"मंगोली का बुलडोजर कांड"
“मेरा क्या कसूर?”—दलित ग्रामीण नायब सिंह ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
मंगोली जट्टान, कुरुक्षेत्र।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पैतृक गांव मंगोली जट्टान में ग्रामीण समस्याएं उठाने के बाद दलित ग्रामीण नायब सिंह के ठिकाने पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई (50 वर्ष पुराना दलित नायब सिंह का मकान तोड़ दिया गया )सवालों के घेरे में है। नायब सिंह का आरोप है कि उसने गांव की समस्याएं मीडिया के सामने रखीं और उसके बाद उसे निशाना बनाया गया।
नायब सिंह का कहना है कि उसने गांव की सच्चाई बताते हुए यह मुद्दा भी उठाया था कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का परिवार करीब 50 /60वर्ष पहले गांव छोड़ चुका और उनके परिवार के पास उस समय करीब डेढ़ एकड़ जमीन थी, जिसे बेचकर वे चले गए थे। अब उनके पास काफी जमीने, कोठी ,स्टोन क्रशर, काफी डंपर चलते हैं! हालांकि की अभी तक कोई प्रमाणिक पुष्टि नहीं हो पाई है!
नायब सिंह के अनुसार, सोमवार को कैलाश सैनी, जिन्हें वह मुख्यमंत्री का प्रतिनिधि बताते हैं, उसके पास आए और उसे डराने की कोशिश की। इसके बाद सोमवार को ही उसके ठिकाने पर बुलडोजर पहुंच गया और कार्रवाई कर दी गई।
पीड़ित का कहना है कि उसका ठिकाना पशु बांधने और सामान रखने के लिए इस्तेमाल होता था। उसका सवाल है कि गांव में ऐसे कई अन्य स्थान हैं जिनका लोग 50-60 वर्षों से इस्तेमाल कर रहे हैं, फिर कार्रवाई केवल उसके खिलाफ ही क्यों हुई?
“मेरा क्या कसूर है? क्या मैं दलित हूं, इसलिए मेरे साथ ऐसा हुआ? या मैंने गांव की सच्चाई मीडिया के सामने बताई, इसलिए मुझ पर यह कार्रवाई की गई?”—नायब सिंह ने सरकार से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा।
मामले में प्रशासन का पक्ष जानने के लिए संबंधित कार्यालय पहुंचने पर बीडीपीओ और ग्राम सचिव राजेश अपनी सीट पर मौजूद नहीं मिले। फोन पर ग्राम सचिव राजेश ने कार्रवाई को प्रशासनिक कार्रवाई बताते हुए कहा कि वहां भवन निर्माण होना है और इसी कारण कार्रवाई की गई। नोटिस और कार्रवाई के आदेश के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया हमने (कोई नोटिस नहीं दिया चौकीदार को भेजा था) नियमों के अनुसार कार्रवाई की बात कही और शिकायत करने की बात कहते हुए फोन काट दिया।
अब सवाल यह है कि यदि पंचायत की जमीन से कब्जे हटाने की कार्रवाई थी तो क्या सभी ऐसे स्थानों पर समान कार्रवाई होगी? और क्या यह कार्रवाई इसलिए की गई कि भविष्य में कोई दूसरा ग्रामीण गांव की समस्याएं उठाने की हिम्मत न करे?
Haryana, India | Sep 26, 2026