उद्घाटन से पहले ही दरकी राजकीय सामुदायिक केंद्र की दीवारें, घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप, ग्रामीणों में भारी रोष
सूरोठ कस्बे में नवनिर्मित राजकीय अस्पताल का भवन लोकार्पण से पहले ही विवादों के घेरे में आ गया है। जनता को समर्पित होने से पूर्व ही अस्पताल परिसर की दीवारों और छतों में स्पष्ट दरारें नजर आने लगी हैं। इसे लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और संवेदक पर निर्माण कार्य में घोर लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का सीधा आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने मंगलवार दोपहर 12:00 बजे बताया कि सरकार द्वारा आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से इस नवीन भवन का निर्माण कराया गया था। लेकिन, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के चलते निर्माण में तय मानकों की अनदेखी की गई। घटिया सीमेंट, मानक से कम सरिया और दूषित रेत के उपयोग के कारण भवन उपयोग में आने से पहले ही जर्जर अवस्था की ओर बढ़ता दिख रहा है। दीवारों में आई दरारें किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक भवन की तकनीकी जांच उच्च स्तरीय टीम से नहीं कराई जाती और निर्माण की कमियों को पूरी तरह सुधारा नहीं जाता, तब तक भवन का उद्घाटन नहीं होने दिया जाएगा। लोगों ने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर संवेदक व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने और निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।