पूर्व प्रदेशाध्यक्ष के गृह जिले में कार्यकारिणी को लेकर बवाल, जिला कार्यालय के बाहर दिया धरना, कहा- नही मिल रहा उचित सम्मान।
दैनिक वीरधरा राजस्थान।
चित्तौड़गढ़। कुछ दिनों पहले ही एक भाजपा कार्यकर्ता द्वारा भाजपा जिला कार्यालय में भी भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ हाथापाई की नोबत आने के बाद अब जिला मुख्यालय पर ही फिर भाजपा में नया बवंडर शुरू हो गया है एवं मण्डल कार्यकारिणी की घोषणाओं के साथ ही विरोध के सुर भी तेज हो गए है, ऐसे में समय रहते अगर भाजपा ने स्थिति नही संभाली तो आगामी चुनावों में इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।
भाजपा की नई मंडल कार्यकारिणियों की घोषणा के बाद जिले में एव विशेषकर चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र में पार्टी संगठन में असंतोष के सुर उभरने लगे हैं। मंडल कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने से नाराज पूर्व मंडल अध्यक्ष समेत कुछ अन्य भाजपा कार्यकर्ता शुक्रवार को भाजपा जिला कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। हालांकि भाजपा पदाधिकारी यह हमारी पार्टी के भीतर की बात है कहते हुए मामले पर पर्दा डालते दिखे।
भाजपा घोसुंडा मंडल के पूर्व अध्यक्ष राजमल सुखवाल ने बताया कि पार्टी में निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है। विधानसभा चुनाव में पार्टी से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी का साथ देने वालों को संगठन में अधिक महत्व दिया गया, जबकि वर्षों से भाजपा के प्रति निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि हमने मुश्किल समय मे पार्टी की लाज बचाई लेकिन अब सब ठीक है तो पार्टी जैसे दूध से मक्खी निकाल फेंकते वैसे निकाल फेंकना चाह रही लेकिन मैं ऐसा नही होने दूंगा, चाहे मुझे प्राण ही क्यो ना त्यागने पड़े अडिग रहूंगा ओर जिला कार्यालय पर धरने पर बैठा रहूंगा।
धरने पर पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष किशन शर्मा, मनोज कुमार ईनानी, ज्योति गुर्जर, गोविंद सिह, रमेश गुर्जर आदि भाजपा कार्यकर्ता शामिल रहे।
धरने को लेकर दिनभर चर्चा का विषय रहा, जनप्रतिनिधि ओर पदाधिकारी इस पर कुछ बोलने से बचते रहे, बहरहाल जिले में पार्टी में सब कुछ ठीक चल रहा है का दम्भ भरने वाले भी मामले को ढकते नजर आ रहे इससे साफ प्रतीत होता है कि भाजपा में अब तक भी सब कुछ ठीक नही हो पाया है, जो पार्टी को अंदर ही अंदर से खोखला करता जा रहा है, यह कहना भी गलत नही होगा कि चाहे भाजपा जिलाध्यक्ष रतनलाल गाडरी तीसरी बार जिलाध्यक्ष की कुर्सी सम्भाल रहे है लेकिन कही ना कही वो इस जिम्मेदारी को अब संभालने में लगातार असफल साबित होते नजर आ रहे है, उसी का नतीजा है कि हाल ही में भाजपा कार्यालय में सामने आई नाराजगी को भी अभी तक दूर नही कर पाए ओर अब ये नई नाराजगी सामने आ गई, इससे पार्टी की छवि भी धूमिल हो रही है।