#महंगी_चांदी_ने_बहनों_का_हिसाब_बिगाड़ा..
भरतपुर। शहर के सर्राफा बाजार में रक्षाबंधन के मौके पर चांदी की आसमान छूती कीमतों ने बहनों की खुशियों का रंग फीका कर दिया है। पिछले साल 250 से 300 रुपये में मिलने वाली साधारण चांदी की राखी इस बार 800 से 1200 रुपये तक बिक रही है, जिससे व्यापार में करीब 70 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। अधिकांश लोग दुकानों पर भाव पूछकर ही लौट रहे हैं। ज्वेलर्स के अनुसार, 500 रुपये से कम में टिकाऊ राखी बनाना नामुमकिन हो गया है, क्योंकि 2 ग्राम चांदी की मूल लागत ही 500 रुपये के करीब बैठती है। शहर के प्रसिद्ध ज्वेलर्स राजकुमार तिलकधारी का कहना है कि, पिछले साल जहां रक्षाबंधन पर उनका 3 से 4 लाख रुपये का कारोबार हुआ था, वहीं इस साल यह बिक्री महज 15 से 20 हजार रुपये तक सिमट कर रह गई है। हालांकि, बाजार के इस निराशाजनक माहौल के बीच भाई-बहन के पवित्र प्रेम और त्योहार की अटूट भावना की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर भी सामने आई, जहां गुड्डी देवी नाम की एक महिला अपने 11 भाइयों के लिए चांदी की राखियां खरीदने पहुंचीं। गुड्डी देवी ने माना कि चांदी के भाव पिछले साल की तुलना में बहुत ज्यादा बढ़ चुके हैं और इतने बड़े परिवार के लिए खरीदारी करना बजट से बाहर जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने सभी 11 भाइयों की कलाई पर चांदी की राखी ही बांधना चाहती हैं। ज्ञात रहे कि पिछले साल चांदी का भाव करीब 80-90 हजार रुपए प्रति किलो के आसपास चल रहा था। इसके बाद चांदी ने उड़ान भरी और यह 4.18 लाख रुपए प्रति किलो के अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इसके बाद चांदी में कुछ गिरावट देखी गई और भाव घटकर करीब 2.08 लाख रुपए तक आ गया। फिलहाल बाजार की स्थिति की बात करें तो शुद्ध चांदी का भाव करीब 2.30 लाख से 2.32 लाख रुपए प्रति किलो के आसपास बना हुआ है, जबकि आभूषण या जेवर बनाने वाली चांदी का भाव करीब 2.10 लाख रुपए प्रति किलो चल रहा है।