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समाहरणालय पूर्णिया, जनसंपर्क कार्यालय, प्रेस विज्ञप्ति 788, दिनांक 16 जून 2026, =================== बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्थान पंचायती राज विभाग के तत्वावधान में एवं जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार भा०प्र०से० पूर्णिया के दिशा निर्देश एवं मार्गदर्शन में आयोजित एक दिवसीय जीपीडीपी पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज विधिवत समापन हो गया। जिले के सभी 14 प्रखंडों में आयोजित यह त्रिस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) और 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों पर केंद्रित था। चरणबद्ध तरीके से 10 जून से शुरू होकर आज 16 जून 2026 तक चला। यह एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय शासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पूर्णिया में GPDP और 16वें वित्त आयोग पर एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न। पूर्णिया जिला: पंचायती राज व्यवस्था को धरातल पर मजबूत करने के उद्देश्य से एक व्यापक प्रशिक्षण अभियान चलाया गया।सभी चौदह प्रखंडों में इस कार्यशाला का आयोजन और सफल समापन हुआ। प्रशिक्षण का मुख्य विषय:-- ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के निर्माण पर आधारित था। 16वां वित्त आयोग: इसके साथ ही 16वें वित्त आयोग से प्राप्त होने वाली राशि के सदुपयोग और दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। एक दिवसीय अवधि: यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 जून से प्रारंभ होकर आज 16 जून तक चरमबद्ध तरीके से चला। त्रिस्तरीय भागीदारी: इसमें जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया। पंचायत जनप्रतिनिधि: ग्राम पंचायतों के सभी माननीय मुखिया और उप-मुखिया इस प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से शामिल हुए। प्रशासनिक अधिकारी:पंचायतों के सुचारू संचालन के लिए जिम्मेदार पंचायत सचिवों को भी प्रशिक्षित किया गया। तकनीकी एवं वित्तीय टीम: पंचायत कार्यपालक सहायक और लेखापाल (Accountants) को वित्तीय बारीकियों की जानकारी दी गई। प्रखंड स्तरीय भागीदारी: सभी प्रखंडों के 'लाइन डिपार्टमेंट' (सम्बद्ध विभागों) के अधिकारियों को भी इसमें जोड़ा गया। जिला स्तरीय नेतृत्व: जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और जिले के सभी प्रमुखों ने जिला स्तर पर कमान संभाली। विभागीय समन्वय: जिला स्तरीय लाइन विभागों के सभी आला अधिकारियों ने इस दौरान महत्वपूर्ण तकनीकी इनपुट दिए। सुजय कुमार सिंह: जिला पंचायती राज पदाधिकारी (DPRO) सुजय कुमार सिंह ने कार्यक्रम में मुख्य भूमिका निभाई। GPDP का महत्व: DPRO सुजय कुमार सिंह द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के दूरगामी महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। योजना का मुख्य उद्देश् जिला पंचायत के नोडल पदाधिकारी दीपक कुमार साह ने पंचायतों को मिलने वाली तकनीकी सहायता और रिसोर्स मैनेजमेंट की बात की। जानकारी दी गई की जीपीडीपी फाइनल जीपीडीपी ई-ग्राम स्वराज पर अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 है। सभी ग्राम पंचायत अपना जीपीडीपी तैयार कर ई -ग्राम स्वराज पोर्टल पर 30 जून तक आवश्यक रूप से अपलोड कर दे यह जानकारी दी गई। असिस्टेंस का महत्व: नोडल पदाधिकारी द्वारा पंचायतों को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक 'असिस्टेंस' (सहायता) के महत्व को समझाया गया। जिला पंचायत संसाधन केंद्र (DPRC) में होने वाले प्रशिक्षणों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। उपयोगिता पर विमर्श:यह केंद्र ग्राम पंचायतों के लिए भविष्य में और कैसे उपयोगी साबित हों, इस पर रणनीति बनी। प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर:प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) और प्रखंड कार्यपालक सहायकों ने बतौर मुख्य प्रशिक्षक कार्य किया। जमीनी स्तर पर ट्रेनिंग: इन मास्टर ट्रेनर्स द्वारा सभी संबंधित हितधारकों को GPDP के तकनीकी टूल्स की ट्रेनिंग दी गई। पारदर्शिता पर जोर: प्रशिक्षण का एक बड़ा हिस्सा सरकारी फंड के पारदर्शी और नियमानुकूल खर्च पर केंद्रित रहा। डिजिटल गवर्नेंस: लेखापालों और कार्यपालक सहायकों को योजनाओं की ऑनलाइन एंट्री और मॉनिटरिंग के गुर सिखाए गए। अंतिम पायदान का विकास: इस सात दिवसीय मंथन का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। सफल समापन: आज 16 जून को सभी 14 प्रखंडों में इस सफल और जन-उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। इस व्यापक प्रशिक्षण के बाद अब पूर्णिया जिले की सभी ग्राम पंचायतें 16वें वित्त आयोग के नियमों के तहत अपनी विकास योजनाओं (GPDP) को ज्यादा पेशेवर, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से धरातल पर उतार सकेंगी। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Purnia, Bihar | Jun 16, 2026

