समाहरणालय पूर्णिया,
जनसंपर्क कार्यालय,
प्रेस विज्ञप्ति 788,
दिनांक 16 जून 2026,
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बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्थान पंचायती राज विभाग के तत्वावधान में एवं जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार भा०प्र०से० पूर्णिया के दिशा निर्देश एवं मार्गदर्शन में आयोजित एक दिवसीय जीपीडीपी पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज विधिवत समापन हो गया।
जिले के सभी 14 प्रखंडों में आयोजित यह त्रिस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) और 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों पर केंद्रित था।
चरणबद्ध तरीके से 10 जून से शुरू होकर आज 16 जून 2026 तक चला। यह एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय शासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
पूर्णिया में GPDP और 16वें वित्त आयोग पर एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न।
पूर्णिया जिला: पंचायती राज व्यवस्था को धरातल पर मजबूत करने के उद्देश्य से एक व्यापक प्रशिक्षण अभियान चलाया गया।सभी चौदह प्रखंडों में इस कार्यशाला का आयोजन और सफल समापन हुआ।
प्रशिक्षण का मुख्य विषय:-- ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के निर्माण पर आधारित था। 16वां वित्त आयोग: इसके साथ ही 16वें वित्त आयोग से प्राप्त होने वाली राशि के सदुपयोग और दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई।
एक दिवसीय अवधि: यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 जून से प्रारंभ होकर आज 16 जून तक चरमबद्ध तरीके से चला।
त्रिस्तरीय भागीदारी: इसमें जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया।
पंचायत जनप्रतिनिधि: ग्राम पंचायतों के सभी माननीय मुखिया और उप-मुखिया इस प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से शामिल हुए।
प्रशासनिक अधिकारी:पंचायतों के सुचारू संचालन के लिए जिम्मेदार पंचायत सचिवों को भी प्रशिक्षित किया गया।
तकनीकी एवं वित्तीय टीम: पंचायत कार्यपालक सहायक और लेखापाल (Accountants) को वित्तीय बारीकियों की जानकारी दी गई।
प्रखंड स्तरीय भागीदारी: सभी प्रखंडों के 'लाइन डिपार्टमेंट' (सम्बद्ध विभागों) के अधिकारियों को भी इसमें जोड़ा गया।
जिला स्तरीय नेतृत्व: जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और जिले के सभी प्रमुखों ने जिला स्तर पर कमान संभाली।
विभागीय समन्वय: जिला स्तरीय लाइन विभागों के सभी आला अधिकारियों ने इस दौरान महत्वपूर्ण तकनीकी इनपुट दिए।
सुजय कुमार सिंह: जिला पंचायती राज पदाधिकारी (DPRO) सुजय कुमार सिंह ने कार्यक्रम में मुख्य भूमिका निभाई।
GPDP का महत्व: DPRO सुजय कुमार सिंह द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के दूरगामी महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
योजना का मुख्य उद्देश् जिला पंचायत के नोडल पदाधिकारी दीपक कुमार साह ने पंचायतों को मिलने वाली तकनीकी सहायता और रिसोर्स मैनेजमेंट की बात की। जानकारी दी गई की जीपीडीपी फाइनल जीपीडीपी ई-ग्राम स्वराज पर अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 है। सभी ग्राम पंचायत अपना जीपीडीपी तैयार कर ई -ग्राम स्वराज पोर्टल पर 30 जून तक आवश्यक रूप से अपलोड कर दे यह जानकारी दी गई।
असिस्टेंस का महत्व: नोडल पदाधिकारी द्वारा पंचायतों को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक 'असिस्टेंस' (सहायता) के महत्व को समझाया गया। जिला पंचायत संसाधन केंद्र (DPRC) में होने वाले प्रशिक्षणों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
उपयोगिता पर विमर्श:यह केंद्र ग्राम पंचायतों के लिए भविष्य में और कैसे उपयोगी साबित हों, इस पर रणनीति बनी।
प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर:प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) और प्रखंड कार्यपालक सहायकों ने बतौर मुख्य प्रशिक्षक कार्य किया।
जमीनी स्तर पर ट्रेनिंग: इन मास्टर ट्रेनर्स द्वारा सभी संबंधित हितधारकों को GPDP के तकनीकी टूल्स की ट्रेनिंग दी गई।
पारदर्शिता पर जोर: प्रशिक्षण का एक बड़ा हिस्सा सरकारी फंड के पारदर्शी और नियमानुकूल खर्च पर केंद्रित रहा।
डिजिटल गवर्नेंस: लेखापालों और कार्यपालक सहायकों को योजनाओं की ऑनलाइन एंट्री और मॉनिटरिंग के गुर सिखाए गए।
अंतिम पायदान का विकास: इस सात दिवसीय मंथन का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।
सफल समापन: आज 16 जून को सभी 14 प्रखंडों में इस सफल और जन-उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया।
इस व्यापक प्रशिक्षण के बाद अब पूर्णिया जिले की सभी ग्राम पंचायतें 16वें वित्त आयोग के नियमों के तहत अपनी विकास योजनाओं (GPDP) को ज्यादा पेशेवर, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से धरातल पर उतार सकेंगी।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Purnia, Bihar | Jun 16, 2026