भाई नहीं था, पति जेल की हिरासत में था; पिता को अंतिम विदाई देने के लिए बेटी ने लगाई गुहार, पुलिस बनी सहारा
मंदसौर। एक बेटी के लिए अपने पिता को अंतिम विदाई देना जीवन के सबसे भावुक क्षणों में से एक होता है। लेकिन जब पिता के निधन के बाद परिवार में कोई बेटा या भाई न हो और पति भी पुलिस हिरासत में हो, तब परिस्थितियां और अधिक कठिन हो जाती हैं। ऐसी ही स्थिति में मंदसौर पुलिस ने संवेदनशीलता और मानवता का परिचय देते हुए एक परिवार की पीड़ा को समझा।
थाना अफजलपुर पुलिस की अभिरक्षा में मौजूद एक आरोपी के ससुर का निधन हो गया। मृतक की पुत्री ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया कि उसका कोई भाई नहीं है और वह अपने पिता का अंतिम संस्कार अपने पति के हाथों से करवाना चाहती है। उसने प्रशासन से मानवीय आधार पर सहायता की मांग की।
मामले की गंभीरता और बेटी की भावनाओं को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद थाना प्रभारी अफजलपुर निरीक्षक हरीश पुलिस बल के साथ आरोपी को गांव लेकर पहुंचे। पुलिस सुरक्षा के बीच आरोपी ने अपने ससुर को मुखाग्नि दी और अंतिम संस्कार की अन्य रस्में भी पूरी कीं।
इस दौरान पुलिस ने आरोपी की अपने शोकाकुल परिवार से मुलाकात भी करवाई। दुख की इस घड़ी में पुलिस के इस सहयोग ने परिवार को भावनात्मक संबल प्रदान किया।
अफजलपुर पुलिस की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि कानून का पालन करते हुए भी संवेदनाओं और मानवीय मूल्यों का सम्मान किया जा सकता है। क्षेत्र में पुलिस के इस मानवीय कदम की सराहना की जा रही है।