MORE NEWS

समाहरणालय पूर्णिया, 
जिला जनसंपर्क कार्यालय 
प्रेस विज्ञप्ति:- 786,
दिनांक:-16 जून 2026,
===================

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को जिला प्रशासन पूर्णिया द्वारा जिले के सभी 14 प्रखंडों के एक-एक पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। 

इसी क्रम में  श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) जिला पदाधिकारी द्वारा विभिन्न सहयोग शिविरों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा पूर्णिया पूर्व प्रखंड के पंचायत डिमिया छतरजान पंचायत भवन में आयोजित पंचायत सहयोग शिविर का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा शिविर में आए नागरिकों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और शिविर में प्राप्त आवेदनों को त्वरित निष्पादन करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया। शिविर के दौरान ही जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा पात्र लाभुकों के बीच आयुष्मान भारत कार्ड एवं जॉब कार्ड का वितरण किया गया।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय पूर्णिया, जिला जनसंपर्क कार्यालय प्रेस विज्ञप्ति:- 786, दिनांक:-16 जून 2026, =================== निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को जिला प्रशासन पूर्णिया द्वारा जिले के सभी 14 प्रखंडों के एक-एक पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इसी क्रम में श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) जिला पदाधिकारी द्वारा विभिन्न सहयोग शिविरों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा पूर्णिया पूर्व प्रखंड के पंचायत डिमिया छतरजान पंचायत भवन में आयोजित पंचायत सहयोग शिविर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा शिविर में आए नागरिकों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और शिविर में प्राप्त आवेदनों को त्वरित निष्पादन करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया। शिविर के दौरान ही जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा पात्र लाभुकों के बीच आयुष्मान भारत कार्ड एवं जॉब कार्ड का वितरण किया गया। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Purnia, Bihar | Jun 16, 2026

समाहरणालय पूर्णिया,    
 ‌ ( जनसंपर्क कार्यालय,
 प्रेस विज्ञप्ति 789,
 दिनांक 16 जून 2026,
===================

*बाढ़ सुरक्षा सप्ताह 2026 के अवसर पर अमौर एवं बैसा अंचल में बाढ़ बचाव एवं आपदा प्रबंधन पर मॉकड्रिल का सफल आयोजन:-

जिला पदाधिकारी, पूर्णिया, श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) के दिशा-निर्देश  के आलोक में दिनांक 16.06.2026 को 'बाढ़ सुरक्षा सप्ताह 2026' के अंतर्गत जिले के अमौर और बैसा अंचलों में बाढ़ एवं अन्य संभावित आपदाओं से बचाव हेतु एक वृहद मॉकड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जन-जागरूकता बढ़ाना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नागरिकों का क्षमतावर्धन (Capacity Building) करना था।

