवानी तकनीकों, बेहतर उत्पादन एवं प्रबंधन के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया तथा संबंधित अधिकारियों को विभागीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
खनी ग्रीमा एफआईएस योजना जल्द शुरू करने के निर्देश
खनी पंचायत में सिंचाई सुविधा की समस्या पर मंत्री ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को खनी ग्रीमा एफआईएस योजना को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रींको कंपनी द्वारा निर्माणाधीन उठाऊ जल योजना से खनी के लिए एक ब्रांच बनाने के भी आदेश दिए, ताकि क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके।
भालुओं के आतंक पर ग्रामीणों के साथ बैठक के निर्देश
खनी पंचायत में जंगली भालुओं के बढ़ते आतंक की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने एसडीएम भरमौर, वन विभाग, कृषि विभाग, बागवानी विभाग तथा बुद्धिल जल विद्युत परियोजना के अधिकारियों को ग्रामीणों के साथ जल्द बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैठक में पंचायत की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
पहली बार पंचायत पहुंचे मंत्री के समक्ष ग्रामीणों ने खुलकर रखीं समस्याएं
मंत्री जगत सिंह नेगी के पहली बार खनी पंचायत पहुंचने पर ग्रामीणों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को खुलकर उनके समक्ष रखा। ग्रामीणों ने 70 मेगावाट बुद्धिल जल विद्युत परियोजना से हुए नुकसान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि परियोजना के कारण क्षेत्र के कई जल स्रोत प्रभावित हुए हैं तथा बड़ी संख्या में सेब के पौधे सूख गए हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि परियोजना से प्रभावित पंचायत होने के बावजूद खनी को अपेक्षित लाभ नहीं मिला है। उन्होंने लाडा तथा सीएसआर के तहत मिलने वाले लाभों को लेकर भी जानकारी उपलब्ध करवाने की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने खनी में स्वीकृत एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि स्कूल करीब तीन वर्ष तक खनी में संचालित हुआ, लेकिन चयनित भूमि को रिजेक्ट किए जाने के बाद इसे होली स्थानांतरित कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल के लिए सड़क बनाने के प्रयास में चारागाह को नुकसान पहुंचा और लोगों ने सड़क निर्माण के लिए अपने घर तक उखड़वा दिए, लेकिन इसके बावजूद सड़क नहीं बन पाई और स्कूल का संचालन भी जारी नहीं रह सका।
ग्रामीणों ने मांग की कि स्कूल के लिए चयनित भूमि का सदुपयोग करते हुए भरमौर में स्थान की कमी से जूझ रहे सरकारी कार्यालयों के भवन यहां बनाए जाएं।
खनी में हेलीपैड बनाने की मांग, मंत्री ने दिया आश्वासन
श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान भरमौर हेलीपैड के आसपास नागरिक अस्पताल, डिग्री कॉलेज तथा चार सरकारी एवं निजी स्कूल होने के कारण उत्पन्न होने वाली ध्वनि प्रदूषण की समस्या भी ग्रामीणों ने मंत्री के समक्ष रखी। ग्रामीणों ने खनी में हेलीपैड बनाने की मांग करते हुए बताया कि इसके लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है।
ग्रामीणों ने रियासती समय के खड़ामुख-खनी संपर्क मार्ग, जिसकी लंबाई करीब अढ़ाई किलोमीटर है, को बनाने की मांग भी रखी। इसके अलावा खनी-ग्रीमा निर्माणाधीन सड़क तथा खनी से सर्च शॉट-खड़ामुख मार्ग को शीघ्र बहाल करने की मांग उठाई। मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्रामीणों की मांग पर मंत्री जगत सिंह नेगी ने खनी में हेलीपैड बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया और संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर एपीएमसी अध्यक्ष ललित ठाकुर, एसडीएम भरमौर अजय कुमार सिंह, तहसीलदार भरमौर तेज राम भारद्वाज, पूर्व जिला पार्षद इंद्र ठाकुर, शिव कुमार ठाकुर, एसएमएस मनोहर लाल, दौलत राम तथा जमीत सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।