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भिवानी में नरहड़ पीर से लौटते समय भीषण हादसा, ट्रक से टक्कर में महिला और 5 साल के बच्चे की मौत
Bhiwani, Bhiwani
| Oct 2, 2026
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जितने भी कोर्स हो हम करवाएगी महिलाओं को आगे भी लेकर जाना है?
Bhiwani, Bhiwani | Oct 2, 2026
भिवानी में नरहड़ पीर से लौटते समय भीषण हादसा, ट्रक से टक्कर में महिला और 5 साल के बच्चे की मौत #भिवानी #viralvideo #roadaccident #police #DSP
Bhiwani, Bhiwani | Oct 2, 2026
गांधी और शास्त्री के जीवन से सत्य, सेवा और कर्तव्य की प्रेरणा लें : परमसंत सतगुरु कंवर साहेब जी महाराज दिनोद। 02.10.2026।। आज का दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जैसे दो महापुरुषों को नमन करने का दिन है। दोनों महापुरुषों ने अपने जीवन से भारत के जनमानस के सामने उच्च संस्कारों की मिसाल प्रस्तुत की। महात्मा गांधी जीवन-शुचिता और सत्य के प्रतीक हैं, जबकि लाल बहादुर शास्त्री कर्तव्य, सादगी और ईमानदारी के। उनके जीवन का अनुसरण करके हम सामाजिक और आध्यात्मिक दोनों गुणों को अपने जीवन में अपना सकते हैं। यह विचार परमसंत सतगुरु कंवर साहेब जी महाराज ने दिनोद गांव स्थित राधास्वामी आश्रम में सत्संग के दौरान व्यक्त किए।उन्होंने साध संगत को आध्यात्मिक वचनों से पूर्व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। गांधी जयंती पर राष्ट्रपिता को स्मरण करते हुए गुरु महाराज जी ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन त्याग, समर्पण, दया, प्रेम और अहिंसा का साक्षात उदाहरण है। गांधी जी इंसान के दर्द को आत्मानुभूति से समझते थे। यही कारण था कि भारत की गरीब और वस्त्रहीन जनता को देखकर उन्होंने स्वयं भी न्यूनतम वस्त्रों में रहने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि गांधी जी के योगदान के बिना भारत के स्वतंत्रता संग्राम की कल्पना अधूरी है। लाल बहादुर शास्त्री जी को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि उनका जीवन सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि साधारण परिवार में जन्म लेने वाला व्यक्ति भी अपने आदर्शों और कर्मों के बल पर उच्च पद प्राप्त कर समाज और राष्ट्र के सामने आदर्श स्थापित कर सकता है। शास्त्री जी ने पद को प्रतिष्ठा का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा और जिम्मेदारी का दायित्व माना।गुरु महाराज जी ने कहा कि सत्संग केवल किसी आयोजन में बैठने का नाम नहीं है, बल्कि सत्य की संगति का नाम है। गांधी जी ने सत्य, अहिंसा, दया और त्याग को अपने जीवन की करणी बनाया, वहीं शास्त्री जी ने ईमानदारी, कर्तव्य और राष्ट्रसेवा को अपने आचरण में उतारा। इसलिए इन दोनों महापुरुषों का जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्चा आध्यात्मिक जीवन केवल वचनों तक सीमित नहीं होता, बल्कि हमारी करणी, कर्म, व्यवहार और दूसरों के प्रति दया-प्रेम में दिखाई देता है।उन्होंने कहा कि मानव जीवन तभी सार्थक बनता है जब हमारे कर्मों में सत्य हो, व्यवहार में प्रेम हो, हृदय में दया हो और जीवन में सेवा की भावना हो। श्रद्धा केवल माथा टेकने तक सीमित न रहे, बल्कि वह हमारे आचरण में दिखाई दे। गांधी और शास्त्री जी का जीवन हमें यही प्रेरणा देता है कि हम अपने कर्तव्यों को निष्ठा से निभाएं, जरूरतमंद की सहायता करें, किसी के प्रति द्वेष न रखें और समाज के हित में अपना योगदान दें। जब तक यह सृष्टि रहेगी, तब तक ये दोनों महापुरुष अपने आदर्शों के कारण पूज्य रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों को सत्य, सेवा, त्याग, सादगी और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देते रहेंगे।गुरु महाराज जी ने साध संगत से आह्वान किया कि महापुरुषों को केवल स्मरण करने के बजाय उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें। हम अपने पर्यावरण को शुद्ध और स्वच्छ रखेंगे, जल का संरक्षण करेंगे, प्रकृति की रक्षा करेंगे, माता-पिता की सेवा करेंगे, बड़े-बुजुर्गों का मान-सम्मान करेंगे, बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देंगे तथा सत्य और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। यही महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और मानव जीवन की सार्थकता है।
Bhiwani, Bhiwani | Oct 2, 2026
