खागा में वीडियो बनाने पर युवक से मारपीट का आरोप, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
ओवरलोड ट्रक की बैरिकेडिंग से टक्कर के बाद बढ़ा विवाद, वायरल वीडियो चर्चा में
युवक ने मोबाइल छीनने और धमकी देने का लगाया आरोप, जांच की बात कह रही पुलिस
✒️रिपोर्ट पिंटू तिवारी
फतेहपुर। फतेहपुर जिले की खागा तहसील स्थित विजयीपुर चौराहे पर पुलिस कार्रवाई के दौरान हुए विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोप है कि ओवरलोड ट्रकों की जांच के दौरान वीडियो बना रहे एक युवक के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की, उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे धमकाया। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फतेहपुर जनपद के खागा क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब ओवरलोड वाहनों की जांच के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच विवाद की खबर सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किशनपुर थाना क्षेत्र की पुलिस विजयीपुर चौराहे पर ओवरलोड ट्रकों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक ट्रक चालक ने कथित रूप से तेज गति में वाहन निकालने का प्रयास किया और बैरिकेडिंग को टक्कर मार दी, जिससे बैरिकेड क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना के दौरान आयुष यादव नामक युवक मौके का वीडियो बना रहा था। युवक का आरोप है कि वीडियो रिकॉर्डिंग से नाराज होकर उपनिरीक्षक जितेंद्र दुबे और सिपाही दीपक वर्मा ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। आयुष का दावा है कि उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया और करीब आधे घंटे तक अपने कब्जे में रखा गया।
युवक ने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ डंडे से मारपीट की गई तथा उसे झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी एक ट्रक पर लाठी चलाते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और प्रशासनिक स्तर पर इसकी जांच की प्रतीक्षा की जा रही है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए किशनपुर थाना प्रभारी योगेश कुमार ने कहा कि उन्हें घटना की विस्तृत जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी नागरिक के साथ वास्तव में अभद्रता हुई है तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।
वायरल फैक्ट
घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद ओवरलोड वाहनों की जांच, पुलिस की कार्यशैली और नागरिकों के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल यह मामला आरोप और प्रत्यारोप के बीच जांच के दायरे में है। अब सभी की निगाहें पुलिस विभाग और प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच से ही स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में दिख रहा घटनाक्रम किन परिस्थितियों में हुआ और क्या किसी पक्ष द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया था।
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