SDRF द्वारा प्रखंड सभागार में विशेष प्रशिक्षण: इस अवसर पर राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की विशेषज्ञ टीम द्वारा अमौर एवं बैसा के प्रखंड सभागार में एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। SDRF के जवानों ने उपस्थित सभी कर्मी को बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तकनीकी जानकारी दी और आपात स्थिति में त्वरित एवं सुरक्षित कार्रवाई करने के वैज्ञानिक तरीके सिखाए।
सजीव प्रदर्शन (Live Demonstration): SDRF ने बाढ़ के दौरान फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, रेस्क्यू बोट का संचालन करने और त्वरित राहत पहुँचाने का सजीव दृश्य प्रस्तुत किया।
घरेलू संसाधनों से बचाव (नागरिक क्षमतावर्धन): ग्रामीणों को आपदा के समय आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें घरेलू और स्थानीय संसाधनों (जैसे- खाली प्लास्टिक की बोतलें, केले के थंब/तने आदि) का उपयोग कर जीवन रक्षक उपकरण (Life-saving tools) बनाने के तरीके सिखाए गए।
प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य जागरूकता: बाढ़ के दौरान डूबने की स्थिति, सांप काटने (Snakebite) और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए मेडिकल टीम द्वारा फर्स्ट-एड (First-Aid) और सीपीआर (CPR) देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
पूर्व चेतावनी प्रणाली (Early Warning System): प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को मौसम विभाग की चेतावनियों को समझने और सुरक्षित स्थानों (राहत शिविरों) तक समय रहते पहुँचने के लिए जागरूक किया गया।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता ( आपदा प्रबंधन)श्री सुजय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि पूर्णिया जिला प्रशासन आगामी मानसून और किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उन्होंने कहा कि "आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी और आम जनमानस की जागरूकता ही जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने का सबसे प्रभावी हथियार है। अमौर और बैसा जैसे संवेदनशील अंचलों में SDRF द्वारा दिया गया यह प्रशिक्षण और मॉकड्रिल लोगों में आत्मविश्वास जगाने और प्रशासनिक तैयारियों को जमीनी स्तर पर परखने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय पूर्णिया, ‌ ( जनसंपर्क कार्यालय, प्रेस विज्ञप्ति 789, दिनांक 16 जून 2026, =================== *बाढ़ सुरक्षा सप्ताह 2026 के अवसर पर अमौर एवं बैसा अंचल में बाढ़ बचाव एवं आपदा प्रबंधन पर मॉकड्रिल का सफल आयोजन:- जिला पदाधिकारी, पूर्णिया, श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) के दिशा-निर्देश के आलोक में दिनांक 16.06.2026 को 'बाढ़ सुरक्षा सप्ताह 2026' के अंतर्गत जिले के अमौर और बैसा अंचलों में बाढ़ एवं अन्य संभावित आपदाओं से बचाव हेतु एक वृहद मॉकड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जन-जागरूकता बढ़ाना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नागरिकों का क्षमतावर्धन (Capacity Building) करना था। SDRF द्वारा प्रखंड सभागार में विशेष प्रशिक्षण: इस अवसर पर राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की विशेषज्ञ टीम द्वारा अमौर एवं बैसा के प्रखंड सभागार में एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। SDRF के जवानों ने उपस्थित सभी कर्मी को बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तकनीकी जानकारी दी और आपात स्थिति में त्वरित एवं सुरक्षित कार्रवाई करने के वैज्ञानिक तरीके सिखाए। सजीव प्रदर्शन (Live Demonstration): SDRF ने बाढ़ के दौरान फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, रेस्क्यू बोट का संचालन करने और त्वरित राहत पहुँचाने का सजीव दृश्य प्रस्तुत किया। घरेलू संसाधनों से बचाव (नागरिक क्षमतावर्धन): ग्रामीणों को आपदा के समय आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें घरेलू और स्थानीय संसाधनों (जैसे- खाली प्लास्टिक की बोतलें, केले के थंब/तने आदि) का उपयोग कर जीवन रक्षक उपकरण (Life-saving tools) बनाने के तरीके सिखाए गए। प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य जागरूकता: बाढ़ के दौरान डूबने की स्थिति, सांप काटने (Snakebite) और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए मेडिकल टीम द्वारा फर्स्ट-एड (First-Aid) और सीपीआर (CPR) देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। पूर्व चेतावनी प्रणाली (Early Warning System): प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को मौसम विभाग की चेतावनियों को समझने और सुरक्षित स्थानों (राहत शिविरों) तक समय रहते पहुँचने के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता ( आपदा प्रबंधन)श्री सुजय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि पूर्णिया जिला प्रशासन आगामी मानसून और किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उन्होंने कहा कि "आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी और आम जनमानस की जागरूकता ही जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने का सबसे प्रभावी हथियार है। अमौर और बैसा जैसे संवेदनशील अंचलों में SDRF द्वारा दिया गया यह प्रशिक्षण और मॉकड्रिल लोगों में आत्मविश्वास जगाने और प्रशासनिक तैयारियों को जमीनी स्तर पर परखने का एक महत्वपूर्ण कदम है। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Purnia, Bihar | Jun 16, 2026

