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गरोठ-भानपुरा 8 लेन हाईवे पर अचानक गिरा विशाल साइन बोर्ड! सड़क पर यातायात प्रभावित, लंबी कतारों में फंसे वाहन। राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्रशासन के लिए यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। #गरोठ #भानपुरा #मंदसौरसमाचार #हाईवेअलर्ट #ट्रैफिकजाम #ब्रेकिंगन्यूज #RoadSafety #HighwayAlert #TrafficUpdate #MandsaurNews #GarothNews #Bhanpura #MPNews #YashasviDuniya #BreakingNews #LatestNews #PublicSafety #HighwayTraffic #MadhyaPradeshNews #NewsUpdate

Mandsaur, Mandsaur | Jun 13, 2026

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#मंदसौर जिला अस्पताल बदहाल: फीमेल मेडिकल वार्ड में एक बेड पर दो मरीज भर्ती, स्टाफ की कमी से बढ़ी परेशानी

मंदसौर। जिले के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आए दिन चोरी, विवाद और अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रहने वाले जिला अस्पताल के फीमेल मेडिकल वार्ड की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के बावजूद पर्याप्त बेड और स्टाफ की व्यवस्था नहीं होने से मरीजों एवं उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार फीमेल मेडिकल वार्ड में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने के कारण एक ही बेड पर दो-दो मरीजों को रखा जा रहा है। इससे मरीजों को आराम मिलने के बजाय असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों का कहना है कि वार्ड में जगह की कमी के चलते मरीजों को उचित सुविधा नहीं मिल पा रही है।

परिजनों ने बताया कि वार्ड में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हैं, लेकिन उनकी देखरेख के लिए केवल दो नर्सों का स्टाफ मौजूद है। ऐसे में मरीजों को समय पर दवा देने, नियमित जांच करने और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है। कई बार मरीजों और उनके परिजनों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।

वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई देती है। मरीजों की बढ़ती संख्या के मुकाबले न तो पर्याप्त बेड उपलब्ध हैं और न ही पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था है। इसका सीधा असर उपचार व्यवस्था पर पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल पूरे जिले के मरीजों का प्रमुख उपचार केंद्र है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल में पर्याप्त संसाधन और स्टाफ उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो मरीजों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

मरीजों और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि फीमेल मेडिकल वार्ड में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जाए तथा नर्सिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

अब देखना होगा कि जिला अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या को लेकर क्या कदम उठाते हैं और मरीजों को राहत दिलाने के लिए कब तक व्यवस्थाओं में सुधार किया जाता है।

#मंदसौर जिला अस्पताल बदहाल: फीमेल मेडिकल वार्ड में एक बेड पर दो मरीज भर्ती, स्टाफ की कमी से बढ़ी परेशानी मंदसौर। जिले के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आए दिन चोरी, विवाद और अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रहने वाले जिला अस्पताल के फीमेल मेडिकल वार्ड की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के बावजूद पर्याप्त बेड और स्टाफ की व्यवस्था नहीं होने से मरीजों एवं उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार फीमेल मेडिकल वार्ड में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने के कारण एक ही बेड पर दो-दो मरीजों को रखा जा रहा है। इससे मरीजों को आराम मिलने के बजाय असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों का कहना है कि वार्ड में जगह की कमी के चलते मरीजों को उचित सुविधा नहीं मिल पा रही है। परिजनों ने बताया कि वार्ड में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हैं, लेकिन उनकी देखरेख के लिए केवल दो नर्सों का स्टाफ मौजूद है। ऐसे में मरीजों को समय पर दवा देने, नियमित जांच करने और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है। कई बार मरीजों और उनके परिजनों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई देती है। मरीजों की बढ़ती संख्या के मुकाबले न तो पर्याप्त बेड उपलब्ध हैं और न ही पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था है। इसका सीधा असर उपचार व्यवस्था पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल पूरे जिले के मरीजों का प्रमुख उपचार केंद्र है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल में पर्याप्त संसाधन और स्टाफ उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो मरीजों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि फीमेल मेडिकल वार्ड में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जाए तथा नर्सिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। अब देखना होगा कि जिला अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या को लेकर क्या कदम उठाते हैं और मरीजों को राहत दिलाने के लिए कब तक व्यवस्थाओं में सुधार किया जाता है।

Mandsaur, Mandsaur | Jun 13, 2026

🔴 LIVE | मीनाक्षी नटराजन मामले में बड़ा अपडेट

जिस अदालत से नोटिस जारी होने का हवाला दिया गया था, उसी अदालत ने अब याचिका सुनने से इनकार करते हुए उसे वापस लौटा दिया है। 
जुड़िए हमारे साथ लाइव और जानिए हर पहलू की पूरी जानकारी।

#MeenakshiNatarajan #RajyaSabhaElection #BreakingNews #PoliticalNews #LiveUpdate #YashasviDuniya #TelanganaCourt #HindiNews

🔴 LIVE | मीनाक्षी नटराजन मामले में बड़ा अपडेट जिस अदालत से नोटिस जारी होने का हवाला दिया गया था, उसी अदालत ने अब याचिका सुनने से इनकार करते हुए उसे वापस लौटा दिया है। जुड़िए हमारे साथ लाइव और जानिए हर पहलू की पूरी जानकारी। #MeenakshiNatarajan #RajyaSabhaElection #BreakingNews #PoliticalNews #LiveUpdate #YashasviDuniya #TelanganaCourt #HindiNews

Mandsaur, Mandsaur | Jun 13, 2026

जब सृष्टि के पालनहार के घर पर भी जनगणना का नंबर लग जाए, तब मन में एक प्रश्न उठता है...
कौन पूछेगा ईश्वर से कि उनके पास कितनी संपत्ति है?
कितनी गाड़ियाँ हैं?
कैसी छत है, कैसा फर्श है?
जिसने पूरी सृष्टि बनाई, जो सबका पालन करता है, उसे किसी पहचान, प्रमाण या गणना की आवश्यकता नहीं होती। शायद यही हमें याद दिलाता है कि इंसान की असली पहचान उसके मकान, वाहन या संपत्ति से नहीं, बल्कि उसके कर्म, संस्कार और मानवता से होती है।
सोचिए... हम गिनती में क्या-क्या जोड़ रहे हैं, और जीवन में क्या-क्या खो रहे हैं?#आध्यात्मिक_चिंतन #ईश्वर #जीवन_दर्शन #सनातन_विचार #सत्य #मानवता #आत्ममंथन #विचार_मंथन #SpiritualThoughts #LifeWisdom

जब सृष्टि के पालनहार के घर पर भी जनगणना का नंबर लग जाए, तब मन में एक प्रश्न उठता है... कौन पूछेगा ईश्वर से कि उनके पास कितनी संपत्ति है? कितनी गाड़ियाँ हैं? कैसी छत है, कैसा फर्श है? जिसने पूरी सृष्टि बनाई, जो सबका पालन करता है, उसे किसी पहचान, प्रमाण या गणना की आवश्यकता नहीं होती। शायद यही हमें याद दिलाता है कि इंसान की असली पहचान उसके मकान, वाहन या संपत्ति से नहीं, बल्कि उसके कर्म, संस्कार और मानवता से होती है। सोचिए... हम गिनती में क्या-क्या जोड़ रहे हैं, और जीवन में क्या-क्या खो रहे हैं?#आध्यात्मिक_चिंतन #ईश्वर #जीवन_दर्शन #सनातन_विचार #सत्य #मानवता #आत्ममंथन #विचार_मंथन #SpiritualThoughts #LifeWisdom

Mandsaur, Mandsaur | Jun 13, 2026