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दिल्ली संसद में 20 जुलाई और झारखंड विधानसभा में 10 अगस्त के अलग अलग नजारे.. बस ये फर्क है 20 दिनों में.. बाकी तो हर सरकार का चरित्र एक जैसा ही होता है..

Bharatpur, Bharatpur | Aug 10, 2026

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#भरतपुर। रूपवास क्षेत्र की ग्राम पंचायत चैंकोरा के ग्राम भिडयानी में काला पट्टा स्थित गैर मुमकिन खान की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को लेकर विवाद गहरा गया है। सरपंच प्रेमचंद और ग्रामीणों ने तहसीलदार से खसरा नंबर 51 और 49 दोनों की पैमाइश कराने की मांग की थी, लेकिन आरोप है कि तहसीलदार ने सिर्फ खसरा नंबर 51 की ही नाप-जोख करवाई। ​इस कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों और सरपंच के पिता ने प्रशासन पर भू-माफियाओं से कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि निष्पक्ष स्थिति तभी साफ होगी जब खसरा नंबर 49 और 51 दोनों का संयुक्त सीमांकन किया जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोनों खसरों की पैमाइश करवाकर सरकारी भूमि से तुरंत अवैध कब्जा हटाया जाए, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए और वहां 'सरकारी भूमि' का सूचना बोर्ड लगाया जाए।

#भरतपुर। रूपवास क्षेत्र की ग्राम पंचायत चैंकोरा के ग्राम भिडयानी में काला पट्टा स्थित गैर मुमकिन खान की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को लेकर विवाद गहरा गया है। सरपंच प्रेमचंद और ग्रामीणों ने तहसीलदार से खसरा नंबर 51 और 49 दोनों की पैमाइश कराने की मांग की थी, लेकिन आरोप है कि तहसीलदार ने सिर्फ खसरा नंबर 51 की ही नाप-जोख करवाई। ​इस कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों और सरपंच के पिता ने प्रशासन पर भू-माफियाओं से कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि निष्पक्ष स्थिति तभी साफ होगी जब खसरा नंबर 49 और 51 दोनों का संयुक्त सीमांकन किया जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोनों खसरों की पैमाइश करवाकर सरकारी भूमि से तुरंत अवैध कब्जा हटाया जाए, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए और वहां 'सरकारी भूमि' का सूचना बोर्ड लगाया जाए।

Bharatpur, Bharatpur | Aug 10, 2026

#महंगी_चांदी_ने_बहनों_का_हिसाब_बिगाड़ा..
भरतपुर। शहर के सर्राफा बाजार में रक्षाबंधन के मौके पर चांदी की आसमान छूती कीमतों ने बहनों की खुशियों का रंग फीका कर दिया है। पिछले साल 250 से 300 रुपये में मिलने वाली साधारण चांदी की राखी इस बार 800 से 1200 रुपये तक बिक रही है, जिससे व्यापार में करीब 70 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। अधिकांश लोग दुकानों पर भाव पूछकर ही लौट रहे हैं। ज्वेलर्स के अनुसार, 500 रुपये से कम में टिकाऊ राखी बनाना नामुमकिन हो गया है, क्योंकि 2 ग्राम चांदी की मूल लागत ही 500 रुपये के करीब बैठती है। शहर के प्रसिद्ध ज्वेलर्स राजकुमार तिलकधारी का कहना है कि, पिछले साल जहां रक्षाबंधन पर उनका 3 से 4 लाख रुपये का कारोबार हुआ था, वहीं इस साल यह बिक्री महज 15 से 20 हजार रुपये तक सिमट कर रह गई है। हालांकि, बाजार के इस निराशाजनक माहौल के बीच भाई-बहन के पवित्र प्रेम और त्योहार की अटूट भावना की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर भी सामने आई, जहां गुड्डी देवी नाम की एक महिला अपने 11 भाइयों के लिए चांदी की राखियां खरीदने पहुंचीं। गुड्डी देवी ने माना कि चांदी के भाव पिछले साल की तुलना में बहुत ज्यादा बढ़ चुके हैं और इतने बड़े परिवार के लिए खरीदारी करना बजट से बाहर जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने सभी 11 भाइयों की कलाई पर चांदी की राखी ही बांधना चाहती हैं। ज्ञात रहे कि पिछले साल चांदी का भाव करीब 80-90 हजार रुपए प्रति किलो के आसपास चल रहा था। इसके बाद चांदी ने उड़ान भरी और यह 4.18 लाख रुपए प्रति किलो के अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इसके बाद चांदी में कुछ गिरावट देखी गई और भाव घटकर करीब 2.08 लाख रुपए तक आ गया। फिलहाल बाजार की स्थिति की बात करें तो शुद्ध चांदी का भाव करीब 2.30 लाख से 2.32 लाख रुपए प्रति किलो के आसपास बना हुआ है, जबकि आभूषण या जेवर बनाने वाली चांदी का भाव करीब 2.10 लाख रुपए प्रति किलो चल रहा है।