समाहरणालय पूर्णिया 
जिला जनसंपर्क कार्यालय 
प्रेस विज्ञप्ति:-783, 
दिनांक:-16 जून 2026,
===================

​विभागीय निर्देशों के आलोक में मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना का सफल आयोजन किया गया.

सहायक निदेशक श्री अमरेश कुमार के मार्गदर्शन में 6 वर्षों बाद युवती का हुआ पारिवारिक पुनर्वास
​पूर्णिया समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्राप्त  विभागीय निर्देशों और दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत अनुपालन के आलोक में, पूर्णिया जिले में 'मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना' (MBNY) के तहत एक बड़ी और भावुक सफलता हासिल की गई है। 

सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, पूर्णिया, श्री अमरेश कुमार के सीधे निर्देशन और कुशल प्रबंधन में, "शांति कुटीर" (महिला भिक्षुक पुनर्वास गृह) द्वारा 6 लंबे वर्षों से अपने परिवार से बिछड़ी एक युवती को उसके पिता एवं भाई के सुपुर्द कर सफलतापूर्वक पुनर्वासित किया गया है।

​विगत इतिहास और शांति कुटीर में आगमन ​विभागीय अभिलेखों के अनुसार, यह महिला दिनांक 3 मार्च 2021 को पूर्णिया के के0 हाट थाना द्वारा शांति कुटीर, पूर्णिया में पहुँचाई गई थी। 

आगमन के समय महिला अत्यधिक डरी-सहमी हुई थी और अपना पता व नाम बताने की स्थिति (बोध) में नहीं थी। इस कारण संस्था द्वारा उसका एक काल्पनिक नाम 'खेजू खातून' रखा गया था।

​शांति कुटीर में उसे बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में रखा गया, जहाँ वह धीरे-धीरे सभी सदस्यों के साथ घुल-मिल गई। वह संस्था में रसोइया के साथ खाना बनाने में हाथ बटाती थी और सिलाई का कार्य भी करती थी।
​काउंसलिंग से खुला वास्तविक नाम और घर का पता ​संस्था के काउंसलर द्वारा लगातार की गई प्यार भरी और गहन काउंसिलिंग के सकारात्मक परिणाम सामने आए। दिनांक 09/06/2026 को युवती ने आखिरकार अपना वास्तविक नाम शाहजुरुन खातून बताया और अपने घर का पता किशनगंज जिला, हवाई अड्डा के रूप में दर्ज कराया।

​घर से लापता होने का कारण और परिवार की खोज ​काउंसिलिंग के दौरान यह दुखद सत्य सामने आया कि शाहजुरुन खातून की माँ की मृत्यु हो जाने के कारण उसे गहरा मानसिक सदमा लगा था, जिसके कारण वह मानसिक संतुलन खोकर अपने घर से निकल गई थी और भटकते हुए पूर्णिया पहुँच गई थी।

