झांसी में इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। पत्नी की मौत के बाद गरीब पति के पास शव को घर ले जाने तक के पैसे नहीं थे। बारिश के बीच करीब दो घंटे तक महिला का शव मेडिकल कॉलेज की पार्किंग में स्ट्रेचर पर पड़ा रहा और पास खड़ी उसकी मासूम बेटी मां को उठने के लिए पुकारती रही।
नकटा गांव निवासी राहुल आदिवासी मजदूरी करते हैं। उनकी पत्नी रामवती भी मजदूरी करके परिवार का सहारा थीं। करीब 15 दिनों से बीमार चल रहीं रामवती की शुक्रवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। सांस लेने में परेशानी होने पर राहुल उन्हें पहले ओरछा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
एक चिकित्सक की आर्थिक मदद से राहुल ऑटो की व्यवस्था कर पत्नी को झांसी लेकर पहुंचे। लेकिन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने रामवती को मृत घोषित कर दिया।
पत्नी की मौत की खबर सुनते ही राहुल और उनकी आठ साल की बेटी नन्दिनी बदहवास हो गए। इसके बाद सामने आई परिवार की सबसे बड़ी मजबूरी। शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस का किराया देने तक के पैसे नहीं थे।
राहुल शव को स्ट्रेचर पर लेकर इमरजेंसी के बाहर पार्किंग में बैठ गए। बारिश हो रही थी और कुछ दूरी पर उनकी मासूम बेटी अपनी मां के शव के पास खड़ी रो रही थी। वह बार-बार मां को पुकारकर कहती रही—मां, बस एक बार उठ जाओ।
करीब दो घंटे तक परिवार इसी तरह मदद का इंतजार करता रहा।
इसी दौरान मेडिकल चौकी पर तैनात सिपाही अजय की नजर परिवार पर पड़ी। उन्होंने राहुल से बात कर पूरी स्थिति समझी और मदद के लिए आगे आए।
सिपाही ने राजाराम स्वयंसेवी संस्था के कोषाध्यक्ष श्यामसुंदर शर्मा से संपर्क किया। इसके बाद संस्था ने अपनी एंबुलेंस उपलब्ध कराई और रामवती का शव करीब 16 किलोमीटर दूर उनके गांव तक नि:शुल्क पहुंचाया गया।
इस मामले पर मेडिकल कॉलेज के सीएमएस सचिन माहुर ने कहा कि मरीज की मौत के बाद परिजनों को वाहन उपलब्ध कराया जाता है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने संभावना जताई कि शव लेने के बाद परिजनों ने डॉक्टरों को वाहन की जरूरत के बारे में जानकारी नहीं दी होगी।
फिलहाल इस घटना ने एक परिवार की आर्थिक बेबसी के साथ-साथ अस्पतालों में गरीब मरीजों के परिजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और उनकी जानकारी दिए जाने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
#स्वास्थ्य #झाँसी #गरीब #गरीबी #गरीबकीकहानी #उप्रस्वास्थ्यविभाग #झांसीमेडिकलकॉलेज #झांसीखबर #झाँसीन्यूज