#सेवा_संकल्प_अभियान
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कहानी बदलाव की
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पुष्प खेती से कृषक श्री असलम शाह की आय में वृद्धि, प्रतिवर्ष 3 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित कर बने आत्मनिर्भर
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पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना के तहत मिली 37,500 रुपये की अनुदान राशि, गुलाब, गेंदा एवं गुलदाउदी की खेती से मिली नई पहचान
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पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। इसका उदाहरण धार तहसील के ग्राम तुर्क बगड़ी के कृषक श्री असलम शाह, पिता श्री मकबूल शाह हैं, जिन्होंने पुष्प खेती को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है। श्री शाह द्वारा पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना (एमआईडीएच) के अंतर्गत 0.750 हेक्टेयर क्षेत्र में गुलाब, गेंदा एवं गुलदाउदी की खेती की जा रही है। योजना के तहत उन्हें 37,500 रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई है। वर्तमान में पुष्प उत्पादन से वे प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित कर रहे हैं।
*पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अपनाई पुष्प खेती*
श्री असलम शाह पूर्व में सोयाबीन एवं गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों की खेती करते थे। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों तथा अपेक्षाकृत कम उत्पादन के कारण उन्हें खेती से अपेक्षित आय प्राप्त नहीं हो पा रही थी। अपनी आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया तथा वैकल्पिक फसलों की संभावनाओं को समझा।
*विभागीय मार्गदर्शन से मिली आधुनिक खेती की जानकारी*
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा श्री शाह को पुष्प उत्पादन, संरक्षित खेती, मल्चिंग तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी एवं आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विभागीय मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से प्रेरित होकर उन्होंने पारंपरिक फसलों के साथ पुष्प उत्पादन को अपनाने का निर्णय लिया। पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना के अंतर्गत प्राप्त अनुदान से उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने में सहायता मिली।
*गुलाब, गेंदा एवं गुलदाउदी की खेती से बढ़ी आमदनी*
वर्तमान में श्री असलम शाह अपने 0.750 हेक्टेयर क्षेत्र में गुलाब, गेंदा एवं गुलदाउदी का उत्पादन कर रहे हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों और विभागीय मार्गदर्शन का उपयोग करते हुए वे पुष्प खेती से बेहतर आय प्राप्त कर रहे हैं। पुष्प उत्पादन से प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित कर वे अपने परिवार का बेहतर ढंग से भरण-पोषण कर रहे हैं।
*अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा*
कृषक श्री असलम शाह की सफलता इस बात का उदाहरण है कि पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी एवं पुष्प उत्पादन को अपनाकर किसान अपनी आय के नए स्रोत विकसित कर सकते हैं। शासकीय योजनाओं का लाभ, तकनीकी मार्गदर्शन और आधुनिक कृषि पद्धतियों का उपयोग खेती को लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। श्री शाह स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त बनने के साथ आसपास के अन्य किसानों को भी पुष्प खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस योजना के लिए वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते है।
Jansampark Madhya Pradesh
Dhar, Madhya Pradesh | Oct 14, 2026