27 अगस्त 2026
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ग्वालियर महानगर द्वारा प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर आज अभाविप की प्रांत सहमंत्री कु. कविता खटीक के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
ग्वालियर महानगर के कार्यकर्ता भारी संख्या में पैदल मार्च एवं नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर पहुंचे जहां अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट IAS सी बी प्रसाद ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का ज्ञापन स्वीकार किया और विद्यार्थियों की समस्याओं को सुना।
विद्यार्थी परिषद ने यह स्पष्ट करते हुए कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के महत्वपूर्ण केंद्र हैं, लेकिन अनेक शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को आज भी आवश्यक सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी परिषद ने विद्यार्थियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई है।
ज्ञापन में स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ एवं पर्याप्त शौचालय, कक्षाओं में पर्याप्त फर्नीचर-पंखे-प्रकाश व्यवस्था, पुस्तकालयों का उन्नयन, प्रयोगशालाओं में आवश्यक उपकरण, खेल सुविधाएं, स्वच्छ एवं हरित परिसर तथा विद्यार्थियों के लिए बैठने एवं विश्राम की व्यवस्था करने की मांग की गई।
इसके साथ ही महाविद्यालय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था एवं सीसीटीवी कैमरे, व्यवस्थित वाहन पार्किंग, इंटरनेट/Wi-Fi सुविधा, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुगम व्यवस्था, प्राथमिक उपचार कक्ष, प्रभावी विद्यार्थी सहायता केंद्र तथा छात्राओं के लिए कॉमन रूम उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
विद्यार्थी परिषद ने सभी शासकीय महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं रियायती दरों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कैंटीन व्यवस्था प्रारंभ करने तथा विद्यार्थियों को रोजगार एवं कौशल विकास के लिए मार्गदर्शन देने वाले विवेकानंद करियर गाइडेंस सेल को पुनः सक्रिय करने की मांग भी की।
अत्यंत चिंताजनक विषय है कि मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित कई शासकीय महाविद्यालय इस समय मूलभूत सुविधाओं के घोर अभाव और जर्जर अधोसंरचना से जूझ रहे हैं। देखने में आ रहा है कि प्रदेश के अधिकांश महाविद्यालयों में बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त है या गायब है जिस कारण परिसर यह असामाजिक तत्वों का गढ़ बन रहे हैं,अधिकांश महाविद्यालयों की विवेकानंद के करियर गाइडेंस सेल ठप पड़ी हुई है , कैंटीन बंद है और पुस्तकालय यह पठन सामग्री के अभाव से जूझ रहे हैं । प्रदेश भर के कई महाविद्यालयों में कंप्यूटर एवं विज्ञान प्रयोगशालाओं पर्याप्त संसाधनों एवं उपकरणों की कमी के कारण उनकी स्थिति दयनीय है। साथ ही साथ विद्यार्थी सहायता केंद्र सक्रिय न होने के कारण विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं हेतु घंटों परेशान होना पड़ता है । अतः सरकार हमारी मांगों को स्वीकार करते हुए त्वरित निराकरण करे ताकि सुदृढ़ शैक्षणिक एवं इंस्टीट्यूशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण प्रदेश का छात्र समुदाय बेहतर शैक्षणिक वातावरण में अध्ययन कर सके।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। परिषद ने प्रशासन से मांग की कि सभी बिंदुओं पर प्राथमिकता के आधार पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा जिन कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट अथवा उच्च स्तर की स्वीकृति आवश्यक है, उनके प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजे जाएं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का यह विद्यार्थी हुंकार अभियान इस प्रदर्शन से प्रारंभ हुआ है । आने वाले समय में विभिन्न रचनात्मक एवं आंदोलनात्मक माध्यमों से मांगों के पूर्ण होने तक अभाविप का यह अभियान जारी रहेगा ।