*तीन माह में 16,760 मरीजों के लिए दौड़ी नि:शुल्क एंबुलेंस, 12 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं को पहुंचाया अस्पताल*
*सारण में 46 बीएलएस, 21 एएलएस एंबुलेंस एवं दो मोर्चरी वैन संचालित
12,137 गर्भवती महिलाओं, 840 ट्रामा मरीजों और 349 नवजात शिशुओं को मिला नि:शुल्क परिवहन का लाभ*
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सारण, 23 अगस्त 2026
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आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और जरूरतमंदों को सुगम स्वास्थ्य परिवहन उपलब्ध कराने में सारण जिले की नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मई से जुलाई 2026 के बीच महज तीन माह में जिले के 16,760 मरीजों एवं लाभार्थियों को नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा का लाभ मिला।
इनमें 12,137 गर्भवती महिलाएं, 840 ट्रामा मरीज, 349 नवजात शिशु तथा 3,434 अन्य मरीज शामिल हैं। घर से स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर मरीजों को एक स्वास्थ्य केंद्र से दूसरे उच्च चिकित्सा संस्थान तक रेफर करने में भी एंबुलेंस सेवा लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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12,137 गर्भवती महिलाओं को मिली नि:शुल्क एंबुलेंस सुविधा*
मई से जुलाई 2026 के दौरान 12,137 गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई गई। गर्भवती महिलाओं को उनके घर से स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने तथा आवश्यकता के अनुसार प्रसव के बाद स्वास्थ्य केंद्र से घर तक पहुंचाने में भी एंबुलेंस सेवा का उपयोग किया गया।
विशेषकर ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए समय पर अस्पताल पहुंचने की सुविधा सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में सहायक साबित हो रही है। इससे गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को आपात स्थिति में परिवहन की चिंता से राहत मिल रही है।
*840 ट्रामा मरीजों को समय पर पहुंचाया गया अस्पताल*
सड़क दुर्घटना सहित विभिन्न आपात स्थितियों में घायल मरीजों के लिए समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है। तीन माह के दौरान 840 ट्रामा मरीजों को नि:शुल्क एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया।
गंभीर मरीजों को उनकी स्थिति के अनुरूप बेहतर चिकित्सा संस्थान तक रेफर करने में भी एंबुलेंस नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तेज एवं प्रभावी एंबुलेंस सेवा के माध्यम से आपातकालीन मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
*349 नवजात शिशुओं को एसएनसीयू तक पहुंचाया गया*
नवजात शिशुओं के लिए भी एंबुलेंस सेवा जीवनरक्षक कड़ी के रूप में कार्य कर रही है। मई से जुलाई के बीच 349 नवजात शिशुओं को प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों से छपरा स्थित एसएनसीयू तक एंबुलेंस के माध्यम से पहुंचाया गया।
उपचार के बाद जरूरत के अनुसार नवजात शिशुओं को एसएनसीयू से उनके घर तक पहुंचाने में भी एंबुलेंस सेवा का उपयोग किया गया। गंभीर अथवा विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले नवजातों को समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने में यह व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
*3,434 अन्य मरीजों को भी मिला लाभ*
गर्भवती महिलाओं, ट्रामा मरीजों एवं नवजात शिशुओं के अतिरिक्त तीन माह में 3,434 अन्य मरीजों ने भी नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा का लाभ उठाया। बीमारी, आपात स्थिति अथवा रेफरल की आवश्यकता वाले मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में यह सेवा लगातार उपयोगी साबित हो रही है।
*जिले में 67 एंबुलेंस और दो मोर्चरी वैन संचालित*
डीपीएम श्री अरविन्द कुमार ने बताया कि सारण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुल 67 एंबुलेंस संचालित हैं, जिनमें 46 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) और 21 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जिले में दो मोर्चरी वैन भी उपलब्ध हैं।
बीएलएस एंबुलेंस के माध्यम से सामान्य एवं आवश्यक चिकित्सा सहायता वाले मरीजों को स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाया जाता है, जबकि गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक चिकित्सा सहायता से युक्त एएलएस एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध है।
*102 नंबर पर उपलब्ध है नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा*
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि जरूरतमंद मरीज एवं उनके परिजन नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा के लिए टोल फ्री नंबर 102 पर संपर्क कर सकते हैं। एंबुलेंस के माध्यम से मरीजों को घर से अस्पताल तथा आवश्यकता पड़ने पर एक स्वास्थ्य संस्थान से दूसरे उच्च चिकित्सा संस्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में एंबुलेंस नेटवर्क को और अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को बिना विलंब स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
समय पर एंबुलेंस, समय पर अस्पताल और समय पर इलाज—इसी उद्देश्य के साथ सारण में नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, दुर्घटना में घायल मरीजों एवं अन्य जरूरतमंदों के लिए राहत और जीवनरक्षक सहारा बन रही है।
Saharsa, Bihar | Aug 23, 2026