​पता प्राप्त होते ही स्थानीय वार्ड पार्षद से तुरंत संपर्क स्थापित किया गया। वार्ड पार्षद के सहयोग से जब युवती के पिता को अपनी बेटी के सुरक्षित होने की सूचना मिली, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तुरंत पुष्टि की कि शाहजुरुन खातून उन्हीं की बेटी है।
​सहायक निदेशक का त्वरित आदेश और आँखों में आए खुशी के आँसू
​जैसे ही इसकी सूचना सहायक निदेशक श्री अमरेश कुमार एवं जिला प्रबंधक उषा कुमारी को दी गई, वैसे ही सर द्वारा बिना किसी विलंब के सख्त निर्देश दिया गया कि: "महिला को अविलंब सम्मानपूर्वक उसके परिवार के साथ पुनर्वासित किया जाए"।
​दिए गए निर्देशों के तहत तुरंत परिजनों से बात कर उन्हें दिनांक:-10/06/2026 को शांति कुटीर गृह में बुलाया गया। गृह परिसर में जैसे ही वृद्ध पिता मो० सज्जाद और भाई जहाँगीर ने 06 वर्षों बाद अपनी बेटी/बहन को देखा, दोनों पक्षों की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े और वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए।
​पुनर्वास के समय युवती के पिता ने भावुक होकर कहा
​"हम शांति कुटीर के इस महान कार्य की काफी सराहना करते हैं। संस्था के अथक प्रयास से ही मेरी बेटी 06 सालों के बाद मुझसे मिल पाई है; नहीं तो इसे ढूंढ पाना या यह मिलन संभव ही नहीं था।"
​इस अवसर पर युवती के पिता, भाई और उनके साथ आए मामा एवं वार्ड पार्षद ने शांति कुटीर गृह के सभी सदस्यों, जिला प्रशासन एवं बिहार सरकार का सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया।

