जिले में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप का असर अब गांवों में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। तालाब, पोखर और नदियां तेजी से सूख रही हैं, जिससे पालतू मवेशियों के सामने पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।इस स्थिति ने पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मवेशियों को खुले मैदान और खेतों में चराने की परंपरा है।