भक्तजनों को विचलित होकर कभी भी नियम और भक्ति मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए: साध्वी नंदिनी जी महाराज।
दैनिक वीरधरा राजस्थान। श्री श्रद्धा ओम त्रिवेदी।
सवाईमाधोपुर। इस संसार में नियम और भक्ति मार्ग ही आत्मा से परमात्मा को मिलने का सर्वश्रेष्ठ साधन है, भक्तजनों को विचलित होकर कभी भी नियमित नियम और भक्तिमार्ग नहीं छोड़ना चाहिए भगवान एक दिन उसकी पुकार जरूर सुनते हैं। यह विचार श्री देवनारायण जी मंदिर के सभागार बौंली में आयोजित श्रीमद् भागवत साप्ताहिक कथा के दौरान तीसरे दिवस साध्वी नंदिनी जी महाराज वृंदावन धाम ने व्यास पीठ से प्रकट किए। कथा के दौरान साध्वी नंदिनी जी ने सृष्टि की रस्सी रचना मनु शत्रु का उत्पत्ति सहित अनेकों धार्मिक एवं मार्मिक वृतांत सुनाएं। कथा सुनकर श्रद्धालु आनंदित होकर नाचने झूमने लगे।