केंद्रीय आयुष मंत्रालय से आयुष मंत्री के साथ बातचीत के लिए मुलाकात का समय मिलने के बाद RCFC बचाओ संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल आज शाम को दिल्ली रवाना हुआ। संघर्ष समिति के संयोजक एवं जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने बताया कि इस प्रतिनिधिमंडल में संघर्ष समिति के महासचिव एवं वरिष्ठ रोटेरियन अजय ठाकुर, अध्यक्ष गुरुशरण परमार, सलाहकार एवं सेवानिवृत डीएसपी ज्ञान चंद ठाकुर, सह संयोजक एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य संजीव शर्मा के नेतृत्व में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की एक टीम आज दिल्ली के लिए रवाना हुई। इस टीम में कुछ सदस्य दिल्ली में भी के.के. सकलानी जी के नेतृत्व में शामिल होंगे तथा कुछ हरियाणा व अन्य राज्यों के लाभान्वित किसान भी शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति को उम्मीद है कि संस्थान को सोलन शिफ्ट करने की पूर्व की नोटिफिकेशन को रद्द किया जाएगा और केंद्रीय आयुष मंत्रालय जोगिंदर नगर के इस प्रतिष्ठित संस्थान को जोगिंदर नगर में ही जारी रखते हुए इसे और सुदृढ़ करने तथा पारदर्शिता से कार्य करने हेतु उचित कदम उठाएगा।
उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति की क्रमिक भूख हड़ताल का आज 50वां दिन है और असल में ये भूख हड़ताल संघर्ष समिति की ही नहीं बल्कि जोगिंदर नगर की जनता का अपना संस्थान बचाने का एकजुट प्रयास है। इस संदर्भ में केंद्र सरकार व राज्य सरकार के मुखियाओं समेत संबंधित मंत्रियों को भी हमने कई ज्ञापन भेजे तथा 3 बड़े प्रदर्शन भी आयोजित किए।
इसी मुद्दे पर हम हमीरपुर, कांगड़ा व मंडी के लोकसभा सदस्यों क्रमशः अनुराग ठाकुर, डॉक्टर राजीव भारद्वाज, कंगना रनौत और राज्य सभा सदस्य अनुराग शर्मा से मिल चुके हैं और सबका रुख सकारात्मक रहा है।
कुशाल भारद्वाज ने कहा कि संस्थान की शिफ्टिंग का आदेश सिर्फ इस संस्थान के संचालकों की कमियों की वजह से ही नहीं बल्कि केंद्र व प्रदेश में सत्तारूढ़ पार्टियों के जोगिंदर नगर में मौजूदा कमजोर नेतृत्व की नालायकियों से भी हुए। यदि नेतृत्व सजग और दमदार हो तो नए संस्थान आपके क्षेत्र को मिलते हैं और नेतृत्व कमजोर हो तो बने बनाए संस्थान भी बाहर चले जाते हैं और कोई परवाह करने वाला भी नहीं होता है। 50 दिन की भूख हड़ताल में भी जनता तो बैठी लेकिन नेता लोग खुद भी गायब रहे और अपने समर्थकों को भी दूरी बनाने को कहते रहे। ऐसा लगता रहा कि जनता तो संस्थान रोकना चाहती है, लेकिन नेता लोग इसे रोकने के लिए गंभीर नहीं दिखे।
हाल ही में संघर्ष समिति के नेतृत्व ने भाजपा के राष्ट्रीय नेता अजय जमवाल जी से भी इस बारे बात की और उनका रूख भी काफी सकारात्मक रहा है तथा उन्होंने भी जोगिंदर नगर के इस संस्थान को बचाने के लिए संबंधित मंत्रालय से बात करने बारे आश्वस्त किया है।
कुशाल भारद्वाज ने कहा कि जहां एक ओर संघर्ष समिति के कई पदाधिकारी दिल्ली जा रहे हैं वहीं वे और कुछ अन्य पदाधिकारी स्थानीय स्तर पर संघर्ष के मोर्चे को संभालेंगे। हमें उम्मीद है कि इस बैठक का नतीजा सकारात्मक रहेगा और हमें हमारा संस्थान वापस मिलेगा। जैसे ही शिफ्टिंग की नोटिफिकेशन रद्द होगी वैसे ही हम अपनी भूख हड़ताल वापस ले लेंगे और यदि संस्थान को शिफ्ट करने का फैसला बदला नहीं गया तो संघर्ष का अगला चरण उग्र होगा। क्रमिक अनशन के 50वें दिन विवेक, रविंद्र, नागेश और कर्म चंद बैठे हैं l