#जनता_के_तथाकथित_रक्षक_दबोचे_गए!
भरतपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने मंगलवार देर शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना अटलबंध में तैनात सहायक उपनिरीक्षक गोविन्द मीना को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी एएसआई परिवादी के पिता द्वारा दर्ज कराए गए दो मुकदमों में कार्रवाई करने के बदले कुल 30,000 रुपए की घूस मांग रहा था। एसीबी भरतपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह के अनुसार, परिवादी ने एसीबी चौकी पर उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके पिता की ओर से मारपीट से संबंधित मामला अटलबंध थाने में दर्ज कराया गया था, जिसकी जांच एएसआई गोविन्द मीना के पास थी। आरोपी एएसआई मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने और आरोपियों पर सख्त कदम उठाने की एवज में 30,000 रुपए की रिश्वत की मांग कर लगातार दबाव बना रहा था। शिकायत मिलते ही गोपनीय सत्यापन कराया गया, जिसमें एएसआई द्वारा रिश्वत मांगने की बात पूरी तरह सच साबित हुई। मांग की पुष्टि होने के बाद पुलिस निरीक्षक महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। मंगलवार शाम को जैसे ही परिवादी ने रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 15,000 रुपए एएसआई गोविन्द मीना को सौंपे, घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी एएसआई से गहन पूछताछ कर रही है और उसके अन्य ठिकानों की भी तलाशी ली जा रही है।