
ओवरलोडिंग पर प्रशासनिक दावों की खुली पोल! वायरल जीपीएस वीडियो ने मचाई खलबली फतेहपुर में बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक-डंपर, खनिज और आरटीओ विभाग पर उठे सवाल जनता ने मांगी उच्चस्तरीय जांच, वीडियो साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग ✒️रिपोर्ट पिंटू तिवारी उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए जीपीएस आधारित वीडियो ने जिले में ओवरलोड वाहनों के संचालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि प्रशासनिक निगरानी और टास्क फोर्स की मौजूदगी के बावजूद मोरम और गिट्टी से लदे ओवरलोड वाहन प्रमुख मार्गों पर लगातार फर्राटा भर रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद खनिज विभाग, परिवहन विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फतेहपुर जिले में ओवरलोडिंग का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। जिला प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे किए जाते रहे हैं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा समय-समय पर संबंधित विभागों को निर्देश भी जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद रामनगर कौहन यमुना पुल, असोथर, प्रताप नगर झाल और आसपास के क्षेत्रों से गुजरते कथित ओवरलोड वाहनों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों द्वारा बनाए गए जीपीएस वीडियो और फुटेज में कथित तौर पर मोरम और गिट्टी से लदे भारी वाहन क्षमता से अधिक माल ढोते हुए दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी और चेकिंग की व्यवस्था लागू है, तो ऐसे वाहन खुलेआम कैसे संचालित हो रहे हैं। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि ओवरलोडिंग से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि सड़कें भी समय से पहले क्षतिग्रस्त होती हैं और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। लोगों ने खनिज विभाग और आरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है। क्षेत्र में चर्चा यह भी है कि कुछ लोग कथित रूप से वाहनों को चेकिंग प्वाइंट्स और अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराते हैं। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद ऐसे आरोपों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वायरल जीपीएस वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोकेशन डेटा की तकनीकी जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। फतेहपुर में सामने आए इस प्रकरण ने प्रशासनिक निगरानी, परिवहन व्यवस्था और ओवरलोडिंग नियंत्रण तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थितियां किस हद तक सही हैं और जिम्मेदारी किसकी बनती है। 🟥 ND NEWS की विशेष अपील ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा जिला प्रशासन, खनिज विभाग, परिवहन विभाग एवं पुलिस प्रशासन से अपील करता है कि वायरल वीडियो और जन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए। ओवरलोडिंग केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा, पर्यावरण और सरकारी राजस्व से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में बड़े हादसों और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ सकती है। "सुरक्षित सड़कें, पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही ही सुशासन की पहचान है।" 👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #Overloading #OverloadTrucks #MiningDepartment #RTO #RoadSafety #UPPolice #FatehpurNews #TransportDepartment #PublicInterest #NDNewsChannel #GPSVideo #ViralVideo #Accountability 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📞 मोबाइल: 9696119696
Fatehpur, Fatehpur | Jun 22, 2026

ओवरलोडिंग पर प्रशासनिक दावों की खुली पोल! वायरल जीपीएस वीडियो ने मचाई खलबली फतेहपुर में बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक-डंपर, खनिज और आरटीओ विभाग पर उठे सवाल जनता ने मांगी उच्चस्तरीय जांच, वीडियो साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग ✒️रिपोर्ट पिंटू तिवारी उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए जीपीएस आधारित वीडियो ने जिले में ओवरलोड वाहनों के संचालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि प्रशासनिक निगरानी और टास्क फोर्स की मौजूदगी के बावजूद मोरम और गिट्टी से लदे ओवरलोड वाहन प्रमुख मार्गों पर लगातार फर्राटा भर रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद खनिज विभाग, परिवहन विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फतेहपुर जिले में ओवरलोडिंग