जनसंवाद की राज्य स्तरीय समीक्षा, मुख्यमंत्री ने शिकायतों के शीघ्र समाधान के दिए निर्देश
जन संवाद कार्यक्रम की राज्य स्तरीय समीक्षा, मुख्यमंत्री ने शिकायतों के शीघ्र समाधान के दिए निर्देश
यमुनानगर, 25 सितंबर। (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो: मुख्यमंत्री ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जन संवाद कार्यक्रम की राज्य स्तरीय समीक्षा करते हुए प्रदेशभर में प्राप्त जन शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका निर्धारित समय सीमा में प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन संवाद सरकार और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सुनना ही नहीं, बल्कि उनका प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक शिकायत की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने जिला वार शिकायतों की स्थिति, उनके निपटारे तथा लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता है, उनमें आपसी तालमेल से शीघ्र कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि शिकायतकर्ता को समाधान की स्थिति से अवगत कराया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन लोगों के मकान की किस जारी नहीं की गई उनके लिए तुरंत राशि जारी की जाए अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि जिन कार्यों के लिए बजट जारी हो चुका है उन कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करें और जिन कार्यों के टेंडर लगाए जाने हैं उनके टेंडर भी जल्द से जल्द लगाई जाए किसी भी अधिकारी या कार्य में आना आवश्यक देरी ना करें तेजी से कार्य करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य आम नागरिक को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इसलिए प्रशासनिक अधिकारियों को जन शिकायतों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाते हुए लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन संवाद के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करते हुए स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, बार-बार सामने आने वाली समस्याओं के मूल कारणों की पहचान कर उनके स्थायी समाधान की दिशा में भी कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जनता की फाइलों को इधर-उधर ना भेजें प्रदेश में जो विकास कार्य होने हैं उन्हें तुरंत पूरा करें मुख्यमंत्री ने स्वयं लोगों द्वारा भेजी गई शिकायतों को पढ़ा और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वह इन समस्याओं को समाधान जल्द से जल्द करें जो अधिकारी लोगों की समस्याओं के समाधान में होता ही करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि हम समय रहते लोगों द्वारा दी गई शिकायत वह समस्याओं पर नजर डालें तो काफी हद तक इन समस्याओं को समाधान जल्दी हो सकता है।
उपायुक्त प्रीति ने कहा कि आमजन की समस्याओं का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के संबंध में एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) भी निर्धारित समयावधि में भेजना सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान उपायुक्त प्रीति ने विभागवार शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग से संबंधित शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उनका जल्द समाधान करवाएं। जिन मामलों में एक से अधिक विभागों का समन्वय आवश्यक है, उनमें आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता को समयबद्ध समाधान उपलब्ध करवाया जाए। इस अवसर पर नगराधीश पीयूष गुप्ता जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।