*मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग की इंदौर में जनसुनवाई सम्पन्न, 33 प्रकरणों पर हुई सुनवाई*
इंदौर, 21 अगस्त 2026
मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा इंदौर में जनसुनवाई (संयुक्त बेंच) का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान संयुक्त बेंच के समक्ष कुल 33 प्रकरण प्रस्तुत किए गए। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव, सदस्य श्रीमती साधना स्थापक एवं सचिव श्री सुरेश तोमर ने आवेदिकाओं एवं अनावेदक पक्षों को सुनते हुए प्रकरणों की सुनवाई की। इनमें से 17 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए, जबकि शेष प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में महिला प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, साइबर अपराध, हत्या, घरेलू अत्याचार, यौन शोषण, पारिवारिक विवाद, मारपीट सहित अन्य मामलों से संबंधित प्रकरण शामिल रहे।
*कार्यस्थल प्रताड़ना के प्रकरण में उचित कार्रवाई के निर्देश*
जनसुनवाई के दौरान कार्यस्थल पर प्रताड़ना से संबंधित एक गंभीर प्रकरण भी सामने आया। आवेदिका ने आयोग के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि कार्यस्थल के प्रबंधन द्वारा उससे अनुचित मांग की गई। मांग स्वीकार नहीं करने पर उसे डराने-धमकाने और चुप कराने का प्रयास किया गया तथा तेजाब फेंकने जैसी गंभीर धमकी भी दी गई।
आवेदिका के अनुसार, इसके बाद उसका जबरन स्थानांतरण कर दिया गया, उसके विरुद्ध कथित रूप से झूठी चार्जशीट तैयार की गई और वेतन रोक दिया गया। साथ ही, उसकी आंतरिक शिकायत को बंद कर यह कहा गया कि वह किसी भी सरकारी संस्था में शिकायत कर ले, उसका कुछ नहीं होगा।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त बेंच ने दोनों पक्षों को सुना और मामले में प्रबंधन के विरुद्ध उचित कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।
*AI जनरेटेड फोटो-वीडियो से साइबर उत्पीड़न का मामला*
जनसुनवाई में साइबर अपराध से संबंधित एक प्रकरण भी सामने आया। आवेदिका ने शिकायत में बताया कि एक न्यूज चैनल के सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उसके संबंध में कथित रूप से झूठी एवं आधारहीन खबरें, फोटो और वीडियो प्रसारित किए गए। शिकायत के अनुसार, प्रसारित कुछ सामग्री AI जनरेटेड थी।
आवेदिका ने बताया कि उसका संबंधित व्यक्ति से किसी प्रकार का व्यक्तिगत विवाद नहीं था। किसी अन्य व्यक्ति को परेशान करने के उद्देश्य से उसकी फोटो का गलत इस्तेमाल किए जाने के कारण उसकी तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। इससे उसे मानसिक तनाव एवं सामाजिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस प्रकरण में आवेदिका एवं अनावेदक दोनों पक्ष संयुक्त बेंच के समक्ष उपस्थित हुए। बेंच ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए 10 दिनों के भीतर प्रकाशित सामग्री का खंडन एवं माफीनामा प्रकाशित करने की बात कही।
मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा जनसुनवाई के माध्यम से महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई कर उन्हें आवश्यक सहायता एवं न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। आयोग का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं हिंसा-मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप सुनिश्चित करना है।
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