DFO सतना मयंक चांदीवाल की अध्यक्षता में जांच टीम गठित,अमरपाटन वन परिक्षेत्र पर गड़बड़ियों की शिकायत का है मामला।
रामनगर मैहर-- अमरपाटन वन परिक्षेत्र में बांस भीरा सफाई सहित विभिन्न कार्यों में अनियमितताओं और भुगतान को लेकर उठे सवालों के बीच अब जांच की कार्रवाई तेज होने की बात सामने आई है। डीएफओ सतना मयंक चांदीवाल की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
मामले में बड़ा सवाल उन कार्यों को लेकर है,जिनके अभिलेखों में पूर्ण होने और राशि के भुगतान का उल्लेख बताया जा रहा है, जबकि मौके की भौतिक स्थिति को लेकर सवाल उठना लाजमी हो गए हैं। हाल ही में अमरपाटन वन क्षेत्र में सितंबर माह में बांस भीरा सफाई कराए जाने को लेकर भी कई सवाल सामने आए थे। *क्या नियमों से परे सितंबर माह में बांस की सफाई किसी बड़े भ्रष्टाचार को अंकित करती है ?*
जांच टीम के सामने मस्टर रोल, कार्य पूर्ण प्रमाण पत्र, भुगतान अभिलेख, बीटवार रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान करना सबसे अहम होगा। दस्तावेज और भौतिक सत्यापन में अंतर मिलता है तो जिम्मेदारी तय होने का रास्ता साफ हो सकता है।
जानकारी अनुसार मुख्य वन संरक्षक रीवा द्वारा सतना डीएफओ मयंक चांदीवाल की अध्यक्षता में टीम गठित कर अमरपाटन वन परिक्षेत्र के मामलों पर जांच कराए जाना उल्लेख है। जांच दौरान अमरपाटन वन परिक्षेत्र में हुए कार्य वास्तव में मौके पर हुए थे या फिर कागजी अभिलेखों तक ही सीमित रहे। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की स्पष्ट होगी।
*सतना डीएफओ मयंक चादीवाल से दूरभाष चर्चा पर बताया गया की जांच टीम का अध्यक्षता हूं। दो स्थलों पर जाया जा चुका है। जांच के संबंध पर उल्लेख पंचनामा भौतिक स्थिति की वर्णन सोमवार को ही बता पाना वर्णित किया गया है।*
अप्रैल मई माह में वर्किंग प्लान एवं माइक्रो प्लान के तहत बांस भीरा की सफाई वा योजनाओं पर कागजी खेल किया गया है। जहां कथित आरोपों की जानकारी कई लाख रूपए का मामला है। 👇