विकासखंड जैतहरी के ग्राम ठेही, ग्राम पंचायत गौरेला निवासी श्रीमती विमलवती श्याम ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी आजीविका को नई दिशा दी है। पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने वाली विमलवती आज सिलाई, किराना, मनिहारी, ट्रैक्टर और थ्रेशर जैसी पांच आजीविका गतिविधियों का संचालन कर परिवार की आय बढ़ा रही हैं।
विमलवती बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित थी। पारंपरिक खेती से होने वाली आय से परिवार का भरण-पोषण करना चुनौतीपूर्ण था। गांव की महिलाओं को स्वयं सहायता समूह की गतिविधियों से आगे बढ़ते देखकर वे भी प्रेरित हुईं। उन्होंने 1 दिसम्बर 2022 को 14 महिलाओं को साथ लेकर सागर स्वयं सहायता समूह का गठन किया और समूह की अध्यक्ष बनीं।
समूह से जुड़ने के बाद विमलवती ने छोटे स्तर से शुरुआत की। रिवॉल्विंग फंड से 5,000 रुपये का ऋण लेकर सिलाई का काम शुरू किया। ऋण चुकाने के बाद 15,000 रुपये का ऋण लेकर गांव में किराना दुकान प्रारंभ की। समूह की बचत एवं सामुदायिक निवेश कोष से मिले सहयोग से किराना दुकान में मनिहारी सामग्री भी रखना शुरू किया।
आजीविका का विस्तार करते हुए विमलवती ने बैंक क्रेडिट लिंकेज के माध्यम से 1 लाख रुपये का ऋण लेकर स्वयं की जमा पूंजी के सहयोग से ट्रैक्टर खरीदा। इसके बाद 2 लाख रुपये का ऋण लेकर थ्रेशर मशीन भी खरीदी। इस तरह उन्होंने अपनी आजीविका के पांच अलग-अलग साधन विकसित किए।
वर्तमान में इन गतिविधियों से विमलवती को प्रतिमाह लगभग 25 से 30 हजार रुपये की व्यक्तिगत शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही वे लखपति सखी, कृषि सखी एवं लोकोस सखी के रूप में कार्य करते हुए क्षेत्र की महिलाओं को भी आजीविका गतिविधियों के लिए मार्गदर्शन दे रही हैं।
विमलवती अपनी इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए मिल रहे अवसरों और स्वयं सहायता समूह से जुड़कर प्राप्त सहयोग ने उनकी आजीविका को नई दिशा दी है।
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