निर्जला व्रत: सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए 24 घंटे का कठिन निर्जला-निराहार उपवास रखा। शिव-पार्वती की पूजा: महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की रेत या मिट्टी की प्रतिमा स्थापित कर आराधना की। [1]