​पुनर्वास टीम में शामिल मुख्य सदस्य ​सहायक निदेशक श्री अमरेश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में इस संवेदनशील पुनर्वास को पूरा करने वाली टीम में निम्नलिखित सदस्य सक्रिय रहे:
​श्री अमरेश कुमार, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, पूर्णिया
​उषा कुमारी, जिला प्रबंधक ​प्रिया भारती, ए.एन.एम. (A.N.M.), शांति कुटीर
​निकिता कुमारी, काउंसलर (Counsellor), शांति कुटीर
​जया परवीन, केस वर्कर (FC)
​सोनी, कर्मी ​सभी आवश्यक सरकारी व कानूनी प्रक्रियाएं पूर्ण करने के उपरांत शाहजुरुन खातून अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी किशनगंज स्थित अपने गृह निवास के लिए रवाना हुईं।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय पूर्णिया जिला जनसंपर्क कार्यालय प्रेस विज्ञप्ति:-783, दिनांक:-16 जून 2026, =================== ​विभागीय निर्देशों के आलोक में मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना का सफल आयोजन किया गया. सहायक निदेशक श्री अमरेश कुमार के मार्गदर्शन में 6 वर्षों बाद युवती का हुआ पारिवारिक पुनर्वास ​पूर्णिया समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्राप्त विभागीय निर्देशों और दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत अनुपालन के आलोक में, पूर्णिया जिले में 'मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना' (MBNY) के तहत एक बड़ी और भावुक सफलता हासिल की गई है। सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, पूर्णिया, श्री अमरेश कुमार के सीधे निर्देशन और कुशल प्रबंधन में, "शांति कुटीर" (महिला भिक्षुक पुनर्वास गृह) द्वारा 6 लंबे वर्षों से अपने परिवार से बिछड़ी एक युवती को उसके पिता एवं भाई के सुपुर्द कर सफलतापूर्वक पुनर्वासित किया गया है। ​विगत इतिहास और शांति कुटीर में आगमन ​विभागीय अभिलेखों के अनुसार, यह महिला दिनांक 3 मार्च 2021 को पूर्णिया के के0 हाट थाना द्वारा शांति कुटीर, पूर्णिया में पहुँचाई गई थी। आगमन के समय महिला अत्यधिक डरी-सहमी हुई थी और अपना पता व नाम बताने की स्थिति (बोध) में नहीं थी। इस कारण संस्था द्वारा उसका एक काल्पनिक नाम 'खेजू खातून' रखा गया था। ​शांति कुटीर में उसे बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में रखा गया, जहाँ वह धीरे-धीरे सभी सदस्यों के साथ घुल-मिल गई। वह संस्था में रसोइया के साथ खाना बनाने में हाथ बटाती थी और सिलाई का कार्य भी करती थी। ​काउंसलिंग से खुला वास्तविक नाम और घर का पता ​संस्था के काउंसलर द्वारा लगातार की गई प्यार भरी और गहन काउंसिलिंग के सकारात्मक परिणाम सामने आए। दिनांक 09/06/2026 को युवती ने आखिरकार अपना वास्तविक नाम शाहजुरुन खातून बताया और अपने घर का पता किशनगंज जिला, हवाई अड्डा के रूप में दर्ज कराया। ​घर से लापता होने का कारण और परिवार की खोज ​काउंसिलिंग के दौरान यह दुखद सत्य सामने आया कि शाहजुरुन खातून की माँ की मृत्यु हो जाने के कारण उसे गहरा मानसिक सदमा लगा था, जिसके कारण वह मानसिक संतुलन खोकर अपने घर से निकल गई थी और भटकते हुए पूर्णिया पहुँच गई थी। ​पता प्राप्त होते ही स्थानीय वार्ड पार्षद से तुरंत संपर्क स्थापित किया गया। वार्ड पार्षद के सहयोग से जब युवती के पिता को अपनी बेटी के सुरक्षित होने की सूचना मिली, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तुरंत पुष्टि की कि शाहजुरुन खातून उन्हीं की बेटी है। ​सहायक निदेशक का त्वरित आदेश और आँखों में आए खुशी के आँसू ​जैसे ही इसकी सूचना सहायक निदेशक श्री अमरेश कुमार एवं जिला प्रबंधक उषा कुमारी को दी गई, वैसे ही सर द्वारा बिना किसी विलंब के सख्त निर्देश दिया गया कि: "महिला को अविलंब सम्मानपूर्वक उसके परिवार के साथ पुनर्वासित किया जाए"। ​दिए गए निर्देशों के तहत तुरंत परिजनों से बात कर उन्हें दिनांक:-10/06/2026 को शांति कुटीर गृह में बुलाया गया। गृह परिसर में जैसे ही वृद्ध पिता मो० सज्जाद और भाई जहाँगीर ने 06 वर्षों बाद अपनी बेटी/बहन को देखा, दोनों पक्षों की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े और वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। ​पुनर्वास के समय युवती के पिता ने भावुक होकर कहा ​"हम शांति कुटीर के इस महान कार्य की काफी सराहना करते हैं। संस्था के अथक प्रयास से ही मेरी बेटी 06 सालों के बाद मुझसे मिल पाई है; नहीं तो इसे ढूंढ पाना या यह मिलन संभव ही नहीं था।" ​इस अवसर पर युवती के पिता, भाई और उनके साथ आए मामा एवं वार्ड पार्षद ने शांति कुटीर गृह के सभी सदस्यों, जिला प्रशासन एवं बिहार सरकार का सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया। ​पुनर्वास टीम में शामिल मुख्य सदस्य ​सहायक निदेशक श्री अमरेश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में इस संवेदनशील पुनर्वास को पूरा करने वाली टीम में निम्नलिखित सदस्य सक्रिय रहे: ​श्री अमरेश कुमार, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, पूर्णिया ​उषा कुमारी, जिला प्रबंधक ​प्रिया भारती, ए.एन.एम. (A.N.M.), शांति कुटीर ​निकिता कुमारी, काउंसलर (Counsellor), शांति कुटीर ​जया परवीन, केस वर्कर (FC) ​सोनी, कर्मी ​सभी आवश्यक सरकारी व कानूनी प्रक्रियाएं पूर्ण करने के उपरांत शाहजुरुन खातून अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी किशनगंज स्थित अपने गृह निवास के लिए रवाना हुईं। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Purnia, Bihar | Jun 16, 2026

