बेटियों को बनाएं कॉन्फिडेंट, ताकि वे हर चुनौती का कर सकें सामना : पूनम रमन
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित, बाल विवाह रोकथाम, शिक्षा, स्वास्थ्य और बालिकाओं के अधिकारों पर किया जागरूक
यमुनानगर। (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो: अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज, यमुनानगर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभाग की संयुक्त निदेशक पूनम रमन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि शिवालिक विकास एजेंसी की सीईओ पूजा कुमारी और महिला आयोग की सदस्य सुमन शहजादवाला विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी मिक्षा रंगा ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम बाल विवाह समाप्त करने और बालिकाओं के अधिकारों में निवेश करने पर केंद्रित है। कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह की रोकथाम, बालिकाओं के अधिकारों और मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। बाल विवाह निषेध अधिकारी अरविंदरजीत कौर और बाल कल्याण समिति की सदस्य एवं अधिवक्ता मोनिका रानी ने छात्राओं को उनके अधिकारों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
बेटियों को सपनों के साथ हकीकत के लिए भी तैयार करें : पूनम रमन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संयुक्त निदेशक पूनम रमन ने कहा कि बेटियों को केवल सपनों की दुनिया में जीने के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करना जरूरी है। आज बेटियों में आत्मविश्वास पैदा करने की आवश्यकता है, क्योंकि आत्मविश्वास ही उन्हें मुश्किल से मुश्किल लक्ष्य हासिल करने की ताकत देता है। उन्होंने कहा कि बेटियों को ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जहां वे अपनी क्षमताओं को पहचानकर आगे बढ़ सकें और जीवन में अपनी अलग पहचान बना सकें।
महिला आयोग की सदस्य सुमन शहजादवाला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस बालिकाओं और किशोरियों के अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, समान अवसरों और नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। इस दिवस का उद्देश्य केवल बेटियों का सम्मान करना नहीं, बल्कि उन चुनौतियों के प्रति समाज को जागरूक करना भी है, जिनका सामना लड़कियों को करना पड़ता है।
शिक्षा से बनती है बेटियों की अपनी पहचान : पूजा कुमारी
शिवालिक विकास एजेंसी की सीईओ पूजा कुमारी ने बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही वह मार्ग है, जो व्यक्ति को उसके लक्ष्य तक पहुंचाता है। शिक्षित होने से बेटियां आत्मनिर्भर बनती हैं और अपनी पहचान स्वयं स्थापित कर सकती हैं। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया।
पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान कम लागत में तैयार होने वाले पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें व्यंजनों के साथ उनकी रेसिपी भी प्रदर्शित की गई। सभागार में पौष्टिक थाली का लाइव मॉडल और पोस्टर प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके अतिरिक्त तीन बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया।
कार्यक्रम में बनाया गया विशेष सेल्फी पॉइंट भी आकर्षण का केंद्र रहा। छात्राओं और उपस्थित लोगों ने यहां तस्वीरें लेकर इन यादगार पलों को अपने मोबाइल फोन में कैद किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली बालिकाओं एवं अन्य प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।
कॉलेज के महासचिव मनोरंजन सिंह साहनी और निदेशक डॉ. वीरेंद्र गांधी ने कार्यक्रम की सफलता पर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर, पोषण स्टाफ, जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रतिनिधि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और कॉलेज की छात्राएं मौजूद रहीं।