विदिशा की ई-विकास प्रणाली का छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने किया अध्ययन
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पारदर्शी खाद वितरण व्यवस्था से किसानों को मिली सुविधा, लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं
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जिले में किसानों को उर्वरक वितरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से लागू की गई ई-विकास प्रणाली (ई-टोकन व्यवस्था) का छत्तीसगढ़ से आए अधिकारियों के दल ने अध्ययन किया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस व्यवस्था को अपनाने के उद्देश्य से अधिकारियों के दल ने विदिशा जिले के विभिन्न उर्वरक वितरण केन्द्रों का भ्रमण कर ई-विकास प्रणाली की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा।
विदिशा जिले में शासन के निर्देशानुसार 1 अक्टूबर 2025 से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ई-विकास प्रणाली लागू की गई थी। जिले में इसके सफल संचालन के बाद 1 जनवरी 2026 से यह व्यवस्था पूरे मध्यप्रदेश में लागू की गई। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण की प्रक्रिया में किसानों को टोकन आधारित सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उर्वरक प्राप्त करने के लिए किसानों को अनावश्यक रूप से कतार में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
मोबाइल से घर बैठे प्राप्त होता है ई-टोकन -
ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत किसान अपने मोबाइल के माध्यम से अथवा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर मोबाइल नंबर के जरिए पोर्टल पर पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के बाद किसान को ई-टोकन प्राप्त होता है। इस टोकन के आधार पर किसान के उपलब्ध रकबे के अनुसार निर्धारित आवश्यक मात्रा में उर्वरक प्राप्त किया जा सकता है। किसान संबंधित सेवा सहकारी समिति अथवा अपनी सुविधा के अनुसार निजी उर्वरक विक्रेता से उर्वरक खरीद सकता है। इस व्यवस्था से उर्वरक वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आने के साथ ही किसानों के समय की बचत हो रही है और उन्हें उर्वरक प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहने की समस्या से राहत मिली है।
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने साझा की व्यवस्था की जानकारी -
छत्तीसगढ़ से आए अधिकारियों के दल के साथ कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता भी उपस्थित रहे। उन्होंने जिले में किसानों के हित में लागू की गई इस नवीन एवं पारदर्शी उर्वरक वितरण व्यवस्था की जानकारी अधिकारियों को दी तथा ई-विकास पोर्टल की कार्यप्रणाली से संबंधित मार्गदर्शन प्रदान किया। छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव कृषि श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक कृषि एवं संयुक्त सचिव कृषि श्री राहुल देव, संयुक्त संचालक कृषि श्री आर.एल. धुरंधर तथा संवर्ग अधिकारी ग्रेड-1, एपेक्स जिला सहकारी बैंक श्री पंकज सोढ़ी अध्ययन दल में शामिल रहे।
मार्कफेड वितरण केन्द्र का किया भ्रमण -
भ्रमण के दौरान छत्तीसगढ़ के अधिकारियों के दल ने मार्कफेड के उर्वरक वितरण केन्द्र का निरीक्षण किया। यहां दल के सदस्यों ने ई-विकास प्रणाली की बारीकियों को समझा और उपस्थित किसानों से भी ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करने के अनुभवों एवं प्रक्रिया की जानकारी ली। कृषि विभाग के प्रभारी उप संचालक श्री अशोक सिंह कौरव, प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री विशाल यादव एवं कृषि विस्तार अधिकारी श्री सुरेश कुमार सिसौदिया, सहकारिता विभाग से श्री विजय साहू तथा जिला विपणन अधिकारी श्रीमती राखी रघुवंशी ने अध्ययन दल को ई-विकास पोर्टल पर ई-टोकन जनरेट करने से लेकर उर्वरक उठाव तक की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई।
निजी उर्वरक विक्रेता एवं पैक्स इमलिया का भी अवलोकन -
अध्ययन दल द्वारा निजी उर्वरक विक्रेता पीतलिया सीड्स एंड फर्टिलाइजर पहुंचकर ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक वितरण की व्यवस्था का अवलोकन किया गया। इसके बाद दल ने पैक्स इमलिया पहुंचकर ई-टोकन व्यवस्था की प्रक्रिया देखी तथा वहां उपस्थित किसानों से चर्चा कर व्यवस्था के संबंध में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की। छत्तीसगढ़ से आए अधिकारियों ने विदिशा जिले में ई-विकास प्रणाली के संचालन, ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरण तथा सहकारी एवं निजी विक्रेताओं के स्तर पर अपनाई जा रही प्रक्रिया का अध्ययन किया। इस दौरान किसानों की सुविधा, पारदर्शिता और सुव्यवस्थित उर्वरक वितरण के लिए अपनाई गई व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की गई। #Vidisha