बायपास निर्माण के नाम पर मुरम उत्खनन और बिक्री के आरोप, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
हरपालपुर (छतरपुर)। नगर में करीब 84 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे बायपास सड़क निर्माण कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले पत्थर और मुरम के कथित उत्खनन तथा बिक्री को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कंपनी से जुड़े ठेकेदार द्वारा लंबे समय से किसानों और ग्रामीणों के साथ दबाव और कथित दादागिरी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार बायपास निर्माण का कार्य स्नेल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। निर्माण में पहाड़ की कटिंग और मुरम निकालने का काम हरियाणा की एक पेटी कांट्रैक्ट कंपनी को दिए जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बायपास निर्माण के नाम पर आवश्यकता से अधिक मात्रा में मुरम और पत्थर का उत्खनन किया जा रहा है।
निजी उपयोग में मुरम बेचने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बायपास परियोजना के लिए निकाली जा रही मुरम का एक हिस्सा सड़क निर्माण में इस्तेमाल करने के बजाय निजी लोगों, ढाबा संचालकों और कॉलोनाइजरों को कथित तौर पर बेचा जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक एक डंपर मुरम करीब 5 हजार रुपये में बेचे जाने का आरोप है।
इसके अलावा ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बायपास निर्माण से निकाली जा रही मुरम का इस्तेमाल रेलवे लाइन के दोहरीकरण कार्य में भी किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों ने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लगातार हो रहे उत्खनन के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और उत्खनन की मात्रा व अनुमति की जांच कराने की मांग की है।
सोमवार रात विवाद के बाद मारपीट
बताया जा रहा है कि सोमवार रात करीब 9:30 बजे गुढ़ो गांव के पास उत्खनन को लेकर ग्रामीणों और कंपनी से जुड़े लोगों के बीच विवाद हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय मुरम निकालकर ले जाने का विरोध करने पर कंपनी के कर्मचारियों ने ग्रामीणों से विवाद और मारपीट की।
इसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और कंपनी के एक कर्मचारी के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोगों के बीच विवाद और मारपीट होती दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
किसानों और ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की
ग्रामीणों का कहना है कि बाहरी कंपनी के कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से उन्हें परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से उत्खनन की अनुमति, निकाली गई मुरम की मात्रा और उसके उपयोग की जांच कराने के साथ ही किसानों के साथ कथित दुर्व्यवहार की भी जांच की मांग की है।
घटना को लेकर हरपालपुर थाना पुलिस को लिखित सूचना दिए जाने की बात कही गई है। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और दोनों पक्षों की ओर से क्या आरोप लगाए गए हैं।