अख्तर हवारी ने बकाया वेतन और 192 मजदूरों की बहाली के लिए पीएमओ और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि 2.48 लाख रुपये का भुगतान नहीं हुआ है और आर्थिक तंगी के कारण उनकी बेटी की शादी खतरे में है। अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे आत्मदाह और काम बंद करने की चेतावनी दे रहे हैं।