Maharashtra के School में गुस्ताख-ए-नबी गाने पर बच्चों से कराया डांस‚ मचा हड़कंप | Jalna | Police
🚨 महाराष्ट्र के जालना से बेहद हैरान और परेशान करने वाली खबर! क्या शिक्षा के मंदिरों में अब पाकिस्तानी एजेंडा चलाया जाएगा? 🚨
सोशल मीडिया पर इस वक्त एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने हर देशभक्त नागरिक को सोचने पर मजबूर कर दिया है। मामला जालना ज़िले के पार्टूर स्थित एक इंग्लिश स्कूल का है। स्कूल के सालाना जलसे (Annual Function) में मासूम बच्चों के हाथों में नकली तलवारें थमा दी गईं और बैकग्राउंड में एक विवादित और कट्टरपंथी पाकिस्तानी गाना बजाया गया— जिसके बोल हैं 'गुस्ताख़-ए-नबी की एक सज़ा...'।
हद तो तब हो गई... जब यह बात सामने आई कि स्टेज के पीछे लगी बड़ी स्क्रीन पर पाकिस्तान के कुख्यात आतंकवादी 'मुमताज़ कादरी' की तस्वीर भी दिखाई गई थी! यह वही मुमताज़ कादरी है जिसने पाकिस्तान में एक मासूम महिला का समर्थन करने पर वहां के गवर्नर की हत्या कर दी थी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि हमारे देश के मासूम बच्चों के सामने ऐसे आतंकियों को 'रोल मॉडल' बनाकर क्यों पेश किया जा रहा है? क्या यह बच्चों के ज़हन में कट्टरपंथ का ज़हर घोलने की कोई गहरी साज़िश है?
विवाद बढ़ने पर स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह वीडियो पुराना है और स्क्रीन का काम एक बाहरी वेंडर (ठेकेदार) को दिया गया था। लेकिन क्या इतना कहकर स्कूल प्रशासन अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ सकता है? क्या स्कूल में जो कुछ भी दिखाया जाता है, उसकी जांच करना मैनेजमेंट का काम नहीं है?
इस मामले में बाल अधिकार संस्था (NCPCR) और महाराष्ट्र पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने संगठन के प्रमुख से पूछताछ भी शुरू कर दी है।
👇 आप इस पूरे मामले पर क्या सोचते हैं?
क्या स्कूल का वेंडर वाला बहाना सही है या इसके पीछे कोई गहरी साज़िश है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखें!
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