#पत्नी_की_तपस्या_से_पति_लौटा..
भरतपुर। 20 साल से लापता पति के लौटने की आस संजोए बैठी पत्नी का भरोसा आखिरकार रंग लाया। झारखंड से मुंबई गए परशुराम महतो के न लौटने पर परिजनों ने उन्हें मृत मान लिया था, लेकिन पत्नी मालती ने कभी सुहाग की निशानियां नहीं उतारीं और हर साल करवा चौथ का व्रत रखती रहीं। भरतपुर के 'अपना घर आश्रम' में इलाज के बाद जब मानसिक रूप से स्वस्थ हुए परशुराम की पहचान हुई, तो बिछड़ा परिवार खुशी के आंसुओं में डूब गया। पत्नी की अटूट श्रद्धा ने दो दशक बाद उजड़ी गृहस्थी को फिर से रोशन कर दिया।