का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। जिला प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे किए जाते रहे हैं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा समय-समय पर संबंधित विभागों को निर्देश भी जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद रामनगर कौहन यमुना पुल, असोथर, प्रताप नगर झाल और आसपास के क्षेत्रों से गुजरते कथित ओवरलोड वाहनों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों द्वारा बनाए गए जीपीएस वीडियो और फुटेज में कथित तौर पर मोरम और गिट्टी से लदे भारी वाहन क्षमता से अधिक माल ढोते हुए दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी और चेकिंग की व्यवस्था लागू है, तो ऐसे वाहन खुलेआम कैसे संचालित हो रहे हैं। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि ओवरलोडिंग से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि सड़कें भी समय से पहले क्षतिग्रस्त होती हैं और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। लोगों ने खनिज विभाग और आरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है। क्षेत्र में चर्चा यह भी है कि कुछ लोग कथित रूप से वाहनों को चेकिंग प्वाइंट्स और अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराते हैं। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद ऐसे आरोपों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वायरल जीपीएस वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोकेशन डेटा की तकनीकी जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। फतेहपुर में सामने आए इस प्रकरण ने प्रशासनिक निगरानी, परिवहन व्यवस्था और ओवरलोडिंग नियंत्रण तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थितियां किस हद तक सही हैं और जिम्मेदारी किसकी बनती है। 🟥 ND NEWS की विशेष अपील ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा जिला प्रशासन, खनिज विभाग, परिवहन विभाग एवं पुलिस प्रशासन से अपील करता है कि वायरल वीडियो और जन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए। ओवरलोडिंग केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा, पर्यावरण और सरकारी राजस्व से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में बड़े हादसों और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ सकती है। "सुरक्षित सड़कें, पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही ही सुशासन की पहचान है।" 👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #Overloading #OverloadTrucks #MiningDepartment #RTO #RoadSafety #UPPolice #FatehpurNews #TransportDepartment #PublicInterest #NDNewsChannel #GPSVideo #ViralVideo #Accountability 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📞 मोबाइल: 9696119696
Fatehpur, Fatehpur | Jun 22, 2026

औरंगाबाद में ओवरलोड और बिना नंबर प्लेट के दौड़ रहीं ‘मौत की गाड़ियां’, अंबा-नबीनगर रोड पर खुलेआम नियमों की धज्जियां, लगातार हादसे फिर भी प्रशासन बेखबर। #Aurangabad #OverloadTrucks #NoNumberPlate #RoadAccident #DeoAmbaRoad #Nabinagar #BiharPolice #TrafficRules *अंबा, औरंगाबाद, 12 जून 2026* औरंगाबाद जिले की सड़कों पर ओवरलोड और बिना नंबर प्लेट की हाईवा-ट्रेलर बेखौफ दौड़ रही हैं। अंबा-नबीनगर रोड पर आज भी ऐसा ही नजारा दिखा। छाई से लदा हाईवा ओवरलोड था, लेकिन न आगे नंबर प्लेट थी न पीछे। *1. छोटे वाहनों पर तुरंत कार्रवाई, बड़ी गाड़ियां बेलगाम* सबसे बड़ी विडंबना ये है कि छोटी गाड़ियों में नंबर प्लेट न होने पर पुलिस तुरंत फाइन कर देती है। लेकिन ओवरलोड हाईवा और ट्रेलर खुलेआम सड़कों पर चल रहे हैं। इन पर कोई रोक-टोक नहीं। *2. लगातार मौतें, फिर भी नहीं जागा प्रशासन* कुछ दिन पहले नबीनगर बाजार में इसी तरह की बिना नंबर की ओवरलोड गाड़ी ने दूध लेने जा रहे एक व्यक्ति को कुचल दिया। जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गुरुवार रात अंबा-देव पथ पर भी साइकिल सवार मजदूर शंभूनाथ उर्फ मोनू की गिट्टी लदे ट्रेलर की चपेट में आकर मौत हो गई। *3. हादसे के बाद भाग जाती हैं गाड़ियां, कौन जिम्मेदार?* लगातार हो रहे हादसों के बाद भी पुलिस और प्रशासन नहीं जागा। ओवरलोड गाड़ियां खुलेआम चल रही हैं। दुर्घटना के बाद ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भाग जाते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता। *सवाल ये है*: आखिर इन ‘मौत की गाड़ियों’ के लिए जिम्मेदार कौन? कब तक यूं ही सड़कों पर मौत दौड़ती रहेगी? प्रशासन की चुप्पी पर स्थानीय लोग आक्रोशित हैं।
Aurangabad, Aurangabad | Jun 12, 2026