श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर में भागवत कथा के चौथे दिन धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, सत्य और धर्म का मार्ग अपनाने का संदेश देती है भागवत कथा : साध्वी करूणा गिरी महाराज भिवानी, 01 अक्तूबर : स्थानीय दादरी गेट स्थित श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का पावन प्रसंग सुनाया गया। यह सात दिवसीय दिव्य कथा 4 अक्तूबर तक प्रतिदिन सायं 3 बजे से 6 बजे तक आयोजित की जा रही है। कथा व्यास श्रीश्री 1008 साध्वी करूणा गिरी महाराज के मुखारविंद से बह रही ज्ञानगंगा में गोता लगाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंच रहे हैं। कथा के चौथे दिन जैसे ही साध्वी करूणा गिरी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का वर्णन शुरू किया, पूरा मंदिर परिसर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर नृत्य किया और एक-दूसरे को बधाई दी। इस अवसर पर महंत चरणदास महाराज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। अपने प्रवचनों में साध्वी करूणा गिरी महाराज ने कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म, अत्याचार और असुरक्षा बढ़ती है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और भक्तों के कल्याण के लिए अवतार लेते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, सत्य और धर्म का मार्ग कभी नहीं छोडऩा चाहिए। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने मात्र से मनुष्य के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में सकारात्मकता एवं शांति का संचार होता है। कथा के सफल आयोजन में हुकमपुरिया परिवार का विशेष योगदान है। मुख्य आयोजक राजेंद्र अग्रवाल एवं दिनेश अग्रवाल ने बताया कि धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए इस कथा का आयोजन किया गया है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर 4 अक्तूबर तक चलने वाली इस अमर कथा का श्रवण करें और पुण्य के भागी बनें। इस अवसर पर रामदेव तायल, अधिवक्ता सुरेंद्र जैन, विजय किशन धारेडू, सुभाष जैन, राजेंद्र प्रसाद गर्ग, विनोद श्योराण, नत्थुराम केडिया, पूर्व सरपंच देवराज तोशामिया सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
Bhiwani, Bhiwani | Oct 1, 2026
भिवानी में पेड़ से लटकी पॉलीथिन में मिले नवजात बच्चे की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत; पुलिस माता-पिता और आरोपी की तलाश में जुटी
Bhiwani, Bhiwani | Oct 1, 2026
दिसंबर टर्म परीक्षा के लिए आईसीएमएआई भिवानी चैप्टर ने लगाया हेल्प डेस्क, आवेदन प्रक्रिया में छात्रों को दिया मार्गदर्शन परीक्षा फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर, अंतिम समय की असुविधा से बचने के लिए समय पर आवेदन की अपील भिवानी, 01 अक्तूबर : दिसंबर टर्म परीक्षा 2026 के लिए विद्यार्थियों को परीक्षा आवेदन पत्र भरने एवं जमा करने की प्रक्रिया में आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (आईसीएमएआई) भिवानी चैप्टर द्वारा वीरवार को एक समर्पित हेल्प डेस्क का आयोजन किया गया। हेल्प डेस्क के माध्यम से विद्यार्थियों को परीक्षा आवेदन प्रक्रिया, आवेदन पत्र भरने, ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया तथा परीक्षा से संबंधित विभिन्न प्रश्नों एवं समस्याओं के समाधान के संबंध में व्यापक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विद्यार्थियों को आवेदन प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के लिए आवश्यक जानकारी एवं सहायता भी उपलब्ध कराई गई। आईसीएमएआई भिवानी चैप्टर के चेयरमैन सीएमए संदीप शर्मा ने विद्यार्थियों को परीक्षा आवेदन प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया तथा उनकी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं के त्वरित समाधान में सहयोग किया। इस पहल के सफल आयोजन में वाइस चेयरमैन सीएमए दीपक मेहता, सचिव सीएएम विजय कुमार शर्मा तथा भिवानी चैप्टर के प्रबंध समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण सहयोग एवं योगदान रहा। दिसंबर टर्म परीक्षा 2026 के लिए परीक्षा आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर निर्धारित है। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना परीक्षा आवेदन पत्र भरकर जमा करें, ताकि अंतिम समय में होने वाली किसी भी असुविधा से बचा जा सके। हेल्प डेस्क का बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने लाभ उठाया तथा परीक्षा आवेदन पत्र भरने, जमा करने से संबंधित प्रश्नों एवं अन्य परीक्षा संबंधी विषयों पर आवश्यक सहायता एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। यह पहल विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी रही तथा इससे उन्हें परीक्षा आवेदन प्रक्रिया को सुचारु एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने में आवश्यक सहयोग प्राप्त हुआ। सीएमए भिवानी चैप्टर विद्यार्थियों को निरंतर आवश्यक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा विद्यार्थियों से अपेक्षा करता है कि वे उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और आवश्यकता पडऩे पर चैप्टर से मार्गदर्शन प्राप्त करें।
Bhiwani, Bhiwani | Oct 1, 2026
भिवानी में पेड़ से लटकी पॉलीथिन में मिले नवजात बच्चे की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत; पुलिस माता-पिता और आरोपी की तलाश में जुटी
Bhiwani, Bhiwani | Oct 1, 2026
क्या ये सच है... हा हा हा
Bhiwani, Bhiwani | Oct 1, 2026