समाहरणालय पूर्णिया,
जनसंपर्क कार्यालय,
प्रेस विज्ञप्ति 784,
दिनांक 16/06/2026,
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आम जनता की समस्याओं को त्वरित और ग्राउंड लेवल पर समाधान के लिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को पूर्णिया जिला के सभी 14 प्रखंडों के एक-एक पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया गया।

 इसी कड़ी में पूर्णिया जिला के माननीय प्रभारी मंत्री- सह- बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री श्री रत्नेश सादा और बनमनखी विधायक कृष्ण कुमार ऋषि द्वारा बनमनखी प्रखंड के महादेवपुर पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में पहुंचे। जहां उन्होंने पात्र लाभुकों को बीच विभिन्न योजनाओं क्रमन: जॉब कार्ड,परिमार्जन /नोटेशन, जन्म प्रमाण पत्र राशन कार्ड चेक आदि से संबंधित प्रमाण पत्र का वितरण किया गया।माननीय मंत्री महोदय द्वारा मौके पर  लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस मौके पर डीडीसी श्री अंजनी कुमार समेत कई अधिकारिगण  मौजूद थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय पूर्णिया, जनसंपर्क कार्यालय, प्रेस विज्ञप्ति 784, दिनांक 16/06/2026, =================== आम जनता की समस्याओं को त्वरित और ग्राउंड लेवल पर समाधान के लिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को पूर्णिया जिला के सभी 14 प्रखंडों के एक-एक पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया गया। इसी कड़ी में पूर्णिया जिला के माननीय प्रभारी मंत्री- सह- बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री श्री रत्नेश सादा और बनमनखी विधायक कृष्ण कुमार ऋषि द्वारा बनमनखी प्रखंड के महादेवपुर पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में पहुंचे। जहां उन्होंने पात्र लाभुकों को बीच विभिन्न योजनाओं क्रमन: जॉब कार्ड,परिमार्जन /नोटेशन, जन्म प्रमाण पत्र राशन कार्ड चेक आदि से संबंधित प्रमाण पत्र का वितरण किया गया।माननीय मंत्री महोदय द्वारा मौके पर लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस मौके पर डीडीसी श्री अंजनी कुमार समेत कई अधिकारिगण मौजूद थे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Purnia, Bihar | Jun 16, 2026