#महंगी_चांदी_ने_बहनों_का_हिसाब_बिगाड़ा.. भरतपुर। शहर के सर्राफा बाजार में रक्षाबंधन के मौके पर चांदी की आसमान छूती कीमतों ने बहनों की खुशियों का रंग फीका कर दिया है। पिछले साल 250 से 300 रुपये में मिलने वाली साधारण चांदी की राखी इस बार 800 से 1200 रुपये तक बिक रही है, जिससे व्यापार में करीब 70 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। अधिकांश लोग दुकानों पर भाव पूछकर ही लौट रहे हैं। ज्वेलर्स के अनुसार, 500 रुपये से कम में टिकाऊ राखी बनाना नामुमकिन हो गया है, क्योंकि 2 ग्राम चांदी की मूल लागत ही 500 रुपये के करीब बैठती है। शहर के प्रसिद्ध ज्वेलर्स राजकुमार तिलकधारी का कहना है कि, पिछले साल जहां रक्षाबंधन पर उनका 3 से 4 लाख रुपये का कारोबार हुआ था, वहीं इस साल यह बिक्री महज 15 से 20 हजार रुपये तक सिमट कर रह गई है। हालांकि, बाजार के इस निराशाजनक माहौल के बीच भाई-बहन के पवित्र प्रेम और त्योहार की अटूट भावना की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर भी सामने आई, जहां गुड्डी देवी नाम की एक महिला अपने 11 भाइयों के लिए चांदी की राखियां खरीदने पहुंचीं। गुड्डी देवी ने माना कि चांदी के भाव पिछले साल की तुलना में बहुत ज्यादा बढ़ चुके हैं और इतने बड़े परिवार के लिए खरीदारी करना बजट से बाहर जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने सभी 11 भाइयों की कलाई पर चांदी की राखी ही बांधना चाहती हैं। ज्ञात रहे कि पिछले साल चांदी का भाव करीब 80-90 हजार रुपए प्रति किलो के आसपास चल रहा था। इसके बाद चांदी ने उड़ान भरी और यह 4.18 लाख रुपए प्रति किलो के अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इसके बाद चांदी में कुछ गिरावट देखी गई और भाव घटकर करीब 2.08 लाख रुपए तक आ गया। फिलहाल बाजार की स्थिति की बात करें तो शुद्ध चांदी का भाव करीब 2.30 लाख से 2.32 लाख रुपए प्रति किलो के आसपास बना हुआ है, जबकि आभूषण या जेवर बनाने वाली चांदी का भाव करीब 2.10 लाख रुपए प्रति किलो चल रहा है।

Bharatpur, Bharatpur | Aug 10, 2026

#बड़े_नेताओं_की_असली_राजनीति..

संसद में घमासान, टीवी चैनलों पर तीखी बयानबाजियां और सड़कों पर एक-दूसरे के खिलाफ चौबीसों घंटे 'महायुद्ध'! लेकिन जैसे ही सुप्रिया सुले की सुपुत्री के विवाह समारोह का मंच सजता है, सारे 'सिद्धांत' और 'मतभेद' वीआईपी मेहमानों की कुर्सियों के पीछे छिप जाते हैं। 

एक ही फ्रेम में गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और शरद पवार! संसद ठप रहे तो रहे, पर सियासी रिश्तों की ट्यूनिंग हमेशा सुपरहिट रहती है। 

राजनीति सिर्फ आम कार्यकर्ताओं के लिए एक 'जंग' है, बाकी बड़े नेताओं के लिए तो बस एक 'रंग' है! 👇

#बड़े_नेताओं_की_असली_राजनीति.. संसद में घमासान, टीवी चैनलों पर तीखी बयानबाजियां और सड़कों पर एक-दूसरे के खिलाफ चौबीसों घंटे 'महायुद्ध'! लेकिन जैसे ही सुप्रिया सुले की सुपुत्री के विवाह समारोह का मंच सजता है, सारे 'सिद्धांत' और 'मतभेद' वीआईपी मेहमानों की कुर्सियों के पीछे छिप जाते हैं। एक ही फ्रेम में गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और शरद पवार! संसद ठप रहे तो रहे, पर सियासी रिश्तों की ट्यूनिंग हमेशा सुपरहिट रहती है। राजनीति सिर्फ आम कार्यकर्ताओं के लिए एक 'जंग' है, बाकी बड़े नेताओं के लिए तो बस एक 'रंग' है! 👇

Bharatpur, Bharatpur | Aug 10, 2026

दिल्ली संसद में 20 जुलाई और झारखंड विधानसभा में 10 अगस्त के अलग अलग नजारे.. बस ये फर्क है 20 दिनों में.. बाकी तो हर सरकार का चरित्र एक जैसा ही होता है.. - Bharatpur News