समाहरणालय पूर्णिया, जनसंपर्क कार्यालय, प्रेस विज्ञप्ति 788, दिनांक 16 जून 2026, =================== बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्थान पंचायती राज विभाग के तत्वावधान में एवं जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार भा०प्र०से० पूर्णिया के दिशा निर्देश एवं मार्गदर्शन में आयोजित एक दिवसीय जीपीडीपी पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज विधिवत समापन हो गया। जिले के सभी 14 प्रखंडों में आयोजित यह त्रिस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) और 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों पर केंद्रित था। चरणबद्ध तरीके से 10 जून से शुरू होकर आज 16 जून 2026 तक चला। यह एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय शासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पूर्णिया में GPDP और 16वें वित्त आयोग पर एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न। पूर्णिया जिला: पंचायती राज व्यवस्था को धरातल पर मजबूत करने के उद्देश्य से एक व्यापक प्रशिक्षण अभियान चलाया गया।सभी चौदह प्रखंडों में इस कार्यशाला का आयोजन और सफल समापन हुआ। प्रशिक्षण का मुख्य विषय:-- ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के निर्माण पर आधारित था। 16वां वित्त आयोग: इसके साथ ही 16वें वित्त आयोग से प्राप्त होने वाली राशि के सदुपयोग और दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। एक दिवसीय अवधि: यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 जून से प्रारंभ होकर आज 16 जून तक चरमबद्ध तरीके से चला। त्रिस्तरीय भागीदारी: इसमें जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया। पंचायत जनप्रतिनिधि: ग्राम पंचायतों के सभी माननीय मुखिया और उप-मुखिया इस प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से शामिल हुए। प्रशासनिक अधिकारी:पंचायतों के सुचारू संचालन के लिए जिम्मेदार पंचायत सचिवों को भी प्रशिक्षित किया गया। तकनीकी एवं वित्तीय टीम: पंचायत कार्यपालक सहायक और लेखापाल (Accountants) को वित्तीय बारीकियों की जानकारी दी गई। प्रखंड स्तरीय भागीदारी: सभी प्रखंडों के 'लाइन डिपार्टमेंट' (सम्बद्ध विभागों) के अधिकारियों को भी इसमें जोड़ा गया। जिला स्तरीय नेतृत्व: जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और जिले के सभी प्रमुखों ने जिला स्तर पर कमान संभाली। विभागीय समन्वय: जिला स्तरीय लाइन विभागों के सभी आला अधिकारियों ने इस दौरान महत्वपूर्ण तकनीकी इनपुट दिए। सुजय कुमार सिंह: जिला पंचायती राज पदाधिकारी (DPRO) सुजय कुमार सिंह ने कार्यक्रम में मुख्य भूमिका निभाई। GPDP का महत्व: DPRO सुजय कुमार सिंह द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के दूरगामी महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। योजना का मुख्य उद्देश् जिला पंचायत के नोडल पदाधिकारी दीपक कुमार साह ने पंचायतों को मिलने वाली तकनीकी सहायता और रिसोर्स मैनेजमेंट की बात की। जानकारी दी गई की जीपीडीपी फाइनल जीपीडीपी ई-ग्राम स्वराज पर अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 है। सभी ग्राम पंचायत अपना जीपीडीपी तैयार कर ई -ग्राम स्वराज पोर्टल पर 30 जून तक आवश्यक रूप से अपलोड कर दे यह जानकारी दी गई। असिस्टेंस का महत्व: नोडल पदाधिकारी द्वारा पंचायतों को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक 'असिस्टेंस' (सहायता) के महत्व को समझाया गया। जिला पंचायत संसाधन केंद्र (DPRC) में होने वाले प्रशिक्षणों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। उपयोगिता पर विमर्श:यह केंद्र ग्राम पंचायतों के लिए भविष्य में और कैसे उपयोगी साबित हों, इस पर रणनीति बनी। प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर:प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) और प्रखंड कार्यपालक सहायकों ने बतौर मुख्य प्रशिक्षक कार्य किया। जमीनी स्तर पर ट्रेनिंग: इन मास्टर ट्रेनर्स द्वारा सभी संबंधित हितधारकों को GPDP के तकनीकी टूल्स की ट्रेनिंग दी गई। पारदर्शिता पर जोर: प्रशिक्षण का एक बड़ा हिस्सा सरकारी फंड के पारदर्शी और नियमानुकूल खर्च पर केंद्रित रहा। डिजिटल गवर्नेंस: लेखापालों और कार्यपालक सहायकों को योजनाओं की ऑनलाइन एंट्री और मॉनिटरिंग के गुर सिखाए गए। अंतिम पायदान का विकास: इस सात दिवसीय मंथन का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। सफल समापन: आज 16 जून को सभी 14 प्रखंडों में इस सफल और जन-उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। इस व्यापक प्रशिक्षण के बाद अब पूर्णिया जिले की सभी ग्राम पंचायतें 16वें वित्त आयोग के नियमों के तहत अपनी विकास योजनाओं (GPDP) को ज्यादा पेशेवर, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से धरातल पर उतार सकेंगी। Information & Public Relations Department, Government of Bihar - Purnia News